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मां के कत्ल में बेटा दोषी करार
Updated Tue, 29 Aug 2017 12:44 AM IST
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मां के कत्ल में बेटा दोषी करार
मुजफ्फरनगर। अदालत ने पुत्र को मां की हत्या करने का दोषी करार दिया है। महिला से अनैतिक संबंध का विरोध करने पर बेटे ने छह साल पहले मां की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वह तभी से जेल में बंद है। सजा पर कोर्ट में सुनवाई 30 अगस्त को होगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार भोपा के गांव रहमतपुर में छह साल पहले बेटे ने मां की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के संबंध में 19 नवंबर 2011 को थाना भोपा पर रहमतपुर के सोनू पुत्र भागमल ने अपने भाई के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसका भाई लवकुश गांव की एक महिला के साथ अनैतिक संबंध रखता है, जिसका उसकी मां सरोज विरोध करती थी। इसी बात से नाराज होकर लवकुश ने महिला के साथ मिलकर 19 नवंबर 2011 को घर में आकर मां सरोज की गोली मारकर हत्या कर दी। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे गौरव श्रीवास्तव की कोर्ट संख्या (दो) में हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता इनाम इलाही त्यागी ने कोर्ट में आठ गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त लवकुश को अपनी मां की हत्या करने का दोषी करार दिया। सह अभियुक्त मीना को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। सजा 30 अगस्त को सुनाई जाएगी।
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मुजफ्फरनगर। अदालत ने पुत्र को मां की हत्या करने का दोषी करार दिया है। महिला से अनैतिक संबंध का विरोध करने पर बेटे ने छह साल पहले मां की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वह तभी से जेल में बंद है। सजा पर कोर्ट में सुनवाई 30 अगस्त को होगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार भोपा के गांव रहमतपुर में छह साल पहले बेटे ने मां की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के संबंध में 19 नवंबर 2011 को थाना भोपा पर रहमतपुर के सोनू पुत्र भागमल ने अपने भाई के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसका भाई लवकुश गांव की एक महिला के साथ अनैतिक संबंध रखता है, जिसका उसकी मां सरोज विरोध करती थी। इसी बात से नाराज होकर लवकुश ने महिला के साथ मिलकर 19 नवंबर 2011 को घर में आकर मां सरोज की गोली मारकर हत्या कर दी। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे गौरव श्रीवास्तव की कोर्ट संख्या (दो) में हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता इनाम इलाही त्यागी ने कोर्ट में आठ गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त लवकुश को अपनी मां की हत्या करने का दोषी करार दिया। सह अभियुक्त मीना को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। सजा 30 अगस्त को सुनाई जाएगी।
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