{"_id":"5bef0926bdec22697c0a995a","slug":"181542392102-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दहेज हत्या में पति को दस वर्ष की सजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दहेज हत्या में पति को दस वर्ष की सजा
Updated Fri, 16 Nov 2018 11:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सबूत के अभाव में सास-ससुर हुए बरी
मुजफ्फरनगर। अदालत ने विवाहिता की दहेज हत्या के मामले में पति को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सबूत के अभाव में सास और सुसर को बरी कर दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार शामली जिले के कांधला थाना क्षेत्र के गांव आल्दी में 31 जुलाई 2013 को विवाहिता पुष्पा पत्नी मिथुन की दहेज में बाइक की मांग पूरी न होने पर जिंदा जला कर हत्या कर दी गई थी। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे बलराज सिंह की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-2 में हुई। एडीजीसी सीताराम आर्य ने कोर्ट में सात गवाह पेश किए। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनते हुए आरोपी पति मिथुन को दोषी करार देते हुए दस वर्ष के कारावास और तीन हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है, जबकि सबूत के अभाव में ससुर मोतीराम और सास शर्मिला को बरी कर दिया।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। अदालत ने विवाहिता की दहेज हत्या के मामले में पति को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सबूत के अभाव में सास और सुसर को बरी कर दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार शामली जिले के कांधला थाना क्षेत्र के गांव आल्दी में 31 जुलाई 2013 को विवाहिता पुष्पा पत्नी मिथुन की दहेज में बाइक की मांग पूरी न होने पर जिंदा जला कर हत्या कर दी गई थी। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे बलराज सिंह की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-2 में हुई। एडीजीसी सीताराम आर्य ने कोर्ट में सात गवाह पेश किए। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनते हुए आरोपी पति मिथुन को दोषी करार देते हुए दस वर्ष के कारावास और तीन हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है, जबकि सबूत के अभाव में ससुर मोतीराम और सास शर्मिला को बरी कर दिया।
विज्ञापन