{"_id":"5bce1ef7bdec22695c1f54f8","slug":"161540234999-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन दिन पहले घर से फरार हुआ था प्रेमी युगल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
तीन दिन पहले घर से फरार हुआ था प्रेमी युगल
Updated Tue, 23 Oct 2018 12:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन दिन पहले घर से फरार हुआ था प्रेमी युगल
भौराकलां/तितावी (मुजफ्फरनगर)। कैराना में एक मकान की छत पर जहर खाकर जान देने वाला दलित प्रेमी युगल तीन दिन पूर्व घर से दूसरी बार फरार हुआ था। करीब डेढ़ माह पूर्व भी दोनों फरार हो गए थे। इसके बाद लौट आए थे। परिजन रिश्तेदारी के नाते युवक और युवक की शादी के रिश्ते को तैयार नहीं थे। इससे खफा प्रेमी युगल तीन दिन पूर्व दोनों एक साथ घरों से निकले थे, जिसके लिए उन्होंने सल्फास भी पहले ही खरीदकर रखा हुआ था। दोनों के आत्महत्या करने के बाद शाम उनके शवों को पीड़ित परिजन अपने-अपने घर ले गए, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।
कैराना के मोहल्ला अलदरम्यिान निवासी अपरिचित बुग्गी चालक चुन्नू के घर की छत पर जाकर सल्फास खाकर आत्महत्या करने वाले दलित प्रेमी युगल सिसौली निवासी दीपक पुत्र प्रेम सिंह और लालूखेड़ी निवासी सुनीता पुत्री प्रदीप के बीच करीब एक साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दरअसल, दीपक की बड़ी बहन बबली की शादी लालूखेड़ी निवासी युवक से हुई थी। बबली की ससुराल के पड़ोस में रहने वाली सुनीता पुत्री प्रदीप का उसके घर आना-जाना था, जहां उसकी मुलाकात दीपक से हुई थी, जिसके बाद दोनों के बीच प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। इसके बाद दीपक बहन बबली से मिलने के बहाने आए दिन लालूखेड़ी आने-जाने लगा था। करीब डेढ़ माह पूर्व दीपक व सुनीता अपने-अपने घरों से फरार हो गए और करीब एक माह बाद लौटे। दोनों को उम्मीद थी कि परिजन सजातीय व दूर की रिश्तेदारी होने के नाते उनके रिश्ते को स्वीकार कर उनकी शादी करा देंगे, लेकिन परिजनों ने उनके रिश्ते को सिरे से नकार दिया। इसके चलते तीन दिन पूर्व दोनों फिर से अपने घरों से फरार हो गए, लेकिन इस बार उनकी प्लानिंग कुछ और ही थी, जिसके लिए दीपक द्वारा पहले से ही सल्फास खरीदकर अपने पास रख लिया गया था। पुलिस के अनुसार जांच में आया है कि दीपक व सुनीता दो दिन इधर-उधर भटकने के बाद रविवार शाम कैराना में रहने वाले एक परिचित के यहां पहुंचे, लेकिन उसने उन्हें आसरा देने से इंकार कर दिया। इस पर प्रेमी युगल इधर-उधर घूमते हुए देर रात मोहल्ला अलदरम्यिान में जा पहुंचा, जहां इत्तेफाक से बुग्गी चालक चुन्नू के घर का दरवाजा खुला था, जहां से दोनों उसके मकान की छत पर पहुंच गए। वहां दोनों ने एक-दूसरे के हाथों में हाथ देकर सल्फास खा लिया, जिससे उनकी मौत हो गई। प्रेमी युगल की पहचान उनके आधार कार्ड के आधार पर हुई, जिसके बाद कैराना पुलिस ने उनके परिजनों को दोनों के हादसे में घायल होने की जानकारी देकर कैराना बुलाया और उनकी मौत की सूचना दी। इसके बाद सोमवार को ही दोनों के शव पोस्टमार्टम के बाद उनके परिजनों के हवाले कर दिए गए, जिनका शाम के समय गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
परिजनों को दी थी अंबाला में नौकरी करने की जानकारी
भौराकलां। सिसौली के मोहल्ला अरविंद निवासी दीपक पुत्र प्रेमसिंह करीब डेढ़ माह पूर्व परिजनों को अंबाला में नौकरी करने जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन यहां से जाने के बाद वह सुनीता को लेकर फरार हो गया था। लोकलाज के भय से दोनों के ही परिजनों ने पुलिस को उनकी गुमशुदगी की जानकारी नहीं दी थी। एक माह बाद लौटने के बाद तीन दिन पूर्व दोनों फिर फरार हो गए, लेकिन इस बार भी उनके परिजनों ने किसी तरह की तहरीर नहीं दी है।
विज्ञापन
छह भाई-बहनों में पांचवें नंबर का था दीपक
भौराकलां। सिसौली निवासी दलित प्रेमसिंह मजदूरी करता है। दीपक उसके छह बच्चों में पांचवें नंबर का था। उसकी दो बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है, जिनमें से बबली की शादी लालूखेड़ी में हुई थी, जिसकी रिश्ते की ननद सुनीता से उसका प्रेम प्रसंग हो गया था। दीपक के अन्य भाइईयों में राहुल, डिम्पी व छोटू हैं, जो सभी अविवाहित हैं।
विज्ञापन
भौराकलां/तितावी (मुजफ्फरनगर)। कैराना में एक मकान की छत पर जहर खाकर जान देने वाला दलित प्रेमी युगल तीन दिन पूर्व घर से दूसरी बार फरार हुआ था। करीब डेढ़ माह पूर्व भी दोनों फरार हो गए थे। इसके बाद लौट आए थे। परिजन रिश्तेदारी के नाते युवक और युवक की शादी के रिश्ते को तैयार नहीं थे। इससे खफा प्रेमी युगल तीन दिन पूर्व दोनों एक साथ घरों से निकले थे, जिसके लिए उन्होंने सल्फास भी पहले ही खरीदकर रखा हुआ था। दोनों के आत्महत्या करने के बाद शाम उनके शवों को पीड़ित परिजन अपने-अपने घर ले गए, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।
कैराना के मोहल्ला अलदरम्यिान निवासी अपरिचित बुग्गी चालक चुन्नू के घर की छत पर जाकर सल्फास खाकर आत्महत्या करने वाले दलित प्रेमी युगल सिसौली निवासी दीपक पुत्र प्रेम सिंह और लालूखेड़ी निवासी सुनीता पुत्री प्रदीप के बीच करीब एक साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दरअसल, दीपक की बड़ी बहन बबली की शादी लालूखेड़ी निवासी युवक से हुई थी। बबली की ससुराल के पड़ोस में रहने वाली सुनीता पुत्री प्रदीप का उसके घर आना-जाना था, जहां उसकी मुलाकात दीपक से हुई थी, जिसके बाद दोनों के बीच प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। इसके बाद दीपक बहन बबली से मिलने के बहाने आए दिन लालूखेड़ी आने-जाने लगा था। करीब डेढ़ माह पूर्व दीपक व सुनीता अपने-अपने घरों से फरार हो गए और करीब एक माह बाद लौटे। दोनों को उम्मीद थी कि परिजन सजातीय व दूर की रिश्तेदारी होने के नाते उनके रिश्ते को स्वीकार कर उनकी शादी करा देंगे, लेकिन परिजनों ने उनके रिश्ते को सिरे से नकार दिया। इसके चलते तीन दिन पूर्व दोनों फिर से अपने घरों से फरार हो गए, लेकिन इस बार उनकी प्लानिंग कुछ और ही थी, जिसके लिए दीपक द्वारा पहले से ही सल्फास खरीदकर अपने पास रख लिया गया था। पुलिस के अनुसार जांच में आया है कि दीपक व सुनीता दो दिन इधर-उधर भटकने के बाद रविवार शाम कैराना में रहने वाले एक परिचित के यहां पहुंचे, लेकिन उसने उन्हें आसरा देने से इंकार कर दिया। इस पर प्रेमी युगल इधर-उधर घूमते हुए देर रात मोहल्ला अलदरम्यिान में जा पहुंचा, जहां इत्तेफाक से बुग्गी चालक चुन्नू के घर का दरवाजा खुला था, जहां से दोनों उसके मकान की छत पर पहुंच गए। वहां दोनों ने एक-दूसरे के हाथों में हाथ देकर सल्फास खा लिया, जिससे उनकी मौत हो गई। प्रेमी युगल की पहचान उनके आधार कार्ड के आधार पर हुई, जिसके बाद कैराना पुलिस ने उनके परिजनों को दोनों के हादसे में घायल होने की जानकारी देकर कैराना बुलाया और उनकी मौत की सूचना दी। इसके बाद सोमवार को ही दोनों के शव पोस्टमार्टम के बाद उनके परिजनों के हवाले कर दिए गए, जिनका शाम के समय गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
विज्ञापन
परिजनों को दी थी अंबाला में नौकरी करने की जानकारी
भौराकलां। सिसौली के मोहल्ला अरविंद निवासी दीपक पुत्र प्रेमसिंह करीब डेढ़ माह पूर्व परिजनों को अंबाला में नौकरी करने जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन यहां से जाने के बाद वह सुनीता को लेकर फरार हो गया था। लोकलाज के भय से दोनों के ही परिजनों ने पुलिस को उनकी गुमशुदगी की जानकारी नहीं दी थी। एक माह बाद लौटने के बाद तीन दिन पूर्व दोनों फिर फरार हो गए, लेकिन इस बार भी उनके परिजनों ने किसी तरह की तहरीर नहीं दी है।
विज्ञापन
छह भाई-बहनों में पांचवें नंबर का था दीपक
भौराकलां। सिसौली निवासी दलित प्रेमसिंह मजदूरी करता है। दीपक उसके छह बच्चों में पांचवें नंबर का था। उसकी दो बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है, जिनमें से बबली की शादी लालूखेड़ी में हुई थी, जिसकी रिश्ते की ननद सुनीता से उसका प्रेम प्रसंग हो गया था। दीपक के अन्य भाइईयों में राहुल, डिम्पी व छोटू हैं, जो सभी अविवाहित हैं।