{"_id":"5a4d2ceb4f1c1b4a198b4aab","slug":"161515007211-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वीडियो वायरल मामले में दो लोगों से पूछताछ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
वीडियो वायरल मामले में दो लोगों से पूछताछ
Updated Thu, 04 Jan 2018 12:58 AM IST
विज्ञापन
मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। सोशल मीडिया पर वायरल हुई देवी-देवताओं के पोस्टर फाड़ने वाली वीडियो के मामले में मंसूरपुर पुलिस ने गांव नोना के अध्यापक समेत दो लोगों को हिरासत में लिया है।
मंसूरपुर इंस्पेक्टर केपीएस चाहल बताया कि दो दिन पूर्व सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुई थी। उस वीडियो वायरल की जांच-पड़ताल कराई गई। यह मामला गांव नोना के रहने वाले नैन सिंह के घर का निकला है। नैनसिंह गांव के स्कूल में अध्यापक भी हैं। वीडियो वायरल में इनके घर से भीम युवा संगठन के पदाधिकारियों द्वारा देवी-देवताओं के पोस्टर फाड़े गए थे और परिवार की महिला से कहा गया था कि वह अपने घरों में सिर्फ बाबा साहब की, गुरु रविदास जी के आगे ही अपने शीश झुकाओ। इस मामले में अध्यापक नैनसिंह व गांव के ही सतीश को पूछताछ करने के लिए हिरासत में लिया गया है। अभी तक की पूछताछ में वीडियो वायरल को लेकर इन दोनों की भूमिका निकलकर सामने नहीं आई है। हिरासत में लिए गए अध्यापक ने बताया कि जिस समय संगठन के लोग उनके घर पर आए, वह घर पर नहीं थे। घर में सिर्फ महिलाएं थीं। देवी-देवताओं में उनका पूरा विश्वास है, उन्होंने उतारे गए सभी देवी-देवताओं के पोस्टर दोबारा लगा दिए हैं।
विज्ञापन
मंसूरपुर इंस्पेक्टर केपीएस चाहल बताया कि दो दिन पूर्व सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुई थी। उस वीडियो वायरल की जांच-पड़ताल कराई गई। यह मामला गांव नोना के रहने वाले नैन सिंह के घर का निकला है। नैनसिंह गांव के स्कूल में अध्यापक भी हैं। वीडियो वायरल में इनके घर से भीम युवा संगठन के पदाधिकारियों द्वारा देवी-देवताओं के पोस्टर फाड़े गए थे और परिवार की महिला से कहा गया था कि वह अपने घरों में सिर्फ बाबा साहब की, गुरु रविदास जी के आगे ही अपने शीश झुकाओ। इस मामले में अध्यापक नैनसिंह व गांव के ही सतीश को पूछताछ करने के लिए हिरासत में लिया गया है। अभी तक की पूछताछ में वीडियो वायरल को लेकर इन दोनों की भूमिका निकलकर सामने नहीं आई है। हिरासत में लिए गए अध्यापक ने बताया कि जिस समय संगठन के लोग उनके घर पर आए, वह घर पर नहीं थे। घर में सिर्फ महिलाएं थीं। देवी-देवताओं में उनका पूरा विश्वास है, उन्होंने उतारे गए सभी देवी-देवताओं के पोस्टर दोबारा लगा दिए हैं।
विज्ञापन