{"_id":"5a4a8ac74f1c1b10788b5fbe","slug":"161514834631-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कूड़े पर मिला नवजात बच्ची का शव","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कूड़े पर मिला नवजात बच्ची का शव
Updated Tue, 02 Jan 2018 12:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कूड़े पर मिला नवजात बच्ची का शव
पुरकाजी (मुजफ्फरनगर)। बेटी होना क्या गुनाह है, पुरकाजी की घटना तो यही साबित कर रही है। नन्हीं जान शायद पुकार रही होगी कि मां, मैं बेटी थी इसलिए...या कोई मजबूरी। बच्ची का शव मिलने की घटना से चेयरमैन और भाकियू कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। लगातार क्षेत्र में बढ़ रही इस तरह की घटनाओं पर रोष जताया। आनन-फानन में जिले से स्वास्थ्य विभाग की टीम पुरकाजी पहुंची। यहां पर कार्यकर्ताओं ने चिकित्सकों का घेराव कर झोलाछापों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
घटना पुरकाजी के धमात जाने वाले मार्ग पर सोमवार सुबह 10 बजे की है। बेटी के लिए शब्द घर की लक्ष्मी जुबानी तौर पर ही अच्छा लगता है। कूड़े के ढेर पर मिले नवजात बच्ची के शव ने अनेक रहस्यों से खुद-ब-खुद पर्दा हटाया है। कूड़े पर पड़ी नवजात देखकर लोग हैरान रह गए। बच्ची का शव पालीथिन में लिपटा हुआ था। आहार नाल कटी है, लेकिन शरीर कई जगह ब्लड के धब्बे मिले हैं। कहीं कोई कटने या फटने का निशान नहीं था। माना जा रहा है कि रविवार देर रात को नवजात बच्ची को जिंदा ही कूड़े के ढेर पर डाला गया है, जिसकी ठंड लगने से मृत्यु हुई है। उधर, मामले को लेकर चेयरमैन जहीर फारूकी समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से कस्बे में अवैध रूप से प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टरों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। तत्काल मामले की जांच के लिए भाकियू कार्यकर्ता और चेयरमैन अस्पताल में धरने पर बैठ गए। हंगामे की खबर पाकर एसीएमओ सरन सिंह और प्रभारी निरीक्षक कुलदीप सिंह मौके पर पहुंचे और धरनारत लोगों से वार्ता की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि कस्बे में फर्जी रूप से चिकित्सक सक्रिय हैं, जो गर्भपात कराने के साथ अनेक अवैध कार्य कर रहे हैं। अप्रैल माह में भी पुरकाजी में चार भ्रूण मिले थे, तब कई चिकित्सकों पर कार्रवाई की तैयारी की गई थी, लेकिन बाद में उसे रफा-दफा कर दिया। थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने मामले में अज्ञात में मुकदमा दर्ज कर लिया है। धरना देने वालों में इरशाद फरीदी, मोहसीन, अकील अहमद, अतीक अहमद, सरताज फरीदी, डॉ खुर्रम, डॉ चांद, सद्दू गाडा, आलम मेंबर आदि मौजूद रहे। उधर, सोमवार को करीब चार बजे स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ पूनम लता के नेतृत्व में टीम ने कस्बे में छापामारी कर प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टरों के कागजातों की जांच-पड़ताल की है। इससे डॉक्टरों में हड़कंप मच गया। अधिकांश चिकित्सक क्लीनिक बंद कर फरार हो गए।
भाजपा नेताओं ने सुनाई खरी-खोटी
पुरकाजी। घटना की जानकारी मिलने पर कस्बे के भाजपा नेता हरिराम सक्सेना, कनवर लाल वर्मा, नरेश मिगलानी, डॉ ओपी गौतम, राजू राठी, सुशील वर्मा, केपी सिंह ने मामले को लेकर एसीएमओ को खरी-खोटी सुनाई। भाजपा नेताओं ने कस्बे एवं क्षेत्र के झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुरकाजी (मुजफ्फरनगर)। बेटी होना क्या गुनाह है, पुरकाजी की घटना तो यही साबित कर रही है। नन्हीं जान शायद पुकार रही होगी कि मां, मैं बेटी थी इसलिए...या कोई मजबूरी। बच्ची का शव मिलने की घटना से चेयरमैन और भाकियू कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। लगातार क्षेत्र में बढ़ रही इस तरह की घटनाओं पर रोष जताया। आनन-फानन में जिले से स्वास्थ्य विभाग की टीम पुरकाजी पहुंची। यहां पर कार्यकर्ताओं ने चिकित्सकों का घेराव कर झोलाछापों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
घटना पुरकाजी के धमात जाने वाले मार्ग पर सोमवार सुबह 10 बजे की है। बेटी के लिए शब्द घर की लक्ष्मी जुबानी तौर पर ही अच्छा लगता है। कूड़े के ढेर पर मिले नवजात बच्ची के शव ने अनेक रहस्यों से खुद-ब-खुद पर्दा हटाया है। कूड़े पर पड़ी नवजात देखकर लोग हैरान रह गए। बच्ची का शव पालीथिन में लिपटा हुआ था। आहार नाल कटी है, लेकिन शरीर कई जगह ब्लड के धब्बे मिले हैं। कहीं कोई कटने या फटने का निशान नहीं था। माना जा रहा है कि रविवार देर रात को नवजात बच्ची को जिंदा ही कूड़े के ढेर पर डाला गया है, जिसकी ठंड लगने से मृत्यु हुई है। उधर, मामले को लेकर चेयरमैन जहीर फारूकी समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से कस्बे में अवैध रूप से प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टरों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। तत्काल मामले की जांच के लिए भाकियू कार्यकर्ता और चेयरमैन अस्पताल में धरने पर बैठ गए। हंगामे की खबर पाकर एसीएमओ सरन सिंह और प्रभारी निरीक्षक कुलदीप सिंह मौके पर पहुंचे और धरनारत लोगों से वार्ता की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि कस्बे में फर्जी रूप से चिकित्सक सक्रिय हैं, जो गर्भपात कराने के साथ अनेक अवैध कार्य कर रहे हैं। अप्रैल माह में भी पुरकाजी में चार भ्रूण मिले थे, तब कई चिकित्सकों पर कार्रवाई की तैयारी की गई थी, लेकिन बाद में उसे रफा-दफा कर दिया। थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने मामले में अज्ञात में मुकदमा दर्ज कर लिया है। धरना देने वालों में इरशाद फरीदी, मोहसीन, अकील अहमद, अतीक अहमद, सरताज फरीदी, डॉ खुर्रम, डॉ चांद, सद्दू गाडा, आलम मेंबर आदि मौजूद रहे। उधर, सोमवार को करीब चार बजे स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ पूनम लता के नेतृत्व में टीम ने कस्बे में छापामारी कर प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टरों के कागजातों की जांच-पड़ताल की है। इससे डॉक्टरों में हड़कंप मच गया। अधिकांश चिकित्सक क्लीनिक बंद कर फरार हो गए।
विज्ञापन
भाजपा नेताओं ने सुनाई खरी-खोटी
पुरकाजी। घटना की जानकारी मिलने पर कस्बे के भाजपा नेता हरिराम सक्सेना, कनवर लाल वर्मा, नरेश मिगलानी, डॉ ओपी गौतम, राजू राठी, सुशील वर्मा, केपी सिंह ने मामले को लेकर एसीएमओ को खरी-खोटी सुनाई। भाजपा नेताओं ने कस्बे एवं क्षेत्र के झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
विज्ञापन