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कारोबार की ईष्या में हुई अंकित की हत्या
Updated Sun, 24 Sep 2017 12:32 AM IST
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कारोबार की ईर्ष्या में हुई अंकित की हत्या
मुजफ्फरनगर। जानसठ में कंप्यूटर सेंटर संचालक अंकित सैनी की हत्या उसके पड़ोसी दुकानदार ममेरे भाई पंकज सैनी ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने तीनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया। कारोबार की ईर्ष्या में उसने बेगुनाह अंकित की हत्या कर दी। हत्यारोपियों ने वारदात को अंजाम देने के बाद दुकान से सामान चोरी कर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, ताकि पुलिस लूट के दौरान हत्या की घटना मान सके। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर मृतक और उसकी दुकान से लूटे गए सामान को भी बरामद कर तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
एसपी देहात अजय सहदेव ने पुलिस लाइन के सभाकक्ष में पत्रकारों को अंकित हत्याकांड के खुलासे की जानकारी दी। बताया कि जानसठ कसबे के पायल सिनेमा के पीछे नई बस्ती में रहने वाले विजय सैनी के बेटे अंकित सैनी की गुरुनानक मार्केट में पलक कंप्यूटर सेंटर और फोटोग्राफी की दुकान है। उसके पड़ोस में ही पंकज पुत्र बसंत सैनी निवासी नईबस्ती की भी फोटोग्राफी की दुकान है। अंकित का कारोबार अच्छा चल रहा था, जबकि पंकज का काम मंदा था। इसी ईर्ष्या में उसने अपने दो साथियों गौरव सैनी पुत्र धर्मपाल सैनी और मिंटू पुत्र वीर सिंह के साथ मिलकर अंकित की हत्या कर दी। पुलिस ने जांच के उपरांत उक्त तीनों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया।
साथ ले गया और बेरहमी से मार दिया
बृहस्पतिवार देर शाम हत्यारोपी पंकज ने अंकित से कहा कि कब तक काम करोगे, चलो दुकान बंद करके घर चलते हैं, देर हो रही है। इसी बीच अंकित के फोन पर पत्नी अंजू का फोन आया कि घर आते समय बाजार से कुछ सामान ले आना। मगर, पंकज उसे अपने साथ लेकर चल दिया। पायल सिनेमा के पास पहले से ही घात लगाए खड़े पंकज के साथी गौरव और मिंटू ने उसे दबोच लिया। गौरव ने उसे गन्ना छीलने वाली दरांती से प्रहार कर गोद दिया। पंकज और मिंटू ने उसका सिर ईंटों से कुचल दिया। हत्या कर शव को पास ही एक प्लाट में फेंक दिया।
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दुकान में लूट की घटना का ड्रामा रचा
हत्यारोपियों ने अंकित से अंगूठी आदि सामान लूटा। उसकी जेब से दुकान की चाबी निकाली। वापस उसकी दुकान पर आए और दुकान खोलकर उसका एचपी का लैपटॉप आदि सामान भी निकाल लिया। इसके बाद दुकान को खुली छोड़कर चले गए, ताकि ये लगे कि बदमाशों ने लूटपाट की और लूट का विरोध करने पर अंकित की हत्या कर शव को प्लाट में फेंक दिया। पुलिस ने तीनों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त दरांती, ईंट और लूटा गया सामान भी बरामद कर लिया।
अंकित को खोजने में लगा रहा हत्यारोपी
अंकित की हत्या करने के बाद हत्यारोपी अपने घर चले गए। पंकज ने खून से सने कपड़े बदले और मकान के बाहर घूमने लगा। कुछ देर बात जब अंकित की तलाश शुरू हुई, तो वह भी अंकित के घर पहुंचा। बाद में वह पूरी रात उसके परिजनों के साथ मिलकर अंकित की तलाश में लगा रहा। सुबह जब अंकित का शव मिला तो परिजनों को पंकज पर शक हुआ। उसके खिलाफ शक में मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने पंकज को गिरफ्तार कर सख्ताई से पूछताछ की तो उसने अपना गुनाह कबूल लिया।
अच्छा काम चलने पर हो गई थी जलन
पूछताछ में पंकज ने बताया कि उसका काम ठप होता जा रहा था, जबकि अंकित का काम अच्छा चल रहा था। इसी कारण उससे ईर्ष्या होने लगी थीी। पंकज के पास दुकान पर गौरव सैनी और मिंटू भी आते थे, तीनों ही नशे के आदी हैं। पंकज ने अपनी ईर्ष्या की बात दोनों को बताया कि वे भी अंकित को ठिकाने लगाने की योजना में शामिल हो गए। योजना बनाई कि लूटपाट दर्शा कर अंकित की हत्या कर दी जाए। अंकित के मरने के बाद उनकी दुकान अच्छी चलने लगेगी।
डॉन बनना चाहता है गौरव सैनी
सीओ एसकेएस प्रताप ने बताया कि गौरव भी नशे का आदी है। उसने तहसील के पास चाय का खोखा भी लगा रखा है। वह लोगों से रौब गालिब करता रहता था कि उसे कोई ऐसा काम करना है, जिससे वह डॉन बन सके। गौरव ने ही दरांती से अंकित की हत्या की।
बसाने वाले का ही घर उजाड़ दिया
पंकज सैनी मूल रूप से जानसठ के नया गांव फैजाबाद का निवासी है। उसके परिजनों का अंकित के पिता विजय सैनी के पास आना-जाना था। पंकज रिश्ते में अंकित का ममेरा भाई भी है। करीब डेढ़ दशक पहले अंकित के पिता ने पंकज के परिजनों को अपने पास ही प्लाट खरीदवा कर उन्हें कसबे में बसाया था। इतना ही नहीं उन्होंने पंकज को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए फोटोग्राफी का काम सिखाया और बाद में उसकी अपने ही बराबर में फोटोग्राफी की दुकान भी खुलवाई थी, तब उन्हें इस बात का जरा भी इल्म नहीं होगा कि जिसे वो बसाने में लगे हैं एक दिन वो ही उनके घर को उजाड़ देगा।
बेटे के कातिलों को फांसी की सजा हो
जानसठ। कंप्यूटर सेंटर संचालक अंकित सैनी की हत्या को लेकर पूरे परिवार में मातम छाया हुआ है। मृतक की मां कुसुम और पत्नी मंजू की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। पिता विजय उर्फ पप्पू सैनी कहते हैं कि बेटे की हत्या करने वाले तीनों आरोपियों को अदालत से फांसी की सजा मिलनी चाहिए।
टीम को पांच हजार के इनाम की घोषणा
एसएसपी ने अंकित हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम के अलावा फोरेंसिक और डॉग स्क्व़ॉड टीम को पांच हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
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मुजफ्फरनगर। जानसठ में कंप्यूटर सेंटर संचालक अंकित सैनी की हत्या उसके पड़ोसी दुकानदार ममेरे भाई पंकज सैनी ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने तीनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया। कारोबार की ईर्ष्या में उसने बेगुनाह अंकित की हत्या कर दी। हत्यारोपियों ने वारदात को अंजाम देने के बाद दुकान से सामान चोरी कर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, ताकि पुलिस लूट के दौरान हत्या की घटना मान सके। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर मृतक और उसकी दुकान से लूटे गए सामान को भी बरामद कर तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
एसपी देहात अजय सहदेव ने पुलिस लाइन के सभाकक्ष में पत्रकारों को अंकित हत्याकांड के खुलासे की जानकारी दी। बताया कि जानसठ कसबे के पायल सिनेमा के पीछे नई बस्ती में रहने वाले विजय सैनी के बेटे अंकित सैनी की गुरुनानक मार्केट में पलक कंप्यूटर सेंटर और फोटोग्राफी की दुकान है। उसके पड़ोस में ही पंकज पुत्र बसंत सैनी निवासी नईबस्ती की भी फोटोग्राफी की दुकान है। अंकित का कारोबार अच्छा चल रहा था, जबकि पंकज का काम मंदा था। इसी ईर्ष्या में उसने अपने दो साथियों गौरव सैनी पुत्र धर्मपाल सैनी और मिंटू पुत्र वीर सिंह के साथ मिलकर अंकित की हत्या कर दी। पुलिस ने जांच के उपरांत उक्त तीनों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया।
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साथ ले गया और बेरहमी से मार दिया
बृहस्पतिवार देर शाम हत्यारोपी पंकज ने अंकित से कहा कि कब तक काम करोगे, चलो दुकान बंद करके घर चलते हैं, देर हो रही है। इसी बीच अंकित के फोन पर पत्नी अंजू का फोन आया कि घर आते समय बाजार से कुछ सामान ले आना। मगर, पंकज उसे अपने साथ लेकर चल दिया। पायल सिनेमा के पास पहले से ही घात लगाए खड़े पंकज के साथी गौरव और मिंटू ने उसे दबोच लिया। गौरव ने उसे गन्ना छीलने वाली दरांती से प्रहार कर गोद दिया। पंकज और मिंटू ने उसका सिर ईंटों से कुचल दिया। हत्या कर शव को पास ही एक प्लाट में फेंक दिया।
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हत्यारोपियों ने अंकित से अंगूठी आदि सामान लूटा। उसकी जेब से दुकान की चाबी निकाली। वापस उसकी दुकान पर आए और दुकान खोलकर उसका एचपी का लैपटॉप आदि सामान भी निकाल लिया। इसके बाद दुकान को खुली छोड़कर चले गए, ताकि ये लगे कि बदमाशों ने लूटपाट की और लूट का विरोध करने पर अंकित की हत्या कर शव को प्लाट में फेंक दिया। पुलिस ने तीनों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त दरांती, ईंट और लूटा गया सामान भी बरामद कर लिया।
अंकित को खोजने में लगा रहा हत्यारोपी
अंकित की हत्या करने के बाद हत्यारोपी अपने घर चले गए। पंकज ने खून से सने कपड़े बदले और मकान के बाहर घूमने लगा। कुछ देर बात जब अंकित की तलाश शुरू हुई, तो वह भी अंकित के घर पहुंचा। बाद में वह पूरी रात उसके परिजनों के साथ मिलकर अंकित की तलाश में लगा रहा। सुबह जब अंकित का शव मिला तो परिजनों को पंकज पर शक हुआ। उसके खिलाफ शक में मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने पंकज को गिरफ्तार कर सख्ताई से पूछताछ की तो उसने अपना गुनाह कबूल लिया।
अच्छा काम चलने पर हो गई थी जलन
पूछताछ में पंकज ने बताया कि उसका काम ठप होता जा रहा था, जबकि अंकित का काम अच्छा चल रहा था। इसी कारण उससे ईर्ष्या होने लगी थीी। पंकज के पास दुकान पर गौरव सैनी और मिंटू भी आते थे, तीनों ही नशे के आदी हैं। पंकज ने अपनी ईर्ष्या की बात दोनों को बताया कि वे भी अंकित को ठिकाने लगाने की योजना में शामिल हो गए। योजना बनाई कि लूटपाट दर्शा कर अंकित की हत्या कर दी जाए। अंकित के मरने के बाद उनकी दुकान अच्छी चलने लगेगी।
डॉन बनना चाहता है गौरव सैनी
सीओ एसकेएस प्रताप ने बताया कि गौरव भी नशे का आदी है। उसने तहसील के पास चाय का खोखा भी लगा रखा है। वह लोगों से रौब गालिब करता रहता था कि उसे कोई ऐसा काम करना है, जिससे वह डॉन बन सके। गौरव ने ही दरांती से अंकित की हत्या की।
बसाने वाले का ही घर उजाड़ दिया
पंकज सैनी मूल रूप से जानसठ के नया गांव फैजाबाद का निवासी है। उसके परिजनों का अंकित के पिता विजय सैनी के पास आना-जाना था। पंकज रिश्ते में अंकित का ममेरा भाई भी है। करीब डेढ़ दशक पहले अंकित के पिता ने पंकज के परिजनों को अपने पास ही प्लाट खरीदवा कर उन्हें कसबे में बसाया था। इतना ही नहीं उन्होंने पंकज को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए फोटोग्राफी का काम सिखाया और बाद में उसकी अपने ही बराबर में फोटोग्राफी की दुकान भी खुलवाई थी, तब उन्हें इस बात का जरा भी इल्म नहीं होगा कि जिसे वो बसाने में लगे हैं एक दिन वो ही उनके घर को उजाड़ देगा।
बेटे के कातिलों को फांसी की सजा हो
जानसठ। कंप्यूटर सेंटर संचालक अंकित सैनी की हत्या को लेकर पूरे परिवार में मातम छाया हुआ है। मृतक की मां कुसुम और पत्नी मंजू की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। पिता विजय उर्फ पप्पू सैनी कहते हैं कि बेटे की हत्या करने वाले तीनों आरोपियों को अदालत से फांसी की सजा मिलनी चाहिए।
टीम को पांच हजार के इनाम की घोषणा
एसएसपी ने अंकित हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम के अलावा फोरेंसिक और डॉग स्क्व़ॉड टीम को पांच हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।