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Mau News: चुनाव आयुक्त का पुतला दहन की कोशिश में चार दरोगा, एक कांस्टेबल का हाथ झुलसा
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नगर में इंडिया गठबंधन के सहयोगी दल की दल सपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा निकल गया विरोध
मऊ। बीते पांच अक्तूबर को चुनाव आयुक्त का पुतला दहन की कोशिश में चार दरोगा और एक कांस्टेबल का हाथ झुलस गया था। झुलसने वाले भीटी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक राजेश कुमार की तहरीर थाना कोतवाली मऊ में मंगलवार की शाम सपा के आठ नामजद कार्यकर्ताओं और 400 अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की है। अज्ञात लोगों की पहचान के लिए पुलिस तिराहे चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में सपा, कांग्रेस और माकपा के संयुक्त तत्वावधान में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने वोट बचाओ, देश बचाओ पैदल मार्च निकाला था। ये मार्च जीवनराम छात्रावास से कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंचा। इस दौरान पुलिस कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की, नारेबाजी और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंकने की बार-बार कोशिश की गई।
जुलूस को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक, सीओ सिटी, अपराध निरीक्षक और कई उपनिरीक्षक सहित भारी पुलिस बल और सादे कपड़ों में तैनात किए गए थे। जुलूस जैसे ही आगे बढ़ा, प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक मार्ग पर नारेबाजी शुरू कर दी। जब जुलूस आजमगढ़ तिराहा पहुंचा, तो उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला निकालकर उसे आग लगाने का प्रयास किया।
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मुस्तैद पुलिस बल ने तत्काल हस्तक्षेप कर पुतले को अपने कब्जे में ले लिया। इस छीना-झपटी के दौरान उपनिरीक्षक राजेश कुमार, संजय कुमार तिवारी, योगेंद्र सिंह, अंबरीश कुमार पांडेय और कांस्टेबल राहुल के हाथ झुलस गए। इसके बाद जब जुलूस गाजीपुर तिराहा और फिर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय के पास पहुंचा। तब भी कार्यकर्ताओं ने बार-बार पुतला दहन करने और पुलिस के कार्य में बाधा डालने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों द्वारा स्थिति को संभालने के लिए अत्यधिक संयम और सूझबूझ का परिचय दिया गया।
ये हैं नामजद आरोपी
सपा नेता मयंक पांडेय, दोहरीघाट थाना के नई बाजार निवासी अजय यादव उर्फ प्रियांशु, थाना कोतवाली नगर के मनसुखपुरा निवासी शाहनवाज आलम, ग्रीन स्ट्रीट निवासी रवि प्रकाश, सरालखंसी थाना के बड़ी रस्ती निवासी अखिलेश भारती रैकवारेडीह निवासी आशीष यादव, घोसी कोतवाली के हाजीपुर निवासी देवेंद्र पांडेय उर्फ सत्यम, कोपागंज थाना के सहरोज गांव निवासी उमाशंकर उर्फ सोनू पंडित और 400 अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है।
22 जुलाई को भी दर्ज हुई थी प्राथमिकी
बीते 22 जुलाई को भी सपा नेता मयंक पांडेय और उमाशंकर उर्फ सोनू पंडित सहित 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। दिल्ली की एक घटना के विरोध में सपा कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन करते हुए 22 जुलाई को बालनिकेतन से पैदल गाजीपुर तिराहा होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। जुलूस के दौरान गाजीपुर तिराहा पर लगे कैबिनेट मंत्री एके शर्मा का बैनर फाड़ा गया। इसके अलावा, एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें भाजपा के झंडे के साथ अभद्र व्यवहार होता दिखाई दे रहा था। भाजपा युवा मोर्चा के महामंत्री की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
जुलूस के दौरान विपक्षी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन कोशिश की। छीना-झपटी के दौरान चार उपनिरीक्षक और एक कांस्टेबल का हाथ झुलस गया। इसमें भीटी चौकी प्रभारी राजेश कुमार की तहरीर पर आठ नामजद और 400 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। घटनास्थल से जुड़े वीडियो फुटेज, सीसीटीवी और तस्वीरों को संकलित किया जा रहा है, ताकि अन्य अज्ञात लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा सके। - नितेश प्रताप सिंह, सीओ, सिटी मऊ
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थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में सपा, कांग्रेस और माकपा के संयुक्त तत्वावधान में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने वोट बचाओ, देश बचाओ पैदल मार्च निकाला था। ये मार्च जीवनराम छात्रावास से कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंचा। इस दौरान पुलिस कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की, नारेबाजी और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंकने की बार-बार कोशिश की गई।
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जुलूस को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक, सीओ सिटी, अपराध निरीक्षक और कई उपनिरीक्षक सहित भारी पुलिस बल और सादे कपड़ों में तैनात किए गए थे। जुलूस जैसे ही आगे बढ़ा, प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक मार्ग पर नारेबाजी शुरू कर दी। जब जुलूस आजमगढ़ तिराहा पहुंचा, तो उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला निकालकर उसे आग लगाने का प्रयास किया।
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मुस्तैद पुलिस बल ने तत्काल हस्तक्षेप कर पुतले को अपने कब्जे में ले लिया। इस छीना-झपटी के दौरान उपनिरीक्षक राजेश कुमार, संजय कुमार तिवारी, योगेंद्र सिंह, अंबरीश कुमार पांडेय और कांस्टेबल राहुल के हाथ झुलस गए। इसके बाद जब जुलूस गाजीपुर तिराहा और फिर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय के पास पहुंचा। तब भी कार्यकर्ताओं ने बार-बार पुतला दहन करने और पुलिस के कार्य में बाधा डालने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों द्वारा स्थिति को संभालने के लिए अत्यधिक संयम और सूझबूझ का परिचय दिया गया।
ये हैं नामजद आरोपी
सपा नेता मयंक पांडेय, दोहरीघाट थाना के नई बाजार निवासी अजय यादव उर्फ प्रियांशु, थाना कोतवाली नगर के मनसुखपुरा निवासी शाहनवाज आलम, ग्रीन स्ट्रीट निवासी रवि प्रकाश, सरालखंसी थाना के बड़ी रस्ती निवासी अखिलेश भारती रैकवारेडीह निवासी आशीष यादव, घोसी कोतवाली के हाजीपुर निवासी देवेंद्र पांडेय उर्फ सत्यम, कोपागंज थाना के सहरोज गांव निवासी उमाशंकर उर्फ सोनू पंडित और 400 अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है।
22 जुलाई को भी दर्ज हुई थी प्राथमिकी
बीते 22 जुलाई को भी सपा नेता मयंक पांडेय और उमाशंकर उर्फ सोनू पंडित सहित 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। दिल्ली की एक घटना के विरोध में सपा कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन करते हुए 22 जुलाई को बालनिकेतन से पैदल गाजीपुर तिराहा होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। जुलूस के दौरान गाजीपुर तिराहा पर लगे कैबिनेट मंत्री एके शर्मा का बैनर फाड़ा गया। इसके अलावा, एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें भाजपा के झंडे के साथ अभद्र व्यवहार होता दिखाई दे रहा था। भाजपा युवा मोर्चा के महामंत्री की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
जुलूस के दौरान विपक्षी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन कोशिश की। छीना-झपटी के दौरान चार उपनिरीक्षक और एक कांस्टेबल का हाथ झुलस गया। इसमें भीटी चौकी प्रभारी राजेश कुमार की तहरीर पर आठ नामजद और 400 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। घटनास्थल से जुड़े वीडियो फुटेज, सीसीटीवी और तस्वीरों को संकलित किया जा रहा है, ताकि अन्य अज्ञात लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा सके। - नितेश प्रताप सिंह, सीओ, सिटी मऊ