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स्कूल बस पर हमला: 2
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सावधान! यहां पूरी तरह असुरक्षित हैं छात्र-छात्राएं
जिले में एक महीने के भीतर छात्रों पर हमले की यह तीसरी वारदात
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। जिले के छात्र-छात्राएं घर से स्कूल तक आने-जाने के सफर में पूरी तरह असुरक्षित हैं। जिले के अफसर चाहे कुछ भी कहें, लेकिन पिछले एक माह के भीतर छात्र-छात्राओं पर हो चुके इस तरह के तीन हमले तो कमोबेश यही कहानी कह रहे हैं। ऐसे में अब यह अभिभावकों पर है कि वे कैसे अपने स्तर से अपने लाडलों को सुरक्षित स्कूल तक पहुंचाए और वहां से घर लाएं।
शहर कोतवाली क्षेत्र के बुढ़ाना मोड़ पर करीब एक माह पूर्व दो स्कूलों की वैन के चालकों में आगे निकलने की होड़ लगाने के दौरान विवाद हो गया था। इसी विवाद को तूल देते हुए एक वैन के चालक ने पीनना से छात्र-छात्राओं को लेकर लौट रही दूसरी वैन को रुकवाकर न केवल चालक से मारपीट की, बल्कि उसमें मौजूद छोटे बच्चों को भी नहीं बख्शा गया। हालांकि मौके पर मौजूद लोगों ने हमलावरों की घेराबंदी की तो वे भाग निकले। छात्र-छात्राओं पर हमले की दूसरी वारदात करीब एक सप्ताह पूर्व मीरापुर के बीआईटी के आयुर्वेदिक कॉलेज में हुई, जहां दो बोलेरो में पहुंचे हमलावरों ने छात्र-छात्राओं पर लाठी-डंडों से जबरदस्त हमला किया। यहां हमले की वजह छात्रों के बीच चार अप्रैल को वार्षिकोत्सव कार्यक्रम के दौरान हुई टशनबाजी रही। छात्र-छात्राओं पर हमले की इस वारदात को लेकर थाना पुलिस कितनी मुस्तैद है, इसका अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि नामजद रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद अब तक केवल एक हमलावर को ही गिरफ्तार किया जा सका है। जनपद में ही छात्र-छात्राओं पर हमले की गांव रामपुर में हुई तीसरी घटना है, जहां आरोपियों ने स्कूल बस रुकवाकर छात्र-छात्राओं को जमकर पीटा। अब यह देखने वाली बात होगी कि छपार थाना पुलिस इस मामले में क्या और कितनी मुस्तैदी से कार्रवाई करती है।
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जिले में एक महीने के भीतर छात्रों पर हमले की यह तीसरी वारदात
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। जिले के छात्र-छात्राएं घर से स्कूल तक आने-जाने के सफर में पूरी तरह असुरक्षित हैं। जिले के अफसर चाहे कुछ भी कहें, लेकिन पिछले एक माह के भीतर छात्र-छात्राओं पर हो चुके इस तरह के तीन हमले तो कमोबेश यही कहानी कह रहे हैं। ऐसे में अब यह अभिभावकों पर है कि वे कैसे अपने स्तर से अपने लाडलों को सुरक्षित स्कूल तक पहुंचाए और वहां से घर लाएं।
शहर कोतवाली क्षेत्र के बुढ़ाना मोड़ पर करीब एक माह पूर्व दो स्कूलों की वैन के चालकों में आगे निकलने की होड़ लगाने के दौरान विवाद हो गया था। इसी विवाद को तूल देते हुए एक वैन के चालक ने पीनना से छात्र-छात्राओं को लेकर लौट रही दूसरी वैन को रुकवाकर न केवल चालक से मारपीट की, बल्कि उसमें मौजूद छोटे बच्चों को भी नहीं बख्शा गया। हालांकि मौके पर मौजूद लोगों ने हमलावरों की घेराबंदी की तो वे भाग निकले। छात्र-छात्राओं पर हमले की दूसरी वारदात करीब एक सप्ताह पूर्व मीरापुर के बीआईटी के आयुर्वेदिक कॉलेज में हुई, जहां दो बोलेरो में पहुंचे हमलावरों ने छात्र-छात्राओं पर लाठी-डंडों से जबरदस्त हमला किया। यहां हमले की वजह छात्रों के बीच चार अप्रैल को वार्षिकोत्सव कार्यक्रम के दौरान हुई टशनबाजी रही। छात्र-छात्राओं पर हमले की इस वारदात को लेकर थाना पुलिस कितनी मुस्तैद है, इसका अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि नामजद रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद अब तक केवल एक हमलावर को ही गिरफ्तार किया जा सका है। जनपद में ही छात्र-छात्राओं पर हमले की गांव रामपुर में हुई तीसरी घटना है, जहां आरोपियों ने स्कूल बस रुकवाकर छात्र-छात्राओं को जमकर पीटा। अब यह देखने वाली बात होगी कि छपार थाना पुलिस इस मामले में क्या और कितनी मुस्तैदी से कार्रवाई करती है।
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