{"_id":"5b48ffa44f1c1b3b5a8b4767","slug":"151531510692-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नशीले पदार्थ की तस्करी करने पर चार वर्ष की सजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नशीले पदार्थ की तस्करी करने पर चार वर्ष की सजा
Updated Sat, 14 Jul 2018 01:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर। एडीजे तृतीय कोर्ट ने नशीले पदार्थों को कारोबार करने वाले एक अभियुक्त को चार वर्ष के कारावास और दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार चरथावल थाने पर दरोगा सूबेदार सिंह ने 19 दिसंबर 2014 को मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि गश्त के दौरान रोहाना रोड से इनाम पुत्र जामू निवासी मोहल्ला छिपीयान, चरथावल को 450 ग्राम चरस समेत गिरफ्तार किया। मुकदमे की सुनवाई एडीजे उमेश चंद्र की कोर्ट संख्या- 3 में हुई। एडीजीसी प्रशांत बालियान ने चार गवाह और सबूत कोर्ट में पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त इनाम को नशे का कारोबार करने का दोषी करार देते हुए धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत चार वर्ष कठोर कारावास के साथ 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। अभियुक्त इनाम इस समय जमानत पर है। अदालत ने उसकी जमानत खारिज करते हुए जेल भेजने का आदेश दिया। साथ ही जमानत से पूर्व जेल में बीताई गई अवधि उसकी सजा में समायोजित करने का आदेश भी दिया है।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के अनुसार चरथावल थाने पर दरोगा सूबेदार सिंह ने 19 दिसंबर 2014 को मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि गश्त के दौरान रोहाना रोड से इनाम पुत्र जामू निवासी मोहल्ला छिपीयान, चरथावल को 450 ग्राम चरस समेत गिरफ्तार किया। मुकदमे की सुनवाई एडीजे उमेश चंद्र की कोर्ट संख्या- 3 में हुई। एडीजीसी प्रशांत बालियान ने चार गवाह और सबूत कोर्ट में पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त इनाम को नशे का कारोबार करने का दोषी करार देते हुए धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत चार वर्ष कठोर कारावास के साथ 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। अभियुक्त इनाम इस समय जमानत पर है। अदालत ने उसकी जमानत खारिज करते हुए जेल भेजने का आदेश दिया। साथ ही जमानत से पूर्व जेल में बीताई गई अवधि उसकी सजा में समायोजित करने का आदेश भी दिया है।