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ग्रामीण की हत्या में तीन दोषी करार
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ग्रामीण की हत्या में तीन दोषी करार
मुजफ्फरनगर। जिला जज कोर्ट ने सिकंदरपुर के अमरपाल हत्याकांड में तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। तीनों को जेल भेज दिया गया है। सजा पर सुनवाई 26 अप्रैल को होगी। पुरानी रंजिश के चलते तीन साल पहले यह हत्या हुई थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार भोपा थाने पर गांव सिकंदरपुर निवासी ओमपाल पुत्र सुखबीर ने 11 मई 2016 को अपने भाई अमरपाल की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। गांव के ही सुनील उर्फ पप्पू पुत्र मथन सिंह, सुंदर पुत्र सुक्का और तसलीम पुत्र मुन्ना को नामजद किया था। बताया था कि उक्त आरोपी उसके भाई को घर से बुला कर ले गए और उसकी गला दबा कर हत्या कर लाश गांव के ही राजेंद्र के खेत में फेंक दी। हत्या पुरानी रंजिश में की गई थी। ओमपाल के पिता सुखबीर की थी कुछ साल पहले हत्या कर दी गई थी, जिसमें सुनील उर्फ पप्पू के पिता मथन सिंह आदि को सजा हुई थी। इसी रंजिश में अमरपाल की भी हत्या कर दी गई। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। इस मुकदमे की सुनवाई जिला जज संजय कुमार पचौरी की अदालत में हुई। डीजीसी दुष्यंत त्यागी और एडीजीसी योगेश कुमार शर्मा ने कोर्ट में सात गवाह और सबूत पेश किए। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनते हुए बुधवार को अमरपाल की हत्या में उक्त तीनों सुनील उर्फ पप्पू, सुंदर और तसलीम को दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया। सजा पर सुनवाई 26 अप्रैल को होगी।
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मुजफ्फरनगर। जिला जज कोर्ट ने सिकंदरपुर के अमरपाल हत्याकांड में तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। तीनों को जेल भेज दिया गया है। सजा पर सुनवाई 26 अप्रैल को होगी। पुरानी रंजिश के चलते तीन साल पहले यह हत्या हुई थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार भोपा थाने पर गांव सिकंदरपुर निवासी ओमपाल पुत्र सुखबीर ने 11 मई 2016 को अपने भाई अमरपाल की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। गांव के ही सुनील उर्फ पप्पू पुत्र मथन सिंह, सुंदर पुत्र सुक्का और तसलीम पुत्र मुन्ना को नामजद किया था। बताया था कि उक्त आरोपी उसके भाई को घर से बुला कर ले गए और उसकी गला दबा कर हत्या कर लाश गांव के ही राजेंद्र के खेत में फेंक दी। हत्या पुरानी रंजिश में की गई थी। ओमपाल के पिता सुखबीर की थी कुछ साल पहले हत्या कर दी गई थी, जिसमें सुनील उर्फ पप्पू के पिता मथन सिंह आदि को सजा हुई थी। इसी रंजिश में अमरपाल की भी हत्या कर दी गई। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। इस मुकदमे की सुनवाई जिला जज संजय कुमार पचौरी की अदालत में हुई। डीजीसी दुष्यंत त्यागी और एडीजीसी योगेश कुमार शर्मा ने कोर्ट में सात गवाह और सबूत पेश किए। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनते हुए बुधवार को अमरपाल की हत्या में उक्त तीनों सुनील उर्फ पप्पू, सुंदर और तसलीम को दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया। सजा पर सुनवाई 26 अप्रैल को होगी।
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