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रेखा या शहजादी, चक्कर-घिन्नी बनी खाकी

Sun, 19 May 2019 12:25 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 19 May 2019 12:25 AM IST
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रेखा या शहजादी, चक्कर-घिन्नी बनी खाकी
दिल्ली से तीन बच्चों संग पहुंची रेखा ने खुद को बताया शहजादी
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मुजफ्फरनगर/ तितावी। तीन दिन पूर्व तीन बच्चों के साथ तितावी के गांव जसोई पहुंची महिला की पहचान को लेकर पुलिस-प्रशासन शनिवार को चकरघिन्नी बना रहा। दिल्ली से 15 मई को लापता हुई रेखा नामक उक्त महिला जसोई पहुंचकर दूसरे समुदाय के दंपती को मां-बाप व खुद को उनकी 20 साल पहले लापता हुई बेटी शहजादी बताते हुए पति-बच्चों को छोड़ उन्हीं के साथ रहने की जिद पर अड़ी रही। घंटों हंगामे के बावजूद महिला की पुख्ता पहचान नहीं हो पाने के कारण उसे फिलहाल मखियाली स्थित आशा ज्योति केंद्र भेज दिया गया, जहां से रविवार सुबह उसे दिल्ली पुलिस के हवाले किया जाएगा।
तितावी थाना क्षेत्र के गांव जसोई के ग्रामीणों ने शुक्रवार शाम थाना पुलिस को सूचना दी कि गांव जसोई निवासी महबूब के घर में तीन दिन से तीन बच्चों के साथ एक महिला रह रही है। इस पर पुलिस जसोई पहुंची और महिला व उसके तीनों बच्चों को थाने ले आई। यहां पूछताछ में महिला ने खुद को महबूब की करीब 20 साल पूर्व लापता हुई बेटी शहजादी बताते हुए उन्हीं के साथ रहने की बात कही, लेकिन ग्रामीण उसे हिंदू समुदाय से होना बताते रहे। महिला के एक हाथ पर बना ओम का चिह्न भी इसकी पुष्टि कर रहा था। एसओ तितावी क्षितिज कुमार ने बताया कि जांच में महिला का नाम रेखा पत्नी राजकुमार निवासी जहांगीरपुर दिल्ली होने की पुष्टि हुई। पूछताछ की गई तो पता चला कि महबूब की बेटी शहजादी आठ साल की उम्र में करीब 20 साल पूर्व लापता हो गई थी। इस पर रेखा के पति राजकुमार व उसे पालने वाली दिल्ली निवासी विमलेश को भी थाने बुला लिया गया। पूछताछ में विमलेश ने बताया कि उसे वह करीब 20 साल पूर्व बड़ौत रेलवे स्टेशन पर मिली थी, जिसने खुद को अनाथ बताते हुए अपना नाम पिंकी बताया था। इस पर वह बच्ची को घर ले गई और उसकी परवरिश करने के बाद राजकुमार के साथ उसकी शादी भी कर दी। राजकुमार से महिला को तीन बच्चे केशव, प्रतिज्ञा और सोनी भी हैं, जिन्हें लेकर वह 15 मई को संदिग्ध हालात में लापता हो गई थी। राजकुमार ने पत्नी की जहांगीरपुरी थाने में गुमशुदगी भी दर्ज करा दी थी, जिसके बाद वह गांव जसोई से मिली है। राजकुमार व विमलेश ने महिला को अपने साथ ले जाने की बात कही, लेकिन महिला पति-बच्चों को छोड़कर अपने कथित मां-बाप के पास जसोई में ही रहने की जिद पर अड़ी रही। महिला हेल्पलाइन सेल प्रभारी बीना शर्मा ने भी महिला से बात की, लेकिन वह कथित मां-बाप को छोड़ने के लिए राजी नहीं हुई। उधर, मामले को लेकर हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भी हंगामा किया। विवाद गहराता देख फिलहाल महिला व उसके बच्चों को गांव मखियाली स्थित आशा ज्योति केंद्र की संचालिका व डायल-181 प्रभारी अंजना चौहान के सुपुर्द कर दिया गया है।
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इन्होंने कहा ........
एडीएम प्रशासन अमित कुमार सिंह का कहना है कि महिला की गुमशुदगी दिल्ली के जहांगीरपुरी थाने में दर्ज है। ऐसे में उसकी सुपुर्दगी को लेकर जो भी कार्रवाई होगी, वह दिल्ली पुलिस के स्तर से ही होगी। रविवार को महिला को पुलिस टीम के साथ जहांगीरपुर भेजकर दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा।
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बकरीद पर लापता हुई थी शहजादी
मुजफ्फरनगर। तितावी के गांव जसोई निवासी महबूब के दस बच्चे हैं, जिनमें सात लड़कियां व तीन लड़के हैं। इनमें दूसरे नंबर की बेटी शहजादी आठ साल की उम्र में करीब 20-22 साल पूर्व बकरीद पर लापता हो गई थी। परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिली। अब रेखा द्वारा खुद को कथित रूप से शहजादी बताए जाने पर महबूब व उसके परिजन उसे बेटी तो मानते रहे, लेकिन इस संबंध में कोई भी तथ्य पुलिस-प्रशासन के समक्ष पेश नहीं कर सके। यही नहीं, जब महिला हेल्पलाइन व डायल-181 की टीम ने महिला के कथित भाई शहजाद से उनका डीएनए टेस्ट कराने की बात कही तो वह फरार हो गया।


दिल्ली से आने के बाद हरिद्वार में रही महिला
मुजफ्फरनगर। खुद को शहजादी बताने वाली महिला रेखा पत्नी राजकुुमार दिल्ली से15 मई को लापता होने के बाद पहले हरिद्वार पहुंची थी। जांच में पता चला कि वहां वह तीनों बच्चों के साथ एक आश्रम में रही। वहां से तीन दिन पूर्व वह सीधे जसोई पहुंची और खुद को शहजादी बताते हुए महबूब के घर जा पहुंची।
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