{"_id":"5b182ed24f1c1bb16e8b692b","slug":"131528311506-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विवाहिता को पहले पति के साथ भेजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
विवाहिता को पहले पति के साथ भेजा
Updated Thu, 07 Jun 2018 12:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विवाहिता को पहले पति के साथ भेजा
पुरकाजी (मुजफ्फरनगर)। गांव निवासी युवती की शादी करीब दो वर्ष पूर्व उत्तराखंड के ज्वालापुर निवासी सोनू पुत्र बंसत के साथ हुई थी। पति के साथ विवाद के चलते 14 माह से वह अपने मायके में रह रही थी। जहां पर प्रेम प्रसंग के चलते विवाहिता 13 मार्च को गांव के ही एक युवक के साथ शादी करके घर से फरार हो गई थी। बुधवार को विवाहिता अपने दूसरे पति को लेकर थाने पहुंची और पुलिस से सुरक्षा देने की मांग की। जानकारी मिलने पर दोनों के परिजन भी थाने पहुंच गए थे। परिजनों ने दोनों को समझाया। मगर विवाहिता अपने दूसरे पति के साथ ही जाने पर जिद पर अड़ी रही। पुलिस ने उनके पास शादी करने का कोई ठोस सबूत ना होने पर विवाहिता को पहले पति के साथ भेज दिया। इस संबंध में पुलिस का कहना है कि उनके पास शादी करने का कोई ठोस सबूत नहीं था, इसलिए सुरक्षा देने का कोई सवाल ही नहीं उठता है। दोनों पक्षों की सहमति से ही पहले पति के साथ विवाहिता को भेज दिया गया है।
विज्ञापन
पुरकाजी (मुजफ्फरनगर)। गांव निवासी युवती की शादी करीब दो वर्ष पूर्व उत्तराखंड के ज्वालापुर निवासी सोनू पुत्र बंसत के साथ हुई थी। पति के साथ विवाद के चलते 14 माह से वह अपने मायके में रह रही थी। जहां पर प्रेम प्रसंग के चलते विवाहिता 13 मार्च को गांव के ही एक युवक के साथ शादी करके घर से फरार हो गई थी। बुधवार को विवाहिता अपने दूसरे पति को लेकर थाने पहुंची और पुलिस से सुरक्षा देने की मांग की। जानकारी मिलने पर दोनों के परिजन भी थाने पहुंच गए थे। परिजनों ने दोनों को समझाया। मगर विवाहिता अपने दूसरे पति के साथ ही जाने पर जिद पर अड़ी रही। पुलिस ने उनके पास शादी करने का कोई ठोस सबूत ना होने पर विवाहिता को पहले पति के साथ भेज दिया। इस संबंध में पुलिस का कहना है कि उनके पास शादी करने का कोई ठोस सबूत नहीं था, इसलिए सुरक्षा देने का कोई सवाल ही नहीं उठता है। दोनों पक्षों की सहमति से ही पहले पति के साथ विवाहिता को भेज दिया गया है।