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मलीरा प्रकरण में 13 गिरफ्तार, एनएसए की तैयारी
मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Sat, 13 Oct 2018 11:53 PM IST
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गिरफ्तार
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मुजफ्फरनगर। मलीरा में शुक्रवार देर रात हादसे में दलित युवक की मौत के बाद हुए बवाल में पुलिस ने मौके से 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, मामले में जहां दलित युवक के चचेरे भाई की तरफ से अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ हादसे की एफआईआर दर्ज की गई है, वहीं पुलिस की तरफ से 100-150 अज्ञात लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस आरोपियों पर रासुका के तहत भी कार्रवाई किए जाने की तैयारी कर रही है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव मलीरा निवासी दलित युवक जोशन पुत्र धनुष की शुक्रवार देर रात सड़क हादसे में मौत हो गई थी। हादसे के बाद भड़के लोगों ने हाईवे पर आते हुए शव सड़क पर रखकर जाम लगाकर एक रोडवेज बस समेत 20 से अधिक वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की थी। मौके पर पहुंची डायल-100 को दौड़ाते हुए पुलिस पर भी जमकर पथराव किया गया था।
बाद में पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ते हुए लाश को कब्जे में लिया था। मौके से पुलिस ने कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनका शनिवार को मेडिकल कराने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है। इंस्पेक्टर अनिल कपरवान ने बताया कि मामले में जहां जोशन के चचेरे भाई टिंकू की तहरीर पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ हादसे की एफआईआर दर्ज की गई है, वहीं पुलिस की तरफ से एसआई शैलेंद्र सिंह सोलंकी ने 100-150 अज्ञात लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है।
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उन्होंने बताया कि बवाल में शामिल आरोपियों को चिह्नित करते हुए उनके खिलाफ एनएसए के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मौके से गिरफ्तार किए गए पिंकू, रविंद्र उर्फ काला, सन्नी, राजू, अंकुश, बिट्टू, बोबीत उर्फ भूरा, नीटू, शिवा, सोनू व मिंटू सभी निवासी मलीरा के साथ ही दिनकरपुर निवासी दीपक व सांझक निवासी विजय को जेल भेज दिया गया है।
मलीरा गांव छावनी में तब्दील
मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव मलीरा में हादसे में युवक की मौत के बाद हुए बवाल के बाद पुलिस शनिवार को भी पूरे दिन पूरी तरह सतर्क रही। शनिवार सुबह पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए भीम आर्मी व बसपा के साथ ही कई दलित संगठनों के कार्यकर्ता भी मलीरा में पहुंचे, जिसकी सूचना मिलने पर अफसरों ने गांव में पहुंचकर उन्हें कोई भी मीटिंग नहीं होने दी।
इसके साथ ही गांव को भी पूरी तरह से छावनी में तब्दील करते हुए बाहरी लोगों का पीड़ित परिवार के घर या आसपास की दलित बस्ती में जमावड़ा भी नहीं होने दिया गया। इस दौरान पूर्व बसपा विधायक अनिल कुमार भी गांव में पहुंचे, लेकिन उन्हें भी पीड़ित परिवार से मिलने के बाद अधिक देर गांव में रुकने नहीं दिया गया।
कड़ी सुरक्षा में किया गया शव का अंतिम संस्कार
मुजफ्फरनगर। मलीरा हादसे में मारे गए दलित युवक जोशन पुत्र धनुष का अफसरों के निर्देश पर शनिवार दोपहर ही पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। शव गांव में पहुंचने से पहले ही एहतियातन गांव में भारी फोर्स व पीएसी तैनात कर दी गई। किसी भी तरह के हंगामे की गुंजाइश को खत्म करने के लिए महिला पुलिसकर्मियों की भी गांव में तैनाती की गई। शव पहुंचने के बाद कड़ी सुरक्षा में उसे गांव के श्मशान घाट ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
छह-सात युवकों की देन रहा बवाल
मुजफ्फरनगर। गांव मलीरा में हादसे के बाद हुए बवाल के पीछे नशे में धुत छह-सात युवकों का हाथ रहा। सूत्रों के अनुसार पुलिस जांच में सामने आया है कि हादसे के बाद मौके पर पहुंचने वाले लोगों में छह-सात दलित युवक भी थे, जो नशे की हालत में थे। सबसे पहले इन युवकों ने ही उत्पात शुरू करते हुए डायल-100 को दौड़ाया, जिसके बाद इन्होंने ही वाहनों में तोड़फोड़ शुरू की। जांच में आया है कि गांव के कुछ लोगों ने इन युवकों को रोकने का भी प्रयास किया, लेकिन नशे की हालत में युवकों ने किसी की नहीं सुनी। इंस्पेक्टर अनिल कपरवान का कहना है कि जांच में छह-सात नशेड़ी युवकों द्वारा ही उत्पात शुरू करने की बात सामने आ रही है, जिन्हें चिह्नित किया जा रहा है।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव मलीरा निवासी दलित युवक जोशन पुत्र धनुष की शुक्रवार देर रात सड़क हादसे में मौत हो गई थी। हादसे के बाद भड़के लोगों ने हाईवे पर आते हुए शव सड़क पर रखकर जाम लगाकर एक रोडवेज बस समेत 20 से अधिक वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की थी। मौके पर पहुंची डायल-100 को दौड़ाते हुए पुलिस पर भी जमकर पथराव किया गया था।
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बाद में पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ते हुए लाश को कब्जे में लिया था। मौके से पुलिस ने कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनका शनिवार को मेडिकल कराने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है। इंस्पेक्टर अनिल कपरवान ने बताया कि मामले में जहां जोशन के चचेरे भाई टिंकू की तहरीर पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ हादसे की एफआईआर दर्ज की गई है, वहीं पुलिस की तरफ से एसआई शैलेंद्र सिंह सोलंकी ने 100-150 अज्ञात लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है।
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उन्होंने बताया कि बवाल में शामिल आरोपियों को चिह्नित करते हुए उनके खिलाफ एनएसए के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मौके से गिरफ्तार किए गए पिंकू, रविंद्र उर्फ काला, सन्नी, राजू, अंकुश, बिट्टू, बोबीत उर्फ भूरा, नीटू, शिवा, सोनू व मिंटू सभी निवासी मलीरा के साथ ही दिनकरपुर निवासी दीपक व सांझक निवासी विजय को जेल भेज दिया गया है।
मलीरा गांव छावनी में तब्दील
मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव मलीरा में हादसे में युवक की मौत के बाद हुए बवाल के बाद पुलिस शनिवार को भी पूरे दिन पूरी तरह सतर्क रही। शनिवार सुबह पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए भीम आर्मी व बसपा के साथ ही कई दलित संगठनों के कार्यकर्ता भी मलीरा में पहुंचे, जिसकी सूचना मिलने पर अफसरों ने गांव में पहुंचकर उन्हें कोई भी मीटिंग नहीं होने दी।
इसके साथ ही गांव को भी पूरी तरह से छावनी में तब्दील करते हुए बाहरी लोगों का पीड़ित परिवार के घर या आसपास की दलित बस्ती में जमावड़ा भी नहीं होने दिया गया। इस दौरान पूर्व बसपा विधायक अनिल कुमार भी गांव में पहुंचे, लेकिन उन्हें भी पीड़ित परिवार से मिलने के बाद अधिक देर गांव में रुकने नहीं दिया गया।
कड़ी सुरक्षा में किया गया शव का अंतिम संस्कार
मुजफ्फरनगर। मलीरा हादसे में मारे गए दलित युवक जोशन पुत्र धनुष का अफसरों के निर्देश पर शनिवार दोपहर ही पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। शव गांव में पहुंचने से पहले ही एहतियातन गांव में भारी फोर्स व पीएसी तैनात कर दी गई। किसी भी तरह के हंगामे की गुंजाइश को खत्म करने के लिए महिला पुलिसकर्मियों की भी गांव में तैनाती की गई। शव पहुंचने के बाद कड़ी सुरक्षा में उसे गांव के श्मशान घाट ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
छह-सात युवकों की देन रहा बवाल
मुजफ्फरनगर। गांव मलीरा में हादसे के बाद हुए बवाल के पीछे नशे में धुत छह-सात युवकों का हाथ रहा। सूत्रों के अनुसार पुलिस जांच में सामने आया है कि हादसे के बाद मौके पर पहुंचने वाले लोगों में छह-सात दलित युवक भी थे, जो नशे की हालत में थे। सबसे पहले इन युवकों ने ही उत्पात शुरू करते हुए डायल-100 को दौड़ाया, जिसके बाद इन्होंने ही वाहनों में तोड़फोड़ शुरू की। जांच में आया है कि गांव के कुछ लोगों ने इन युवकों को रोकने का भी प्रयास किया, लेकिन नशे की हालत में युवकों ने किसी की नहीं सुनी। इंस्पेक्टर अनिल कपरवान का कहना है कि जांच में छह-सात नशेड़ी युवकों द्वारा ही उत्पात शुरू करने की बात सामने आ रही है, जिन्हें चिह्नित किया जा रहा है।