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मेडिकल में बालिग निकली अगवा की गई युवती
Updated Thu, 06 Sep 2018 01:10 AM IST
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मेडिकल में बालिग निकली अगवा की गई युवती
मुजफ्फरनगर। जिला अस्पताल से परिजनों द्वारा अगवा की गई वलीपुरा की युवती मेडिकल जांच में बालिग पाई गई है। यही नहीं युवती ने कोर्ट में दर्ज कराए गए बयानों में प्रेमी संग जाने की भी इच्छा व्यक्त की। मेडिकल रिपोर्ट व बयानों के आधार पर कोर्ट ने उसे प्रेमी के परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
मीरापुर थाना क्षेत्र के गांव वलीपुरा निवासी शहजादी पुत्री शौकत 13 अगस्त को प्रेमी हारुन निवासी अकबरपुर बहसूमा के साथ फरार हो गई थी। हाईकोर्ट के आदेश पर महिला थाना पुलिस मंगलवार को उसका मेडिकल कराने के लिए जिला अस्पताल में पहुंची थीं, जहां परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर शहजादी को अगवा कर लिया था। हालांकि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए युवती को गांव शेरपुर के जंगल से बरामद करते हुए उसकी मां व चाचा समेत तीन लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया था। बाद में पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच युवती का मंगलवार रात मेडिकल कराया था। पुलिस के मुताबिक मेडिकल रिपोर्ट में युवती बालिग पाई गई है, जिसने कोर्ट में दर्ज कराए गए बयानों में प्रेमी हारून के साथ ही रहने की इच्छा जताई है। कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट व बयानों के आधार पर युवती को फिलहाल प्रेमी हारून के परिजनों के सुपुर्दगी में देने के आदेश दिए, जिन्हें कोर्ट परिसर से कड़ी सुरक्षा में उनके बताए गए स्थान पर भेज दिया गया है।
आधार कार्ड व शैक्षिक प्रमाणपत्र से उलझा था पेंच
मुजफ्फरनगर। मीरापुर के गांव वलीपुरा निवासी शहजादी की उम्र को लेकर उसके आधार कार्ड व शैक्षिक प्रमाणपत्र ने पेंच उलझाया हुआ था। प्रेमी के साथ फरार होने के बाद हाईकोर्ट में युवती ने आधार कार्ड प्रस्तुत करते हुए खुद को बालिग बताया था। इस पर हाईकोर्ट ने मीरापुर थाने से इसकी आख्या मांगी तो यहां से युवती के परिजनों द्वारादर्ज कराई गई एफआईआर में दिए गए शैक्षिक प्रमाणपत्र के आधार पर वह नाबालिग थी। यही नहीं, एफआईआर में भी परिजनों ने उसे नाबालिग ही दर्शाया था। दोनों प्रमाणपत्रों के आधार पर युवती की जन्मतिथि को लेकर जो अंतर आया, उसके आधार पर ही हाईकोर्ट ने 28 अगस्त को जनपद पुलिस के लिए आदेश जारी करते हुए उम्र निर्धारण के लिए उसका मेडिकल कराए जाने के आदेश दिए थे। इस संबंध में पुलिस को सात सितंबर तक रिपोर्ट भी पेश किए जाने के आदेश दिए गए थे।
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मुजफ्फरनगर। जिला अस्पताल से परिजनों द्वारा अगवा की गई वलीपुरा की युवती मेडिकल जांच में बालिग पाई गई है। यही नहीं युवती ने कोर्ट में दर्ज कराए गए बयानों में प्रेमी संग जाने की भी इच्छा व्यक्त की। मेडिकल रिपोर्ट व बयानों के आधार पर कोर्ट ने उसे प्रेमी के परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
मीरापुर थाना क्षेत्र के गांव वलीपुरा निवासी शहजादी पुत्री शौकत 13 अगस्त को प्रेमी हारुन निवासी अकबरपुर बहसूमा के साथ फरार हो गई थी। हाईकोर्ट के आदेश पर महिला थाना पुलिस मंगलवार को उसका मेडिकल कराने के लिए जिला अस्पताल में पहुंची थीं, जहां परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर शहजादी को अगवा कर लिया था। हालांकि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए युवती को गांव शेरपुर के जंगल से बरामद करते हुए उसकी मां व चाचा समेत तीन लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया था। बाद में पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच युवती का मंगलवार रात मेडिकल कराया था। पुलिस के मुताबिक मेडिकल रिपोर्ट में युवती बालिग पाई गई है, जिसने कोर्ट में दर्ज कराए गए बयानों में प्रेमी हारून के साथ ही रहने की इच्छा जताई है। कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट व बयानों के आधार पर युवती को फिलहाल प्रेमी हारून के परिजनों के सुपुर्दगी में देने के आदेश दिए, जिन्हें कोर्ट परिसर से कड़ी सुरक्षा में उनके बताए गए स्थान पर भेज दिया गया है।
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आधार कार्ड व शैक्षिक प्रमाणपत्र से उलझा था पेंच
मुजफ्फरनगर। मीरापुर के गांव वलीपुरा निवासी शहजादी की उम्र को लेकर उसके आधार कार्ड व शैक्षिक प्रमाणपत्र ने पेंच उलझाया हुआ था। प्रेमी के साथ फरार होने के बाद हाईकोर्ट में युवती ने आधार कार्ड प्रस्तुत करते हुए खुद को बालिग बताया था। इस पर हाईकोर्ट ने मीरापुर थाने से इसकी आख्या मांगी तो यहां से युवती के परिजनों द्वारादर्ज कराई गई एफआईआर में दिए गए शैक्षिक प्रमाणपत्र के आधार पर वह नाबालिग थी। यही नहीं, एफआईआर में भी परिजनों ने उसे नाबालिग ही दर्शाया था। दोनों प्रमाणपत्रों के आधार पर युवती की जन्मतिथि को लेकर जो अंतर आया, उसके आधार पर ही हाईकोर्ट ने 28 अगस्त को जनपद पुलिस के लिए आदेश जारी करते हुए उम्र निर्धारण के लिए उसका मेडिकल कराए जाने के आदेश दिए थे। इस संबंध में पुलिस को सात सितंबर तक रिपोर्ट भी पेश किए जाने के आदेश दिए गए थे।
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