{"_id":"5c1be465bdec2256c333ddd8","slug":"111545331813-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंदबुद्धि को काबू करने में छूटे पुलिस के पसीने","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मंदबुद्धि को काबू करने में छूटे पुलिस के पसीने
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मनोरोगी ने थाने में मचाया उत्पात
मुजफ्फरनगर। बृहस्पतिवार सुबह कोर्ट रूम में घुसने का प्रयास कर रहे एक मनोरोगी को काबू करने में सिविल लाइंस थाना पुलिस के पसीने छूट गए। किसी तरह पुलिस उसे थाने ले गई, जहां उसने अपने कपड़े निकालकर पुलिसकर्मियों पर ही हाथ साफ कर दिया। किसी तरह उसे काबू कर गाड़ी की डिग्गी में बंद किया गया, जिसे बाद में गांव कमालपुर से पहुंचे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
शहर कचहरी परिसर स्थित कोर्ट रूम में बृहस्पतिवार एक मनोरोगी अधेड़ कहीं से पहुंच गया और जबरन अंदर घुसने का प्रयास किया। सूचना पर सिविल लाइंस थाना पुलिस मौके पर पहुंची और उसे थाने ले आई। थाने पहुंचने पर जैसे ही मनोरोगी को गाड़ी से नीचे उतारा गया, वह काबू से बाहर हो गया। अधेड़ ने अपने कपड़े उतारते हुए पुलिसकर्मियों पर हमला बोल दिया और जो भी सामने आया, उस पर ही हाथ छोड़ दिया। इससे थाना परिसर में हड़कंप मच गया। सात-आठ पुलिसकर्मियों ने बमुश्किल उस पर काबू पाते हुए हाथ-पैर बांधकर उसे गाड़ी में डाल लिया। इसके बाद पुलिसकर्मी दो गाड़ियों में उसका मेडिकल कराने के लिए जिला अस्पताल ले गए, लेकिन थाने में उसकी हालत को देख उसे गाड़ी से नीचे उतारने की हिम्मत नहीं जुटा सके। इसके चलते करीब दो घंटे थाने की दोनों गाड़ियां जिला अस्पताल परिसर में ही मनोरोगी को बंधक बनाए खड़ी रहीं। बाद में किसी तरह उसकी शनाख्त कराते हुए उसके शाहपुर क्षेत्र के गांव शिकारपुर निवासी परिजनों को सूचना दी गई। शाम के समय ग्राम प्रधान शिकारपुर इस व्यक्ति के परिजनों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा, जहां परिजनों ने उसके मंदबुद्घि होने के सर्टिफिकेट दिखाए, जिसके बाद पुलिस ने उसे परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया। इसके बाद ही कहीं जाकर पुलिस ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। बृहस्पतिवार सुबह कोर्ट रूम में घुसने का प्रयास कर रहे एक मनोरोगी को काबू करने में सिविल लाइंस थाना पुलिस के पसीने छूट गए। किसी तरह पुलिस उसे थाने ले गई, जहां उसने अपने कपड़े निकालकर पुलिसकर्मियों पर ही हाथ साफ कर दिया। किसी तरह उसे काबू कर गाड़ी की डिग्गी में बंद किया गया, जिसे बाद में गांव कमालपुर से पहुंचे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
शहर कचहरी परिसर स्थित कोर्ट रूम में बृहस्पतिवार एक मनोरोगी अधेड़ कहीं से पहुंच गया और जबरन अंदर घुसने का प्रयास किया। सूचना पर सिविल लाइंस थाना पुलिस मौके पर पहुंची और उसे थाने ले आई। थाने पहुंचने पर जैसे ही मनोरोगी को गाड़ी से नीचे उतारा गया, वह काबू से बाहर हो गया। अधेड़ ने अपने कपड़े उतारते हुए पुलिसकर्मियों पर हमला बोल दिया और जो भी सामने आया, उस पर ही हाथ छोड़ दिया। इससे थाना परिसर में हड़कंप मच गया। सात-आठ पुलिसकर्मियों ने बमुश्किल उस पर काबू पाते हुए हाथ-पैर बांधकर उसे गाड़ी में डाल लिया। इसके बाद पुलिसकर्मी दो गाड़ियों में उसका मेडिकल कराने के लिए जिला अस्पताल ले गए, लेकिन थाने में उसकी हालत को देख उसे गाड़ी से नीचे उतारने की हिम्मत नहीं जुटा सके। इसके चलते करीब दो घंटे थाने की दोनों गाड़ियां जिला अस्पताल परिसर में ही मनोरोगी को बंधक बनाए खड़ी रहीं। बाद में किसी तरह उसकी शनाख्त कराते हुए उसके शाहपुर क्षेत्र के गांव शिकारपुर निवासी परिजनों को सूचना दी गई। शाम के समय ग्राम प्रधान शिकारपुर इस व्यक्ति के परिजनों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा, जहां परिजनों ने उसके मंदबुद्घि होने के सर्टिफिकेट दिखाए, जिसके बाद पुलिस ने उसे परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया। इसके बाद ही कहीं जाकर पुलिस ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन