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कानपुर इफेक्ट- --कुख्यातों की क्राइम हिस्ट्री व संपत्ति पर नजर
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अपराधियों की क्राइम हिस्ट्री और संपत्ति पर नजर
मुजफ्फरनगर। कानपुर में हुई मुठभेड़ में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों के शहीद होने के बाद सूबे में कुख्यातों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दे दिए गए हैं। जनपद में भी एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों की बैठक कर उन्हें अपने क्षेत्र के कुख्यातों की क्राइम हिस्ट्री और उनकी अर्जित संपत्ति को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं।
कानपुर में अपराधी विकास दुबे द्वारा पुलिस टीम पर दबिश के दौरान किए गए हमले में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों के शहीद होने के बाद जनपद में भी कुख्यातों के खिलाफ नए सिरे से अभियान शुरू किया गया है। शुक्रवार रात एसएसपी अभिषेक यादव ने सभी थानेदारों की मीटिंग कर उन्हें कुख्यातों का नए सिरे से खाका तैयार करने के निर्देश दिए। इसके तहत सभी थानों में विशेष टीमों का गठन कर दिया गया है। ये टीमें केवल अपने क्षेत्र के कुख्यात अपराधियों की क्राइम हिस्ट्री खंगालने के साथ ही अपराध कर अर्जित की गई संपत्ति को भी चिह्नित करेंगी। इसके बाद कुख्यातों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी संपत्तियों को भी कानपुर की तर्ज पर नेस्तनाबूद किया जाएगा।
हिटलिस्ट में सुशील मूंछ व जीवा
मुजफ्फरनगर। कानपुर की घटना के बाद शासन स्तर पर सूबे में सक्रिय 33 कुख्यातों की सूची तैयार की गई है, जिनके खिलाफ प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई होनी है। इस सूची में जनपद के भी दो लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। इनमें 14वें क्रमांक पर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा और 19वें क्रमांक पर सुशील उर्फ मूंछ के नाम शामिल किए गए हैं। संजीव जीवा फिलहाल लखनऊ कारागार में बंद है, जबकि सुशील मूंछ कानपुर जेल में है। शासन की सूची में दोनों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं होना भी दर्शाया गया है, जिससे आशंकाएं जताई जा रही हैं कि दोनों के खिलाफ जनपद स्तर पर कभी भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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इन्होंने कहा ...
एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि करीब एक साल से जिले में चल रहे कुख्यातों के खिलाफ अभियान को कानपुर की घटना के बाद नए सिरे से शुरू किया जा रहा है। इसमें अपराधियों की सक्रियता, घटनाओं में संलिप्तता के साथ ही उनकी कार्यप्रणाली व अपराध से अर्जित की गई संपत्तियों को चिह्नित किया जाएगा। इसके लिए हर थाने में टीमें गठित कर दी गईं हैं, जल्द ही कुख्यातों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया जाएगा।
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मुजफ्फरनगर। कानपुर में हुई मुठभेड़ में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों के शहीद होने के बाद सूबे में कुख्यातों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दे दिए गए हैं। जनपद में भी एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों की बैठक कर उन्हें अपने क्षेत्र के कुख्यातों की क्राइम हिस्ट्री और उनकी अर्जित संपत्ति को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं।
कानपुर में अपराधी विकास दुबे द्वारा पुलिस टीम पर दबिश के दौरान किए गए हमले में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों के शहीद होने के बाद जनपद में भी कुख्यातों के खिलाफ नए सिरे से अभियान शुरू किया गया है। शुक्रवार रात एसएसपी अभिषेक यादव ने सभी थानेदारों की मीटिंग कर उन्हें कुख्यातों का नए सिरे से खाका तैयार करने के निर्देश दिए। इसके तहत सभी थानों में विशेष टीमों का गठन कर दिया गया है। ये टीमें केवल अपने क्षेत्र के कुख्यात अपराधियों की क्राइम हिस्ट्री खंगालने के साथ ही अपराध कर अर्जित की गई संपत्ति को भी चिह्नित करेंगी। इसके बाद कुख्यातों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी संपत्तियों को भी कानपुर की तर्ज पर नेस्तनाबूद किया जाएगा।
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हिटलिस्ट में सुशील मूंछ व जीवा
मुजफ्फरनगर। कानपुर की घटना के बाद शासन स्तर पर सूबे में सक्रिय 33 कुख्यातों की सूची तैयार की गई है, जिनके खिलाफ प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई होनी है। इस सूची में जनपद के भी दो लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। इनमें 14वें क्रमांक पर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा और 19वें क्रमांक पर सुशील उर्फ मूंछ के नाम शामिल किए गए हैं। संजीव जीवा फिलहाल लखनऊ कारागार में बंद है, जबकि सुशील मूंछ कानपुर जेल में है। शासन की सूची में दोनों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं होना भी दर्शाया गया है, जिससे आशंकाएं जताई जा रही हैं कि दोनों के खिलाफ जनपद स्तर पर कभी भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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इन्होंने कहा ...
एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि करीब एक साल से जिले में चल रहे कुख्यातों के खिलाफ अभियान को कानपुर की घटना के बाद नए सिरे से शुरू किया जा रहा है। इसमें अपराधियों की सक्रियता, घटनाओं में संलिप्तता के साथ ही उनकी कार्यप्रणाली व अपराध से अर्जित की गई संपत्तियों को चिह्नित किया जाएगा। इसके लिए हर थाने में टीमें गठित कर दी गईं हैं, जल्द ही कुख्यातों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया जाएगा।