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हर खिलाड़ी को मिताली बनाने में जुटी प्रीति, लड़कियों में क्रिकेट का जुनून पैदा करना लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 29 Aug 2017 12:26 AM IST
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खिलाड़ियों के साथ बैठीं क्रिकेट कोच प्रीति।
- फोटो : अमर उजाला
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भारतीय क्रिकेटरों का देश-दुनिया में डंका बज रहा है। स्टेडियम में भी महिला क्रिकेट कोच हर खिलाड़ी को विराट कोहली और लड़कियों को मिताली राज बनाने में जुटी हैं। दिलचस्प यह है कि जिले में पहली बार महिला क्रिकेट कोच के हाथ में क्रिकेट के हुनरमंद युवा तलाशने की कमान मिली है। महिला क्रिकेट कोच कहती हैं कि लड़कियों में क्रिकेट का जुनून पैदा करना ही लक्ष्य है, जिसके लिए वह मैदान पर अभ्यास कराने में लगी हैं।
हरियाणा के पंचकूला की मूल निवासी प्रीति मेहरा को बचपन से ही खेल में रुचि थी। इसी सपने को लेकर आगे बढ़ीं और लक्ष्य बना लिया। वर्ष 2007 में हाईस्कूल में अंडर-19 टीम में चयनित होने के बाद क्रिकेट की दुनिया में कदम रख दिए। वर्ष 2010 में यूपी की अवध यूनिवर्सिटी की टीम में चुने जाने के बाद प्रीति मेहरा ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। गांव और शहर में लड़कियों के भीतर क्रिकेट का रुझान कम देखकर प्रीति ने खिलाड़ी से हटकर कोच की राह पकड़ ली।
फिजिकल एजूकेशन में डिग्री लेने के बाद कोच का हुनर पैदा किया। पहले नोएडा में कोचिंग दी, उसके बाद आईजीआई दिल्ली में बतौर कोच के रूप में काम किया। बाद में खेल निदेशालय में कोच के लिए अप्लाई किया, तो कानपुर देहात में ज्वाइनिंग मिली। वहां एक माह गुजारने के बाद प्रीति मेहरा को जिला मुजफ्फरनगर के चौधरी चरणसिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में 25 जून को बतौर क्रिकेट कोच नियुक्त किया गया है।
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प्रीति कहती हैं कि वह हर युवा खिलाड़ी को विराट कोहली और मिताली राज जैसा रूप देना चाहती हैं। इसके लिए रोजाना सुबह और शाम को खिलाड़ियों के बीच मैदान में उतरकर उन्हें क्रिकेट के अनेक गुर सिखा रही हैं। खासकर लड़कियों में क्रिकेट की दीवानगी और हुनर को जिंदा करने का लक्ष्य बनाया है, जिसे निभाने के लिए वह कभी पीछे नहीं हटेंगी।
मां की प्रेरणा ने बनाया कोच
मुजफ्फरनगर। जिले की पहली महिला कोच प्रीति मेहरा के दादा काकू पहलवान थे। पिता पंचकूला में ही इलेक्ट्रानिक की दुकान चलाते हैं। माता कुलबीर कौर ने 24 वर्षीय प्रीति मेहरा को कोच बनने के लिए प्रेरित किया। मां की प्रेरणा और पिता के सहयोग से कोचिंग के लिए पंजाब के विश्वविद्यालय से डिप्लोमा किया। प्रीति मेहरा का भाई गगन एथलेटिक्स है।
फलक तक चमके हैं कई खिलाड़ी
मुजफ्फरनगर। जिले की जमीं से कई अन्य खिलाड़ियों ने भी नाम रोशन किया है, जिनमें कबड्डी, कुश्ती के साथ एथलेटिक्स खेल शामिल है। चौधरी चरण सिंह स्पोर्ट्र्स स्टेडियम के रिकार्ड के अनुसार पूजा तोमर ने वुशू, अनुज चौधरी ने कुश्ती, प्रियंका पवार ने एथलेटिक्स, बलवान सिंह ने वॉलीबाल, संजीव बालियान, प्रदीप बालियान, यशपाल, पद्मवीर ने कबड्डी, विनीत और मोहित सहावत, विनीत राठी, सुधीर ने वालीबाल में में इंटरनेशनल पटल पर खेलकर जिले का नाम रोशन किया है।
स्टेडियम में 45 खिलाड़ी
मुजफ्फरनगर। क्रिकेट की कोचिंग के लिए स्टेडियम में 45 खिलाड़ियों का पंजीकरण हुआ है। इनमें पांच छात्राएं भी शामिल हैं, जो सुबह-शाम मैदान पर क्रिकेट के गुर सीखने के लिए पसीना बहा रहे हैं।
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हरियाणा के पंचकूला की मूल निवासी प्रीति मेहरा को बचपन से ही खेल में रुचि थी। इसी सपने को लेकर आगे बढ़ीं और लक्ष्य बना लिया। वर्ष 2007 में हाईस्कूल में अंडर-19 टीम में चयनित होने के बाद क्रिकेट की दुनिया में कदम रख दिए। वर्ष 2010 में यूपी की अवध यूनिवर्सिटी की टीम में चुने जाने के बाद प्रीति मेहरा ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। गांव और शहर में लड़कियों के भीतर क्रिकेट का रुझान कम देखकर प्रीति ने खिलाड़ी से हटकर कोच की राह पकड़ ली।
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फिजिकल एजूकेशन में डिग्री लेने के बाद कोच का हुनर पैदा किया। पहले नोएडा में कोचिंग दी, उसके बाद आईजीआई दिल्ली में बतौर कोच के रूप में काम किया। बाद में खेल निदेशालय में कोच के लिए अप्लाई किया, तो कानपुर देहात में ज्वाइनिंग मिली। वहां एक माह गुजारने के बाद प्रीति मेहरा को जिला मुजफ्फरनगर के चौधरी चरणसिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में 25 जून को बतौर क्रिकेट कोच नियुक्त किया गया है।
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प्रीति कहती हैं कि वह हर युवा खिलाड़ी को विराट कोहली और मिताली राज जैसा रूप देना चाहती हैं। इसके लिए रोजाना सुबह और शाम को खिलाड़ियों के बीच मैदान में उतरकर उन्हें क्रिकेट के अनेक गुर सिखा रही हैं। खासकर लड़कियों में क्रिकेट की दीवानगी और हुनर को जिंदा करने का लक्ष्य बनाया है, जिसे निभाने के लिए वह कभी पीछे नहीं हटेंगी।
मां की प्रेरणा ने बनाया कोच
मुजफ्फरनगर। जिले की पहली महिला कोच प्रीति मेहरा के दादा काकू पहलवान थे। पिता पंचकूला में ही इलेक्ट्रानिक की दुकान चलाते हैं। माता कुलबीर कौर ने 24 वर्षीय प्रीति मेहरा को कोच बनने के लिए प्रेरित किया। मां की प्रेरणा और पिता के सहयोग से कोचिंग के लिए पंजाब के विश्वविद्यालय से डिप्लोमा किया। प्रीति मेहरा का भाई गगन एथलेटिक्स है।
फलक तक चमके हैं कई खिलाड़ी
मुजफ्फरनगर। जिले की जमीं से कई अन्य खिलाड़ियों ने भी नाम रोशन किया है, जिनमें कबड्डी, कुश्ती के साथ एथलेटिक्स खेल शामिल है। चौधरी चरण सिंह स्पोर्ट्र्स स्टेडियम के रिकार्ड के अनुसार पूजा तोमर ने वुशू, अनुज चौधरी ने कुश्ती, प्रियंका पवार ने एथलेटिक्स, बलवान सिंह ने वॉलीबाल, संजीव बालियान, प्रदीप बालियान, यशपाल, पद्मवीर ने कबड्डी, विनीत और मोहित सहावत, विनीत राठी, सुधीर ने वालीबाल में में इंटरनेशनल पटल पर खेलकर जिले का नाम रोशन किया है।
स्टेडियम में 45 खिलाड़ी
मुजफ्फरनगर। क्रिकेट की कोचिंग के लिए स्टेडियम में 45 खिलाड़ियों का पंजीकरण हुआ है। इनमें पांच छात्राएं भी शामिल हैं, जो सुबह-शाम मैदान पर क्रिकेट के गुर सीखने के लिए पसीना बहा रहे हैं।