गढ़ीसखावतपुर गांव के जंगल में कुएं में गिरे गोवशं

Meerut Bureauमेरठ ब्यूरो Updated Wed, 04 Mar 2020 12:36 AM IST
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बुढ़ाना में गांव गढ़ीसखावतपुर के जंगल में कुएं में गिरे गोवंश को क्रेन से निकलवाते ग्राम प्रधान ?
बुढ़ाना में गांव गढ़ीसखावतपुर के जंगल में कुएं में गिरे गोवंश को क्रेन से निकलवाते ग्राम प्रधान ? - फोटो : MUZAFFARNAGAR

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गढ़ीसखावतपुर के जंगल में कुएं में गिरे गोवंश
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बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। गढ़ीसखावतपुर गांव के जंगल में घूम रहे दो गोवंश गहरे कुएं में गिर गए। ग्रामीणों की सूचना पर यूपी 112 पुलिस व जौला गांव के प्रधान मौके पर पहुंच गए। ग्राम प्रधान व पुलिस ने क्रेन व जेसीबी मंगवाकर कुएं से गोवंशों को बाहर निकलवाया। कुएं में एक गाय की मौत हो गई, जबकि दूसरी घायल हो गई।
कोतवाली क्षेत्र के गांव गढ़ीसखावतपुर के जंगल में मंगलवार सुबह करीब पांच बजे दो गोवंश ग्रामीण सोमदत्त के खेत में घूम रहे थे। दोनों गोवंश अचानक कुएं में गिर गए। इस दौरान ग्रामीण अनंगपाल अपने खेत में गन्ने काट रहा था। कुएं में किसी के गिरने की आशंका में उसने मोबाइल की टॉर्च से उसने कुएं में झांककर देखा। उसने देखा की दो गोवंश कुएं में गिरे पड़े हैं। ग्रामीण अनंगपाल ने यूपी 112 पुलिस व ग्राम प्रधान हाजी जमशेद को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। ग्राम प्रधान ग्रामीणों के साथ जेसीबी व क्रेन लेकर मौके पर पहुंच गए। जेसीबी से कुएं तक जाने का रास्ता बनाया गया। ग्राम प्रधान व पुलिस ने ग्रामीणों की सहायता से क्रेन द्वारा कुएं में गिरे दोनों गोवंश को बाहर निकलवाया। एक गाय की मौत हो गई, जबकि दूसरा गोवंश घायल हो गया था। सूचना मिलते ही जौला पशु चिकित्सालय के चिकित्सकों की टीम भी मौके पर पहुंच गई। घायल गोवंश का उपचार किया गया। कुएं से निकली मृत गाय को गड्ढा खुदवाकर खेत में दबवाया गया। ग्राम प्रधान ने बताया कि कुएं की दीवार ऊंची करवा दी गई है, ताकि अन्य पशु कुएं में न गिर सके।
तालाब की दलदल में धंसने से हुई थी पांच गोवंश की मौत
बुढ़ाना। तहसील क्षेत्र के गांव परासौली में भी 21 जनवरी को रात के अंधेरे में हरे चारे की तलाश में निकले पांच गोवंश का झुंड तालाब की दलदल में धंस गया था। कड़ाके की ठंड व दलदल में धंसने से पांचों गोवंश की मौत हो गई थी।
गोवंश की व्यवस्था करने में सरकार हुई फेल
बुढ़ाना। कस्बा व तहसील के सभी देहात क्षेत्र में हजारों की संख्या में गोवंश लावारिस घूमने को मजबूर हैं। गढ़ीसखावतपुर निवासी सेवानिवृत्त अपर जिला कृषि अधिकारी रामनिवास सहरावत, ग्राम प्रधान हाजी जमशेद, पूर्व प्रधान जब्बार आदि का कहना है कि सरकार लावारिस गोवंश की व्यवस्था करने में नाकाम हुई है। तहसील क्षेत्र में सैकड़ों की संख्या में गोवंश लावारिस घूम रहे हैं।
गोशालाएं हुई नाकाफी
बुढ़ाना। कस्बे की कान्हा गोशाला में 150 गोवंश की क्षमता के विपरीत करीब 200 गोवंश रखे जा रहे हैं। अधिशासी अधिकारी ओमगिरि का कहना है कि गोशाला में गोवंश का खर्चा चंदे और दानपात्र से पूरा किया जाता है। अटाली गांव में गोशाला में करीब 40 गोवंश हैं। नीमखेड़ी गांव की अस्थायी गोशाला में 20-22 गोवंश है। क्षेत्र के गांव फतेहपुर खेड़ी व अटाली गांव की गोशालाओं में गोवंश रखने की क्षमता नहीं है। खंड विकास अधिकारी सुभाष चंद।
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