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उपचार नहीं मिलने पर गाय की मौत, ग्रामीणों में रोष
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उपचार नहीं मिलने पर गाय की मौत, ग्रामीणों में रोष
पुरकाजी। कई दिनों से घायल गाय को उपचार नहीं मिलने पर उसकी मौत हो गई, जिसे ग्रामीणों ने गड्ढे में दबाकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
करीब दो सप्ताह पूर्व जंगल में घूम रही गाय को किसी ने घायल कर दिया था। वह घूमती हुई धमात गंग नहर के निकट एक गांव में आ गई थी, जिसकी देखरेख करते हुए ग्रामीणों ने उसका उपचार शुरू कर दिया था। मगर, हालत में सुधार नहीं होने पर ग्रामीणों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी थी। इसकी जानकारी इंस्पेक्टर हरसरन शर्मा ने पुरकाजी पशु चिकित्सालय में तैनात चिकित्सकों को दी, तो उन्होंने मात्र एक दो दिन औपचारिक उपचार कर मामले से पल्ला झाड़ लिया। ग्रामीणों के बार-बार आग्रह पर भी चिकित्सकों ने गाय का उपचार करने की जहमत नहीं उठाई। इसके चलते गाय ने बृहस्पतिवार को दम तोड़ दिया, जिसे ग्रामीणों ने पास ही जंगल में गड्ढा खोदकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। डाक्टर मोहित का कहना है कि गाय के भाले जैसे हथियार से चोट मारी गई थी, जिससे जख्म बेहद ज्यादा गहरा हो गया था। गाय का उपचार किया गया, मगर उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ।
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पुरकाजी। कई दिनों से घायल गाय को उपचार नहीं मिलने पर उसकी मौत हो गई, जिसे ग्रामीणों ने गड्ढे में दबाकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
करीब दो सप्ताह पूर्व जंगल में घूम रही गाय को किसी ने घायल कर दिया था। वह घूमती हुई धमात गंग नहर के निकट एक गांव में आ गई थी, जिसकी देखरेख करते हुए ग्रामीणों ने उसका उपचार शुरू कर दिया था। मगर, हालत में सुधार नहीं होने पर ग्रामीणों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी थी। इसकी जानकारी इंस्पेक्टर हरसरन शर्मा ने पुरकाजी पशु चिकित्सालय में तैनात चिकित्सकों को दी, तो उन्होंने मात्र एक दो दिन औपचारिक उपचार कर मामले से पल्ला झाड़ लिया। ग्रामीणों के बार-बार आग्रह पर भी चिकित्सकों ने गाय का उपचार करने की जहमत नहीं उठाई। इसके चलते गाय ने बृहस्पतिवार को दम तोड़ दिया, जिसे ग्रामीणों ने पास ही जंगल में गड्ढा खोदकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। डाक्टर मोहित का कहना है कि गाय के भाले जैसे हथियार से चोट मारी गई थी, जिससे जख्म बेहद ज्यादा गहरा हो गया था। गाय का उपचार किया गया, मगर उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ।
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