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मुजफ्फरनगर : कोविड अस्पताल में मरीज को जबरन डिस्चार्ज कर थमाया 4.42 लाख का बिल, तीमारदार को बनाया बंधक

Thu, 20 May 2021 10:36 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 20 May 2021 10:36 PM IST
सार

आरोप है कि भारी भरकम बिल का विरोध करने पर हॉस्पिटल प्रबंधन ने योगेश शर्मा को वहीं बैठा लिया और बिल का भुगतान होने तक मरीज को भी रेफर नहीं करने की बात कही। इस पर परिजनों ने प्रशासन को जानकारी दी, जिस पर सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और तीमारदार को बंधनमुक्त कराया। 

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Covid patient discharged Forcibly in Covid Hospital for not paying bill of 4.42 lakh Muzaffarnagar
hospital in Muzaffarnagar - फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर शहर के मोहल्ला आर्यपुरी स्थित कोविड अस्पताल में गुरुवार को पांच मई से भर्ती मरीज को गंभीर बताते हुए जबरन डिस्चार्ज कर उसे 4.42 लाख का बिल थमा दिया गया। विरोध करने पर मरीज के चाचा को बंधक बना लिया गया। सूचना पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट ने तीमारदार को बंधनमुक्त कराकर मरीज को देहरादून रेफर कराया।

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शहर के मोहल्ला गांधीनगर निवासी रविकांत को परिजनों ने कोरोना पॉजिटिव होने पर पांच मई को आर्यपुरी स्थित हार्ट एवं केयर सेंटर के बनाए कोविड अस्पताल में भर्ती कराया था। रविकांत के चाचा योगेश शर्मा ने बताया कि भतीजे को भर्ती कराते समय उनसे दो लाख रुपये नकद जमा कराए गए थे।
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गुरुवार को अचानक हॉस्पिटल से रविकांत के परिजनों को कॉल कर बुलाया गया और उसकी हालत नाजुक बताते हुए कहीं ओर ले जाने की बात कहकर जबरन डिस्चार्ज कर दिया गया। इसके साथ ही उन्हें 4.42 लाख रुपये का बिल थमाते हुए 2.42 लाख रुपये बकाया जमा कराने के लिए कहा गया।

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आरोप है कि भारी भरकम बिल का विरोध करने पर हॉस्पिटल प्रबंधन ने योगेश शर्मा को वहीं बैठा लिया और बिल का भुगतान होने तक मरीज को भी रेफर नहीं करने की बात कही।

इस पर परिजनों ने प्रशासन को जानकारी दी, जिस पर सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। वहां, हॉस्पिटल प्रबंधन से वार्ता के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने बकाया 2.42 लाख का बिल खत्म कराते हुए तीमारदार को बंधनमुक्त कराया। इसके बाद कहीं जाकर रविकांत को भी देहरादून के लिए रेफर किया गया। 

प्रशासन ने किए थे रेट फिक्स 
मोहल्ला आर्यपुरी के बालाजी चौक स्थित हार्ट एवं केयर सेंटर के कोविड अस्पताल करीब एक हफ्ते पूर्व भी मरीज की मौत के बाद उनके तीमारदारों पर फायरिंग किए जाने को लेकर चर्चा में रहा था।

गुरुवार को  ही राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल द्वारा दोनों पक्षों में समझौता कराने के प्रयास किए गए थे, लेकिन इससे पहले ही हॉस्पिटल प्रबंधन की एक और कारगुजारी सामने आ गई। वह भी तब, जबकि जिला प्रशासन द्वारा आज ही निजी कोविड हॉस्पिटल द्वारा मरीजों से ली जाने वाली धनराशि फिक्स की थी, जिसका कोविड हॉस्पिटल द्वारा मखौल उड़ा दिया गया।

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