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नीलामी प्रक्रिया का कोर्ट ने लिया संज्ञान, तीन सप्ताह में पालिका से मांगा जवाब
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देवबंद (सहारनपुर)। पालिका परिषद पर मौलाना उस्मान लाइब्रेरी को समाप्त कर अवैध रूप से दुकानें बनाने के लिए नीलामी प्रक्रिया कराए जाने का आरोप लगाया गया है। वाइजोन एजुकेशनल एवं वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष की जनहित याचिका का संज्ञान लेते हुए उच्च न्यायालय ने पालिका को तीन सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष समीन अशरफ ने बताया कि भायला रोड पर स्थित पंजाब नेशनल बैंक की पुरानी बिल्डिंग में पिछले कई दशक से मौलाना उस्मान लाइब्रेरी चली आ रही है। यह बिल्डिंग पालिका की संपत्ति है। समीन का आरोप है कि पालिकाध्यक्ष जियाउद्दीन अंसारी खुद को लाभ पहुंचाने के लिए लाइब्रेरी को समाप्त कर वहां दुकानों का निर्माण करा रहे हैं और उसके लिए नीलामी प्रक्रिया भी की जा रही है। जो पूरी तरह कायदे कानून से हटकर है। समीन ने बताया कि मामले को उन्होंने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी। जिसका संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने बीती रात एक नवंबर को नगर पालिका प्रशासन से इस संबंध में पक्ष रखने को कहा था, लेकिन पालिका प्रशासन ने सही तथ्य कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए। जिसके चलते कोर्ट ने पालिका प्रशासन से तीन सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है सात ही सुनवाई के लिए आगामी 17 जनवरी की निर्धारित की है। उधर, समीन अशरफ ने पालिका के ईओ विनोद कुमार को पत्र भेजकर कोर्ट के आदेशों के अनुसार नीलामी प्रक्रिया रोकने की मांग की है। ईओ विनोद कुमार का कहना है कि उक्त संपत्ति के बारे में रिकॉर्ड के अनुसार पालिका कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखेगी।
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वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष समीन अशरफ ने बताया कि भायला रोड पर स्थित पंजाब नेशनल बैंक की पुरानी बिल्डिंग में पिछले कई दशक से मौलाना उस्मान लाइब्रेरी चली आ रही है। यह बिल्डिंग पालिका की संपत्ति है। समीन का आरोप है कि पालिकाध्यक्ष जियाउद्दीन अंसारी खुद को लाभ पहुंचाने के लिए लाइब्रेरी को समाप्त कर वहां दुकानों का निर्माण करा रहे हैं और उसके लिए नीलामी प्रक्रिया भी की जा रही है। जो पूरी तरह कायदे कानून से हटकर है। समीन ने बताया कि मामले को उन्होंने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी। जिसका संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने बीती रात एक नवंबर को नगर पालिका प्रशासन से इस संबंध में पक्ष रखने को कहा था, लेकिन पालिका प्रशासन ने सही तथ्य कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए। जिसके चलते कोर्ट ने पालिका प्रशासन से तीन सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है सात ही सुनवाई के लिए आगामी 17 जनवरी की निर्धारित की है। उधर, समीन अशरफ ने पालिका के ईओ विनोद कुमार को पत्र भेजकर कोर्ट के आदेशों के अनुसार नीलामी प्रक्रिया रोकने की मांग की है। ईओ विनोद कुमार का कहना है कि उक्त संपत्ति के बारे में रिकॉर्ड के अनुसार पालिका कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखेगी।
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