{"_id":"693c7f02b00534825e0194ca","slug":"could-not-avoid-deathhard-earned-money-in-the-last-hour-of-life-muzaffarnagar-news-c-29-1-mng1001-160628-2025-12-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: मौत को नहीं टाल पाई...जिंदगी के आखिरी घंटे में मिली मेहनत की कमाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: मौत को नहीं टाल पाई...जिंदगी के आखिरी घंटे में मिली मेहनत की कमाई
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर/मंसूरपुर। वसीम बरेलवी ने जरूरतों के दर्द को शब्दों में पिरोया तो शेर बना...किसी को कैसे बताएं जरूरतें अपनी, मदद मिले न मिले आबरू तो जाती है। यहां उपचार के लिए देरी से मिली बकाया धनराशि के कारण मजदूर कृष्ण पाल (54) की जान ही चली गई। मजदूर यूनियन और भाकियू नेताओं ने जानसठ रोड पर मिल मालिक के घर के सामने धरना शुरू किया।
सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर पहुंचे और फैक्टरी मालिकों की ओर से 5.27 लाख रुपये का चेक दिलाया। परिजन उपचार के लिए लेकर निकले लेकिन मेरठ ले जाते समय रास्ते में ही मजदूर की मौत हो गई।
अभिपुरा गांव का रहने वाला कृष्णपाल मंसूरपुर डिस्टलरी में मजदूरी करता था। करीब डेढ़ साल से डिस्टलरी बंद चली आ रही है। कर्मचारियों की धनराशि भी रुकी हुई है। करीब एक साल पहले मजदूर को लिवर की बीमारी ने घेर लिया। रुपयों के अभाव में नियमित उपचार नहीं कराया जा सका। तीन दिन पहले तबीयत खराब हुई। परिवार और साथी कर्मचारियों ने फैक्टरी मालिक से संपर्क किया।
विज्ञापन
आरोप लगाया गया कि मजदूर की बकाया धनराशि समय पर नहीं मिली। शुक्रवार को मजदूर की तबीयत खराब हो गई। भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी और समाजसेवी श्यामपाल चेयरमैन ने कर्मचारियों और अन्य लोगों के साथ जानसठ रोड स्थित फैक्टरी मालिक के आवास पर धरना शुरू कर दिया।
परिजन एंबुलेंस में मजदूर को लेकर मौके पर पहुंच गए। बीमार श्रमिक का रुके हुए रुपये दिलाने की मांग रखी गई। सिटी मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे। उन्होंने फैक्टरी मालिक और मजदूर यूनियन नेताओं के साथ वार्ता की, जिसके बाद फैक्टरी मालिकों की ओर से कृष्णपाल को 5.27 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक दिया गया।
मंसूरपुर डिस्टलरी मजदूर यूनियन नेता अमित राठी ने बताया कि चेक मिलने के बाद जब कृष्णपाल को उपचार के लिए मेरठ लेकर जा रहे थे तो रास्ते में उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर पहुंचे और फैक्टरी मालिकों की ओर से 5.27 लाख रुपये का चेक दिलाया। परिजन उपचार के लिए लेकर निकले लेकिन मेरठ ले जाते समय रास्ते में ही मजदूर की मौत हो गई।
विज्ञापन
अभिपुरा गांव का रहने वाला कृष्णपाल मंसूरपुर डिस्टलरी में मजदूरी करता था। करीब डेढ़ साल से डिस्टलरी बंद चली आ रही है। कर्मचारियों की धनराशि भी रुकी हुई है। करीब एक साल पहले मजदूर को लिवर की बीमारी ने घेर लिया। रुपयों के अभाव में नियमित उपचार नहीं कराया जा सका। तीन दिन पहले तबीयत खराब हुई। परिवार और साथी कर्मचारियों ने फैक्टरी मालिक से संपर्क किया।
विज्ञापन
आरोप लगाया गया कि मजदूर की बकाया धनराशि समय पर नहीं मिली। शुक्रवार को मजदूर की तबीयत खराब हो गई। भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी और समाजसेवी श्यामपाल चेयरमैन ने कर्मचारियों और अन्य लोगों के साथ जानसठ रोड स्थित फैक्टरी मालिक के आवास पर धरना शुरू कर दिया।
परिजन एंबुलेंस में मजदूर को लेकर मौके पर पहुंच गए। बीमार श्रमिक का रुके हुए रुपये दिलाने की मांग रखी गई। सिटी मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे। उन्होंने फैक्टरी मालिक और मजदूर यूनियन नेताओं के साथ वार्ता की, जिसके बाद फैक्टरी मालिकों की ओर से कृष्णपाल को 5.27 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक दिया गया।
मंसूरपुर डिस्टलरी मजदूर यूनियन नेता अमित राठी ने बताया कि चेक मिलने के बाद जब कृष्णपाल को उपचार के लिए मेरठ लेकर जा रहे थे तो रास्ते में उसकी मौत हो गई।