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अब सरकारी अस्पतालों में कोरोना के लक्षणों की जांच होगी
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मुजफ्फरनगर। जिले के प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कोरोना हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी, ताकि वहां पर लोगों को कोरोना से बचाव और उपचार संबंधित जानकारी दी जा सके।
प्रदेश की स्वास्थ्य सचिव वी हेकाली झिमोमी की ओर से भेजे गए पत्र में यह निर्देश दिए गए हैं कि सभी पीएचसी और सीएचसी पर ओपीडी सेवाएं शुरू करने के साथ ही कोरोना हेल्प डेस्क पर पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती करें। सीएमओ डॉ प्रवीण चोपड़ा ने बताया कि शासन से पत्र मिलने के साथ ही जनपद की सभी पीएचसी और सीएचसी को कोरोना हेल्प डेस्क स्थापित करने के निर्देश दे दिए गए हैं। जिले में नौ सीएचसी और 48 पीएचसी हैं। सीएमओ ने बताया कि शासन से मिली गाइड लाइन के मुताबिक कोरोना हेल्प डेस्क पर तैनात पैरा मेडिकल स्टाफ इंफ्रारेड थर्मामीटर और पल्स ऑक्सीमीटर से लैस होगा। यानी कोरोना हेल्प डेस्क पर ही इस बात की जांच कर ली जाएगी कि मरीज को बुखार है या नहीं, इसके अलावा यह भी पता लगा लिया जाएगा कि मरीज के शरीर में ऑक्सीजन का लेबल कितना है। इसके साथ ही सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर ऐसे साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें यह स्पष्ट रूप में अंकित किया जाएगा कि हेल्प डेस्क में फ्लू और बुखार के रोगियों की जांच की जाती है। सीधे हेल्प डेस्क पर जाने के लिए रास्तों की जानकारी भी बोर्ड पर दी जाएगी ताकि मरीज को इधर-उधर न भटकना पड़े और वह कम से कम लोगों के संपर्क में आए। सभी स्वास्थ्य केंद्रों को जरूरत के हिसाब से इंफ्रारेड थर्मामीटर और पल्स ऑक्सीमीटर उपलब्ध कराए जाएंगे।
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प्रदेश की स्वास्थ्य सचिव वी हेकाली झिमोमी की ओर से भेजे गए पत्र में यह निर्देश दिए गए हैं कि सभी पीएचसी और सीएचसी पर ओपीडी सेवाएं शुरू करने के साथ ही कोरोना हेल्प डेस्क पर पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती करें। सीएमओ डॉ प्रवीण चोपड़ा ने बताया कि शासन से पत्र मिलने के साथ ही जनपद की सभी पीएचसी और सीएचसी को कोरोना हेल्प डेस्क स्थापित करने के निर्देश दे दिए गए हैं। जिले में नौ सीएचसी और 48 पीएचसी हैं। सीएमओ ने बताया कि शासन से मिली गाइड लाइन के मुताबिक कोरोना हेल्प डेस्क पर तैनात पैरा मेडिकल स्टाफ इंफ्रारेड थर्मामीटर और पल्स ऑक्सीमीटर से लैस होगा। यानी कोरोना हेल्प डेस्क पर ही इस बात की जांच कर ली जाएगी कि मरीज को बुखार है या नहीं, इसके अलावा यह भी पता लगा लिया जाएगा कि मरीज के शरीर में ऑक्सीजन का लेबल कितना है। इसके साथ ही सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर ऐसे साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें यह स्पष्ट रूप में अंकित किया जाएगा कि हेल्प डेस्क में फ्लू और बुखार के रोगियों की जांच की जाती है। सीधे हेल्प डेस्क पर जाने के लिए रास्तों की जानकारी भी बोर्ड पर दी जाएगी ताकि मरीज को इधर-उधर न भटकना पड़े और वह कम से कम लोगों के संपर्क में आए। सभी स्वास्थ्य केंद्रों को जरूरत के हिसाब से इंफ्रारेड थर्मामीटर और पल्स ऑक्सीमीटर उपलब्ध कराए जाएंगे।
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