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अमरेश हत्याकांड में दोषी को सात साल की सजा
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मुजफ्फरनगर। गांव गादला में अमरेश हत्याकांड के मामले में कोर्ट ने दोषी को सात साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 55 हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है।
एससी-एसटी एक्ट में एमेंडमेंट के विरोध में दो साल पहले दो अप्रैल 2018 को अनुसूचित जाति के युवाओं की उग्र भीड़ ने नई मंडी कोतवाली पर हमला कर दिया था। इस दौरान फायरिंग में भीड़ में ही शामिल गांव गादला निवासी अमरेश पुत्र सुरेश गोली लगने से घायल हो गया था, जिसकी जिला अस्पताल में मौत हो गई थी। नई मंडी थाना पुलिस ने 19 मई 2018 को गांव मेघाखेड़ी निवासी रामशरण को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उसके कब्जे से पिस्टल भी बरामद की गई थी। तभी से आरोपी जेल में बंद है। सेशन सुपुर्द होने के बाद मुकदमे की सुनवाई एडीजे-13 कोर्ट में न्यायाधीश ओमबीर सिंह के समक्ष हुई।
एडीजीसी ओमप्रकाश उपाध्याय ने आरोपी के खिलाफ 18 गवाह पेश करते हुए अकाट्य सुबूत पेश किए। एडीजीसी ने बताया कि कोर्ट में पेश किए गए सुबूत व गवाहों के आधार पर न्यायाधीश ने रामशरण को गैर इरादतन हत्या के तहत दोषी करार दिया। दोषी को सात साल कैद के साथ ही 55 हजार रुपये जुर्माने की भी सजा सुनाई गई है। दोषी रामशरण नई मंडी थाने का हिस्ट्रीशीटर है। जिसके खिलाफ लूट, हत्या के प्रयास व अपहरण के करीब 12 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
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एससी-एसटी एक्ट में एमेंडमेंट के विरोध में दो साल पहले दो अप्रैल 2018 को अनुसूचित जाति के युवाओं की उग्र भीड़ ने नई मंडी कोतवाली पर हमला कर दिया था। इस दौरान फायरिंग में भीड़ में ही शामिल गांव गादला निवासी अमरेश पुत्र सुरेश गोली लगने से घायल हो गया था, जिसकी जिला अस्पताल में मौत हो गई थी। नई मंडी थाना पुलिस ने 19 मई 2018 को गांव मेघाखेड़ी निवासी रामशरण को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उसके कब्जे से पिस्टल भी बरामद की गई थी। तभी से आरोपी जेल में बंद है। सेशन सुपुर्द होने के बाद मुकदमे की सुनवाई एडीजे-13 कोर्ट में न्यायाधीश ओमबीर सिंह के समक्ष हुई।
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एडीजीसी ओमप्रकाश उपाध्याय ने आरोपी के खिलाफ 18 गवाह पेश करते हुए अकाट्य सुबूत पेश किए। एडीजीसी ने बताया कि कोर्ट में पेश किए गए सुबूत व गवाहों के आधार पर न्यायाधीश ने रामशरण को गैर इरादतन हत्या के तहत दोषी करार दिया। दोषी को सात साल कैद के साथ ही 55 हजार रुपये जुर्माने की भी सजा सुनाई गई है। दोषी रामशरण नई मंडी थाने का हिस्ट्रीशीटर है। जिसके खिलाफ लूट, हत्या के प्रयास व अपहरण के करीब 12 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
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