Muzaffarnagar: 9 घंटे बाद सहमति, स्कूल से हटवाई प्रतिमा, DM-SSP ने संभाला मामला, बाल-बाल बिगड़ने से बचे हालात
Muzaffarnagar News : सम्राट पृथ्वीराज चौहान के सेनापति धीर सिंह पुंडीर की प्रतिमा को लेकर हुए विवाद की सूचना पर डीएम और एसएसपी पहुंचे। करीब नौ घंटे बाद सहमति बनी और स्कूल से प्रतिमा हटवाई गई।
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मुजफ्फरनगर जनपद में चरथावल क्षेत्र में रोनी हरजीपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय नंबर एक के परिसर में सम्राट पृथ्वीराज चौहान के सेनापति धीर सिंह पुंडीर की प्रतिमा को लेकर विवाद खड़ा हो गया। सूचना पर पुलिस-प्रशासन के अधिकारी गांव पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों ने प्रतिमा हटाने से इंकार दिया। वहीं, करीब नौ घंटे बाद सहमति बनी और स्कूल से प्रतिमा को हटाया।
डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी और एसएसपी संजीव सुमन ने ग्रामीणों को समझाया। इसके बाद प्रतिमा को प्रधान की देखरेख में रखवाया गया है। अनुमति की प्रक्रिया पूरी कर अन्यत्र जगह प्रतिमा लगाई जाएगी।
वहीं, शुक्रवार रात प्रतिमा स्थल पर धरना दिया गया। नसीरपुर, रोनी हरजीपुर, बिरालसी, दूधली समेत अन्य गांव के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। रात करीब दस बजे डीएम और एसएसपी गांव पहुंचे। अधिकारियों ने कहा कि महान योद्धा सबके प्रेरक है, लेकिन सार्वजनिक स्थलों पर प्रतिमा नहीं लगाई जा सकती। कानून सबके लिए समान है। एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि प्रतिमा हटाने पर सहमति बन गई है।
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पन्नी से ढकी इस प्रतिमा का 12 जून को अनावरण होना तय किया गया। शुक्रवार को समग्र शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक रामेंद्र कुमार की ओर से बिना अनुमति लगाई गई प्रतिमा को हटवाकर थाने में मुकदमा कायम कराने की तहरीर दी। थाना प्रभारी राकेश शर्मा फोर्स लेकर गांव में पहुंचे। जेसीबी से प्रतिमा हटवाने का प्रयास किया, लेकिन गांव के युवाओं ने विरोध शुरू कर दिया था।
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नहीं है जातीय तनाव, प्रशासन दे रहा तूल
किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह का कहना है कि प्रतिमा लगाने को लेकर गांव में कोई जातीय तनाव नहीं है। प्रशासन बिना वजह तूल दे रहा है। धीर सिंह हमारे पूर्वज है, जो पृथ्वीराज के सेनापति थे। प्रतिमा को दूसरे स्थान पर लगाने के लिए प्रशासन को तीन दिन का समय देना चाहिए। इसके बाद प्रतिमा को वहां स्थापित करा दिया जाएगा। 12 जून को प्रतिमा अनावरण की तारीख तय है। उन्होंने डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी से फोन पर वार्ता की। डीएम से बताया कि शासन के निर्देश के अनुपालन में किसी भी सरकारी अथवा सार्वजनिक स्थान पर कोई ढांचा नहीं बन सकता है। प्रतिमा ग्राम समाज की भूमि पर है।