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Muzaffarnagar News: प्रदूषण पर रार, उद्यमी बोले सिर्फ फैक्टरियां जिम्मेदार नहीं

Tue, 23 Dec 2025 01:31 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर Updated Tue, 23 Dec 2025 01:31 AM IST
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Controversy over pollution, entrepreneurs say factories are not the only culprits
भोपा रोड पर ट्रक में लदे आरडीएफ का नमूना लेते प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी। स्रोत- स्वयं।
फोटो
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। प्रदूषण को लेकर किसान संगठनों के विरोध के बीच उद्यमियों ने अपना पक्ष रखकर स्थिति स्पष्ट की। विभिन्न संगठनों से जुड़े उद्यमियों ने एक मंच पर आकर कहा कि प्रदूषण के लिए सिर्फ फैक्टरियां जिम्मेदार नहीं है। दूसरी वजह की तलाश कर प्रशासन को समाधान निकालना चाहिए। यूपी पेपर मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष और पूर्व चेयरमैन पंकज अग्रवाल ने कहा कि उद्योगों को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराना गलत है। उद्योगों से निकलने वाला उत्सर्जन निर्धारित मानकों के अनुरूप होता है।
औद्योगिक क्षेत्र स्थित फेडरेशन भवन पर आईआईए, फेडरेशन ऑफ मुजफ्फरनगर कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और लघु उद्योग भारती से जुड़े उद्यमियों की ओर से संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता की गई।
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यूपी पेपर मिल एसोसिएशन अध्यक्ष ने कहा कि मुजफ्फरनगर में उद्योगों को प्रदूषण का मुख्य कारण बताकर जो भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं, वह वास्तविक तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। उद्योगों से निकलने वाला उत्सर्जन निर्धारित मानकों के अनुरूप होता है। उसका निस्तारण वैज्ञानिक और नियंत्रित तरीके से किया जाता है।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि उद्योगों में उपयोग होने वाले ईंधन एवं अपशिष्ट को जलाने की प्रक्रिया से किसी प्रकार का अतिरिक्त या हानिकारक प्रदूषण उत्पन्न नहीं हो रहा। प्रत्येक उद्योग में ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम लगा है। इसका डेटा 24 घंटे यूपी पॉल्यूशन बोर्ड और सीपीसीबी पर जाता रहता है।
आआईआई के राष्ट्रीय सचिव कुशपुरी ने कहा कि आरडीएफ सिर्फ उद्योगों में ही नहीं, नगर निकाय की ओर से भी ऊर्जा उत्पादन के लिए उपयोग किया जा रहे हैं। उद्योग नियमों का उल्लंघन न करें इसे सुनिश्चित करने के लिए यूपीपीसीबी के अंतर्गत केंद्रीय एजेंसीज भी निगरानी रखती है।।
उद्यमी प्रभात कुमार ने बताया कि उन्होंने जनपद की सभी प्रमुख औद्योगिक इकाइयों से संबंधित उत्सर्जन एवं पर्यावरणीय डाटा का विस्तृत अध्ययन किया है। अधिकतर वायु प्रदूषण पीएम-2 यानी हवा में धूल के कणों के कारण होता है। वायु प्रदूषण में उद्योगों का मात्र आठ से 10 प्रतिशत है।
आईआईए डिविजनल सेक्रेट्री पवन कुमार गोयल, स्किल डेवलपमेंट के अध्यक्ष अश्विनी खंडेलवाल, पूर्व अध्यक्ष अशोक अग्रवाल, विपुल भटनागर, नवीन अग्रवाल, लघु उद्योग भारती के क्षेत्रीय अध्यक्ष राजेश जैन, फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष अंकित संगल, मनीष भाटिया, अमित गर्ग, श्रवण गर्ग, मयंक बिंदल शामिल रहे।

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उद्यमी कभी सहयोग से पीछे नहीं हटे
पत्रकारों से बातचीत में वक्ताओं ने यह भी कहा कि उद्यमी समाजसेवा और मदद के कार्याें में पीछे नहीं रहते। लोगों के स्वास्थ्य का ख्याल भी रख रहे हैं लेकिन कुछ लोग बेवजह उद्यमियों को परेशान कर रहे हैं। हालांकि उद्यमियों ने परेशान करने वाले लोगों का नाम मंच से नहीं लिया।

भोपा रोड पर ट्रक में लदे आरडीएफ का नमूना लेते प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी। स्रोत- स्वयं।

भोपा रोड पर ट्रक में लदे आरडीएफ का नमूना लेते प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी। स्रोत- स्वयं।

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