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कंपनी में बोर्ड डायरेक्टर बनी है शातिर की पत्नी
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 20 Feb 2017 11:57 PM IST
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बस स्टैंड पर पानी पिलाता संदेश का पिता।
- फोटो : अमर उजाला
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मेरठ से हुए सराफा व्यापारी के अपहरण के मामले में देहरादून की जेल में बंद कुख्यात की ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी वेबवर्क में हिस्सेदारी एक राजनीतिज्ञ ने कराई थी। पुरकाजी ब्लाक के निवासी इस शख्स ने देवबंद विधानसभा सीट से यूडीएफ से विस का चुनाव लड़ा था। 260 करोड़ के गोलमाल की कंपनी में कुख्यात की पत्नी बोर्ड डायरेक्टर दर्शाई गई है।
वेबवर्क ट्रेड लिंक कंपनी में पुरकाजी क्षेत्र के जिस कुख्यात का नाम जांच एजेंसियों की पड़ताल में सामने आया है, उसका इलाके की सियासत में दखल है। जिला पंचायत के एक पूर्व सदस्य की संदेश वर्मा से मित्रता थी। दोनों ने साथ विदेश के टूर भी किए। उसी की पहल पर दून जेल में बंद कुख्यात ने अपने और पत्नी के नाम से ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी में हिस्सेदारी बनाई। वेबवर्क के पार्टनर अनुराग गर्ग और संदेश वर्मा ने दंपति को विशेष दर्जा दिया।
एडबुक मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में कुख्यात की पत्नी को दिसंबर 2016 में बोर्ड का डायरेक्टर बना दिया गया। एसटीएफ की जांच में कंपनी के खातों में पुरकाजी की दंपति का ब्योरा मिला है। जरायम की दुनिया में महिला के पति का अच्छा खासा दखल है। देहरादून के फार्म हाउस से 18 फरवरी 2016 को एक मेरठ निवासी सराफ का अपहरण हुआ था।
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एक कालगर्ल के जरिए व्यापारी को मेरठ से दून ले जाया गया था। मामले में एक करोड़ की फिरौती देने की बात सामने आई थी। हालांकि पीड़ित के नकारने पर पुलिस ने मामले में एफआईआर कराई थी। इसी मुकदमे में कुख्यात को जेल की सलाखें मिली हैं। जांच आगे बढ़ी तो अभी और खुलासे हो सकते हैं। वेबवर्क कंपनी में जिले के अपराधियों का कनेक्शन मिलने से इन्वेस्ट करने वाले उपभोक्ताओं में बेचैनी है।
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वेबवर्क ट्रेड लिंक कंपनी में पुरकाजी क्षेत्र के जिस कुख्यात का नाम जांच एजेंसियों की पड़ताल में सामने आया है, उसका इलाके की सियासत में दखल है। जिला पंचायत के एक पूर्व सदस्य की संदेश वर्मा से मित्रता थी। दोनों ने साथ विदेश के टूर भी किए। उसी की पहल पर दून जेल में बंद कुख्यात ने अपने और पत्नी के नाम से ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी में हिस्सेदारी बनाई। वेबवर्क के पार्टनर अनुराग गर्ग और संदेश वर्मा ने दंपति को विशेष दर्जा दिया।
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एडबुक मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में कुख्यात की पत्नी को दिसंबर 2016 में बोर्ड का डायरेक्टर बना दिया गया। एसटीएफ की जांच में कंपनी के खातों में पुरकाजी की दंपति का ब्योरा मिला है। जरायम की दुनिया में महिला के पति का अच्छा खासा दखल है। देहरादून के फार्म हाउस से 18 फरवरी 2016 को एक मेरठ निवासी सराफ का अपहरण हुआ था।
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एक कालगर्ल के जरिए व्यापारी को मेरठ से दून ले जाया गया था। मामले में एक करोड़ की फिरौती देने की बात सामने आई थी। हालांकि पीड़ित के नकारने पर पुलिस ने मामले में एफआईआर कराई थी। इसी मुकदमे में कुख्यात को जेल की सलाखें मिली हैं। जांच आगे बढ़ी तो अभी और खुलासे हो सकते हैं। वेबवर्क कंपनी में जिले के अपराधियों का कनेक्शन मिलने से इन्वेस्ट करने वाले उपभोक्ताओं में बेचैनी है।