फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Clouds of crisis on paper and iron industry due to shortage of coal

कोयले की कमी से पेपर और लोहा उद्योग पर संकट के बादल

Fri, 15 Oct 2021 12:12 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 15 Oct 2021 12:12 AM IST
विज्ञापन
Clouds of crisis on paper and iron industry due to shortage of coal
मुजफ्फरनगर। जिले के उद्योगों को कोयले की आपूर्ति नहीं मिल पाने से पेपर और लोहा उद्योग पर संकट के बादल छा गए है। उद्योगों के पास जो स्टॉक है वह खत्म होने के कगार पर है। ऐसी हालत में फैक्ट्रियां कभी भी बंद हो सकती है।
विज्ञापन

देश में चल रहे कोयले के संकट का असर यहां उद्योगों पर भी दिखाई देने लगा है। जिले में मुख्य रूप से दो बड़े उद्योग हैं, इनमें पेपर और लोहा उद्योग शामिल है। देश की सबसे ज्यादा 30 पेपर मिल मुजफ्फरनगर में है। इन पेपर मिलों में भूसे और कोयले से टरबाईन के माध्यम से बिजली बनती है। इस समय भूसा कम आने के कारण कोयले पर ही सभी मिल निर्भर हैं। प्रत्येक पेपर मिल के पास कोयले का 15 से 20 दिन का स्टॉक होता है। कोयले के संकट और किसी भी भाव नहीं मिल पाने के कारण उद्योगों की हालत पतली होती जा रही है। उद्यमी इस बात को लेकर परेशान है कि स्टॉक खत्म होते ही मिल बंद हो जाएगी।
विज्ञापन

पेपर मिल एसोसिएशन के प्रदेश के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल का कहना है कि जिले में पेपर मिलों में 130 मेगावाट बिजली खर्च होती है। इसमें 105 मेगावाट टरबाइन के माध्यम से कोयले से तैयार होती है और 25 मेगावाट विद्युत विभाग से खरीदी जाती है। टरबाईन से बिजली बनाने का लाभ यह है कि बीच में कट नहीं होता और उद्योग निरंतर चलता रहता है। कोयले की आपूर्ति नहीं हो पाने के कारण सभी उद्यमी परेशान है। इस समय मिलें पुराने स्टॉक से चल रही है। यदि व्यवस्था नहीं सुधरी तो कोयले का स्टॉक खत्म होते ही मिले बंद हो जाएगी। एक सप्ताह से कोयला मिल ही नहीं पा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed