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बच्चों...जोश दिखाओ, यह जिंदगी बचाने वाला टीका
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मुजफ्फरनगर। बच्चों के टीकाकरण अभियान में स्कूल भी सहयोग कर रहे हैं। बोर्ड परीक्षा की व्यस्तता के बावजूद कई स्कूलों ने कैंप लगवाया और बच्चों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया। कक्षाओं में टीकाकरण को लेकर भ्रम की स्थिति को स्पष्ट किया।
होली चाइल्ड पब्लिक स्कूल के प्रबंधक प्रविंद्र दहिया का कहना है कि शिक्षकों और अभिभावकों की जिम्मेदारी सबसे ज्यादा है। स्वास्थ्य विभाग ने जो लक्ष्य तय किया है, उससे भी कहीं ज्यादा टीकाकरण करना है। देश का भविष्य सुरक्षित होगा। स्कूल में पढ़ रहे बच्चों को रोजाना जागरूक कर रहे हैं। नजदीक के टीकाकरण केंद्रों पर ले जाकर टीके भी लगवाए हैं।
शारदेन पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या धारा रतन का कहना है कि टीकाकरण को सफल बनाना सबकी जिम्मेदारी है। स्कूल के बच्चों को जागरूक किया गया है। बच्चे लगातार टीकाकरण करा रहे हैं। संस्थान के परिसर में 15 से 18 आयु वर्ग के लिए कैंप लगवाया था और अब 12 से 14 साल की उम्र के बच्चों को लेकर कैंप की तैयारी की जा रही है।
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मून लाइट पब्लिक स्कूल सिसौली के प्रबंधक अनिल आर्य का कहना है कि बच्चों के बीच भय और भ्रम की स्थिति खत्म करना शिक्षकों की जिम्मेदारी है। शिक्षक बच्चों और अभिभावक दोनों का मार्गदर्शन करें। स्कूल के शिक्षक रोजाना 12 से 14 साल की उम्र के बच्चों से इस बाबत पूछ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग से भी टीकाकरण के लिए समय मांगा गया है।
माउंट लिट्रा की डायरेक्टर चारु भारद्वाज का कहना है कि संस्था में जल्द ही कैंप लगवाया जाएगा। टीके से किसी तरह का खतरा नहीं है। अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है।
अब तक 10 प्रतिशत हुआ टीकाकरण
जिले में एक लाख 17 हजार 555 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। पहली डोज अब तक 11338 बच्चों को लग चुकी है।
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होली चाइल्ड पब्लिक स्कूल के प्रबंधक प्रविंद्र दहिया का कहना है कि शिक्षकों और अभिभावकों की जिम्मेदारी सबसे ज्यादा है। स्वास्थ्य विभाग ने जो लक्ष्य तय किया है, उससे भी कहीं ज्यादा टीकाकरण करना है। देश का भविष्य सुरक्षित होगा। स्कूल में पढ़ रहे बच्चों को रोजाना जागरूक कर रहे हैं। नजदीक के टीकाकरण केंद्रों पर ले जाकर टीके भी लगवाए हैं।
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शारदेन पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या धारा रतन का कहना है कि टीकाकरण को सफल बनाना सबकी जिम्मेदारी है। स्कूल के बच्चों को जागरूक किया गया है। बच्चे लगातार टीकाकरण करा रहे हैं। संस्थान के परिसर में 15 से 18 आयु वर्ग के लिए कैंप लगवाया था और अब 12 से 14 साल की उम्र के बच्चों को लेकर कैंप की तैयारी की जा रही है।
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मून लाइट पब्लिक स्कूल सिसौली के प्रबंधक अनिल आर्य का कहना है कि बच्चों के बीच भय और भ्रम की स्थिति खत्म करना शिक्षकों की जिम्मेदारी है। शिक्षक बच्चों और अभिभावक दोनों का मार्गदर्शन करें। स्कूल के शिक्षक रोजाना 12 से 14 साल की उम्र के बच्चों से इस बाबत पूछ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग से भी टीकाकरण के लिए समय मांगा गया है।
माउंट लिट्रा की डायरेक्टर चारु भारद्वाज का कहना है कि संस्था में जल्द ही कैंप लगवाया जाएगा। टीके से किसी तरह का खतरा नहीं है। अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है।
अब तक 10 प्रतिशत हुआ टीकाकरण
जिले में एक लाख 17 हजार 555 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। पहली डोज अब तक 11338 बच्चों को लग चुकी है।