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खेल-खेल में मौत के मुंह तक पहुंच गए बच्चे
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मुजफ्फरनगर : बझेड़ी में मौके पर जमा ग्रामीण।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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खेल-खेल में मौत के मुंह तक पहुंच गए बच्चे
मुजफ्फरनगर। जिंदगी की दुश्वारियां झेल रहे बझेड़ी गांव के मजदूर नदीम के घर मातम पसरा है। बच्चे साइकिल के पुराने टायर को चलाते-चलाते तालाब मेें छिपकर बैठी मौत के मुंह में पहुंच गए। गांव में गम का माहौल है। बच्चों के तालाब में डूबने की बात जिसने सुनी, वही मौके की ओर दौड़ा। कुछ ही देर में सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जा पहुंचे और बच्चों को बचाने का प्रयास किया।
रिक्शा चालक नदीम किसी तरह अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा है। वह रोजाना की तरह रिक्शा लेकर मजदूरी करने के लिए घर से निकल गया। दोपहर के समय हादसा हुआ तो बच्चों को बचाने के लिए कई ग्रामीण तालाब में कूद भी गए थे, लेकिन उनकी मेहनत के बाद भी दोनों बच्चों का सुराग नहीं लगा था। इस दौरान सैकड़ों महिला-पुरुष चंद क्षणों में मौके पर पहुंच गए थे। ग्रामीणों ने बताया कि नदीम तो रिक्शा लेकर मजदूरी करने चला गया था, उसे जब हादसे की सूचना दी तो वह रोता बिलखता बदहवासी की हालत में मौके पर पहुंचा। उसका व उसकी पत्नी व अन्य परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था। बझेड़ी गांव के प्रधान सैय्यद ने बताया कि नदीम मूल रूप से शाहपुर के गांव बसी कलां का निवासी है। यहां उसकी ससुराल है। वह दस साल से ससुराल में रहता है।
घास से बन रही परेशानी
तालाब में घास उगी हुई है। गोताखोर पूरे तालाब में घूमे, लेकिन बालक का पता नहीं चला। अब घास के नीचे पानी में बालक को तलाशने के लिए ग्रामीणों ने लोहे का जाल बनाया है, रात में कार्रवाई के लिए बड़ी लाइट का इंतजाम किया गया है। जाल की मदद से घास हटाकर बालक को तलाशा जाएगा। घटना की सूचना पर एसडीएम सदर व सीओ मंडी तथा लेखपाल भी मौके पर पहुंचे थे। मंडी कोतवाली पुलिस रात में भी मौके पर डटी थी।
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मुजफ्फरनगर। जिंदगी की दुश्वारियां झेल रहे बझेड़ी गांव के मजदूर नदीम के घर मातम पसरा है। बच्चे साइकिल के पुराने टायर को चलाते-चलाते तालाब मेें छिपकर बैठी मौत के मुंह में पहुंच गए। गांव में गम का माहौल है। बच्चों के तालाब में डूबने की बात जिसने सुनी, वही मौके की ओर दौड़ा। कुछ ही देर में सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जा पहुंचे और बच्चों को बचाने का प्रयास किया।
रिक्शा चालक नदीम किसी तरह अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा है। वह रोजाना की तरह रिक्शा लेकर मजदूरी करने के लिए घर से निकल गया। दोपहर के समय हादसा हुआ तो बच्चों को बचाने के लिए कई ग्रामीण तालाब में कूद भी गए थे, लेकिन उनकी मेहनत के बाद भी दोनों बच्चों का सुराग नहीं लगा था। इस दौरान सैकड़ों महिला-पुरुष चंद क्षणों में मौके पर पहुंच गए थे। ग्रामीणों ने बताया कि नदीम तो रिक्शा लेकर मजदूरी करने चला गया था, उसे जब हादसे की सूचना दी तो वह रोता बिलखता बदहवासी की हालत में मौके पर पहुंचा। उसका व उसकी पत्नी व अन्य परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था। बझेड़ी गांव के प्रधान सैय्यद ने बताया कि नदीम मूल रूप से शाहपुर के गांव बसी कलां का निवासी है। यहां उसकी ससुराल है। वह दस साल से ससुराल में रहता है।
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घास से बन रही परेशानी
तालाब में घास उगी हुई है। गोताखोर पूरे तालाब में घूमे, लेकिन बालक का पता नहीं चला। अब घास के नीचे पानी में बालक को तलाशने के लिए ग्रामीणों ने लोहे का जाल बनाया है, रात में कार्रवाई के लिए बड़ी लाइट का इंतजाम किया गया है। जाल की मदद से घास हटाकर बालक को तलाशा जाएगा। घटना की सूचना पर एसडीएम सदर व सीओ मंडी तथा लेखपाल भी मौके पर पहुंचे थे। मंडी कोतवाली पुलिस रात में भी मौके पर डटी थी।
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