फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Chief Minister's orders neutral

मुख्यमंत्री के आदेश बेअसर, गड्ढा मुक्त नहीं हो सकीं सड़कें  

Thu, 15 Jun 2017 12:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Thu, 15 Jun 2017 12:02 AM IST
विज्ञापन
Chief Minister's orders neutral
मुजफ्फरनगर में टूटी पड़ी सड़क। - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश सरकार की 15 जून तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने की घोषणा मशीनरी के जाल में उलझ गई है। विभागों के अपने अलग-अलग दावे हैं। लोक निर्माण विभाग धनराशि का रोना रो रहा है, तो पालिका में आठ सड़कों को ठीक करने की स्वीकृति 14 जून को ही मिली है। एकमात्र गन्ना विभाग ही ऐसा निकला, जो अपनी समस्त सड़कों को गड्ढामुक्त करने का दावा कर रहा है।       
विज्ञापन


मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की घोषणा पर अफसर ही पानी फेर रहे हैं। सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए नोडल अधिकारी बनाए गए लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के एक्सईएन धर्मप्रकाश को बजट तक की जानकारी नहीं है।  सड़कों को गड्ढामुक्त करने पर उनका जवाब हिला देने वाला है। वह कहते हैं कि हम 425 किमी सड़कों को गड्ढामुक्त कर रहे हैं।
विज्ञापन


केवल 20 प्रतिशत ही पैसा आया है, इसके बाद भी हमने 80 प्रतिशत काम कर दिया है। रेत आदि की समस्या सबको पता ही है। बजट कितना मांगा गया इसकी जानकारी मुझे नहीं है। कितना पैसा आया वह भी याद नहीं है। नगर पालिका परिषद क्षेत्र में 23 सड़कें गड्ढामुक्त करने के लिए चिह्नित की गई थी। यहां आश्चर्यजनक बात यह है कि आठ सड़कें ऐसी हैं, जिन्हें गड्ढामुक्त करने की स्वीकृति ही प्रशासक ने 14 जून को दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि 15 सड़कों को पालिका गड्ढामुक्त करने का दावा कर रही है। पालिका ने सड़कों की मरम्मत के लिए 91 लाख का बजट स्वीकृत किया। हालांकि यहां बजट को लेकर कोई समस्या नहीं है। जिला गन्ना अधिकारी ओमप्रकाश यादव ने बताया कि उन्हें 36 सड़कें गड्ढामुक्त करनी थी, इनकी लंबाई 35.75 किमी है। इसके लिए 74 लाख 45 हजार 600 का बजट रखा गया। डीसीओ का दावा है कि उन्होंने अपना काम सौ प्रतिशत पूरा कर दिया है।    
  
मंडी समिति के डिप्टी डायरेक्टर प्रवीण कुमार से जब उनके द्वारा गड्ढा मुक्त होने वाली सड़कों का ब्योरा मांगा गया तो वह भी बहाना बना गए। मीटिंग में होने की बात कहकर उन्होंने न तो सड़कों की संख्या बताई और न ही बजट की जानकारी दी। लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड एक के एक्सईएन देवेश शर्मा ने बताया कि उन्हें 269 किमी सड़क को गड्ढामुक्त करना था, अब तक वह 213 किमी सड़क का काम पूरा कर चुके हैं। बजट लगभग दो करोड़ है। हालांकि पैसा अभी 20 प्रतिशत ही मिल पाया है। टारगेट को जल्द पूरा कर लेंगे।       

खतौली-बुढ़ाना मार्ग का चौड़ीकरण अधर में लटका 
मुजफ्फरनगर। सीएम योगी की घोषणा देहात में बेसर साबित हुई। रतनपुरी इलाके में खतौली-बुढ़ाना मार्ग की हालत खस्ताहाल है। इस मार्ग का चौड़ीकरण का कार्य अधर में लटका है। यह मार्ग खतौली से बुढाना-कांधला होता हुआ कैराना और हरियाणा को जोड़ता है। चारों तरफ पत्थर बिखरे पड़े हैं। कभी भी दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है।

आए दिन इस मार्ग पर जर्जर सड़क के कारण बाइक सवारों और अन्य वाहन चालकों को चोटिल होना पड़ता है। यह मार्ग पीडब्लूडी के तहत आता है। इस मार्ग की खतौली से भसाना मिल तक कुल लंबाई 26 किमी है। इस मार्ग का खतौली से घनश्यामपुरा तक के लगभग 10 किमी टुकड़े का चौड़ीकरण काफी साल पहले मायावती शासनकाल में योगराज मंत्री के कार्यकाल में हुआ था, लेकिन शेष बचा हुआ 18 किमी मार्ग तब से अभी तक जर्जर हालत में चौड़ीकरण की बाट देख रहा है।

पिछले साल केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने इस शेष बचे हुए 18 किमी मार्ग के चौड़ीकरण का बीड़ा उठाया था। उन्होंने पिछले वर्ष भसाना शुगर मिल से इसके चौड़ीकरण का श्री गणेश भी कराया था, लेकिन यह चौड़ीकरण का कार्य भी पूर्ण रूप से परवान नहीं चढ़ सका। बुढाना से कल्याणपुर गांव तक केवल लगभग आठ किमी के टुकड़े का ही चौड़ीकरण हो सका।       

मीरापुर में दोनों हाईवे गड्ढों में हुए तब्दील             
 मीरापुर। मीरापुर में देश के दो मुख्य हाईवे जुड़ते हैं। दिल्ली-पौड़ी राजमार्ग व पानीपत खटीमा राजमार्ग मीरापुर में मोन्टी तिराहे पर जुड़ता है। हालात यह है कि इस तिराहे पर हाईवे पूरी तरीके से उधड़ा पड़ा है। दिल्ली-पौड़ी राजमार्ग पर जाटान पुलिया के पास हाईवे महीनों से टूटा पड़ा है। इस जगह हाईवे में गहरे गड्ढे बन चुके हैं। कैथोड़ा के निकट भी हाईवे क्षतिग्रस्त पड़ा है।      

फलावदा-जसौला मार्ग की हालत भी जर्जर              
खतौली। फलावदा और जसौला  मार्ग कई जगह से टूटा-फूटा पड़ा हुआ है। सड़क़ों पर जगह जगह गड्ढे हैं।  जनता परेशान हैं। सीएम के आदेश पर भी इन मार्गों के गड्ढे भरे नहीं जा सके हैं। फलावदा मार्ग खतौली से गांव मोहद्दीनपुर, भुआपुर, बिहारीगढ़,  गालिबपुर, जावन, छछरपुर, कैलावड़ा, गदनपुरा आदि गांवों को जोड़ता है।


यह  मार्ग जगह जगह से टूटा हुआ है। मार्ग पर गहरे गड्ढ़े बने हुए हैं। जसौला मार्ग की भी हालत खस्ताहाल है।  उधर, तितावी क्षेत्र की देहात की सड़कें भी गड्ढामुक्त नहीं हो सकी। क्षेत्र के गांव हैदरनगर जलालपुर, अलीपुर खुर्द, बुडीना खुर्द ,धनसैनी, नसीरपुर मार्ग की हालत जर्जर है। अमीरनगर, पीरबड़, मुकंदपुर,खेड़ी को जोड़ने वाला मार्ग भी जर्जर अवस्था में है।             
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed