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चेयरपर्सन के बेटे और पौत्री को पॉजिटिव बता कर किया आइसोलेट
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चेयरपर्सन के बेटे और पौत्री को पॉजिटिव बता कर किया आइसोलेट
मुजफ्फरनगर। नगरपालिका चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल के परिवार की कोविड जांच रिपोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। चेयरपर्सन के बेटे और पौत्री को एंटीजन जांच में पॉजिटिव बता कर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने होम आइसोलेट कर दिया, जबकि पोर्टल पर उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इतना ही नहीं चेयरपर्सन का कहना है कि उसकी पुत्रवधू ने आरटीपीसीआर के लिए सैंपल दिया नहीं, फिर भी पोर्टल जांच रिपोर्ट पॉजिटिव दर्शा रहा है। चेयरपर्सन ने स्वास्थ विभाग से इसकी जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने बताया कि पड़ोस में रहने वाले उनके देवर की तबीयत खराब थी। उनकी जांच कराने के लिए डॉक्टर से कहा, तो 12 अप्रैल को स्वास्थ्य विभाग की टीम सैंपल के लिए आई थी। तब उनके बेटे अभिषेक अग्रवाल ने भी अपनी जांच कराई, तो एंटीजन जांच में स्वास्थ्य कर्मियों ने अभिषेक को पॉजिटिव बताया। तब सभी परिजनों की एंटीजन जांच हुई तो कर्मचारियों ने उनकी 12 साल की पौत्री को भी पॉजिटिव बताया, बाकी की रिपोर्ट नेगेटिव बताई। अभिषेक और उसकी बेटी को स्वास्थ्य कर्मचारियों ने होम आइसोलेट कर दिया। साथ ही सभी परिजन भी क्वारंटीन हो गए।
चेयरपर्सन ने बताया कि शनिवार को पॉर्टल पर जांच रिपोर्ट देखी तो अभिषेक और उसकी बेटी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है और पुत्रवधू वंशिका अग्रवाल की रिपोर्ट पॉर्टल पॉजिटिव दर्शा रहा है, जबकि वंशिका ने आरटीपीसीआर के लिए सैंपल नहीं दिया था। क्योंकि वंशिका ने छह अप्रैल को आरटीपीसीआर जांच करा ली थी, जो तब नेगेटिव आई थी। चेयरपर्सन का यह भी कहना है कि बेटे और पौत्री को होम आइसोलेट करने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उनकी कोई खबर नहीं ली तथा न ही कोई दवा दी। उन्होंने अपने निजी डॉक्टर से दवाई मंगवाई। चेयरपर्सन ने बताया कि गंभीरता से इस मामले की जांच होनी चाहिए, क्योंकि यह जिंदगी के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
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पूरे मामले की जांच कराई जाएगी
चेयरपर्सन ने इस बारे में जानकारी दी है। हालांकि आरटीपीसीआर रिपोर्ट मेरठ मेडिकल कॉलेज की लैब से पोर्टल पर अंकित होती है। इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ एमएस फौजदार, सीएमओ
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मुजफ्फरनगर। नगरपालिका चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल के परिवार की कोविड जांच रिपोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। चेयरपर्सन के बेटे और पौत्री को एंटीजन जांच में पॉजिटिव बता कर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने होम आइसोलेट कर दिया, जबकि पोर्टल पर उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इतना ही नहीं चेयरपर्सन का कहना है कि उसकी पुत्रवधू ने आरटीपीसीआर के लिए सैंपल दिया नहीं, फिर भी पोर्टल जांच रिपोर्ट पॉजिटिव दर्शा रहा है। चेयरपर्सन ने स्वास्थ विभाग से इसकी जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने बताया कि पड़ोस में रहने वाले उनके देवर की तबीयत खराब थी। उनकी जांच कराने के लिए डॉक्टर से कहा, तो 12 अप्रैल को स्वास्थ्य विभाग की टीम सैंपल के लिए आई थी। तब उनके बेटे अभिषेक अग्रवाल ने भी अपनी जांच कराई, तो एंटीजन जांच में स्वास्थ्य कर्मियों ने अभिषेक को पॉजिटिव बताया। तब सभी परिजनों की एंटीजन जांच हुई तो कर्मचारियों ने उनकी 12 साल की पौत्री को भी पॉजिटिव बताया, बाकी की रिपोर्ट नेगेटिव बताई। अभिषेक और उसकी बेटी को स्वास्थ्य कर्मचारियों ने होम आइसोलेट कर दिया। साथ ही सभी परिजन भी क्वारंटीन हो गए।
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चेयरपर्सन ने बताया कि शनिवार को पॉर्टल पर जांच रिपोर्ट देखी तो अभिषेक और उसकी बेटी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है और पुत्रवधू वंशिका अग्रवाल की रिपोर्ट पॉर्टल पॉजिटिव दर्शा रहा है, जबकि वंशिका ने आरटीपीसीआर के लिए सैंपल नहीं दिया था। क्योंकि वंशिका ने छह अप्रैल को आरटीपीसीआर जांच करा ली थी, जो तब नेगेटिव आई थी। चेयरपर्सन का यह भी कहना है कि बेटे और पौत्री को होम आइसोलेट करने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उनकी कोई खबर नहीं ली तथा न ही कोई दवा दी। उन्होंने अपने निजी डॉक्टर से दवाई मंगवाई। चेयरपर्सन ने बताया कि गंभीरता से इस मामले की जांच होनी चाहिए, क्योंकि यह जिंदगी के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
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पूरे मामले की जांच कराई जाएगी
चेयरपर्सन ने इस बारे में जानकारी दी है। हालांकि आरटीपीसीआर रिपोर्ट मेरठ मेडिकल कॉलेज की लैब से पोर्टल पर अंकित होती है। इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ एमएस फौजदार, सीएमओ