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कैसी पुलिसिंग, जब न हो सुरक्षा की भावना ?

Sun, 08 Dec 2019 11:24 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 08 Dec 2019 11:24 PM IST
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Captain said, policemen in plain uniform also not safe with family on city streets
बोले कप्तान, सादी वर्दी में पुलिसकर्मी भी परिवार के साथ शहर की सड़कों पर नहीं सुरक्षित
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मुजफ्फरनगर। जनपद पुलिस की लापरवाही से खफा एसएसपी अभिषेक यादव ने शनिवार देर रात पुलिसकर्मियों की जमकर क्लास लगाई। वायरलेस सेट पर प्रसारित संदेश में कप्तान ने यहां तक कह डाला कि जनपद में किसी को भी सुरक्षा नाम की भावना तक नहीं है। हालात यहां तक खराब हैं कि सादी वर्दी में परिवार के साथ सड़क पर निकलने वाले पुलिसकर्मी भी सुरक्षित नहीं हैं।
शनिवार देर रात जनपद भर के पुलिसकर्मियों को वायरलेस सेट पर प्रसारित संदेश में एसएसपी अभिषेक यादव ने लापरवाही पर उन्हें जमकर हड़काया। एसएसपी ने कहा कि जिले के पुलिसकर्मी बेसिक ड्यूटी भी नहीं कर पा रहे हैं, तो उन्हें किस बात की तनख्वाह दी जाए। इससे अच्छा है कि वे अपनी चौकी व थाने छोड़ दें। शहर व देहात की सड़कों पर कभी भी निकल जाएं, पुलिसकर्मी दिखाई नहीं देंगे। डायल-112 की पीआरवी या चीता मोबाइल का भी यही हाल है, तो आम जनता में सुरक्षा की भावना कहां से और कैसे आए ? कहीं से ऐसा नहीं लगता कि हम सेफ हैं। सड़कों पर हर समय बाइकों पर दो-दो, तीन-तीन लड़के घूमते हैं, जिन्हें देख ऐसा लगता है जैसे गुुंडे घूम रहे हों। इसके बावजूद कहीं कोई पुलिसकर्मी उन्हें नहीं रोकता। शहर की सड़कों से एक आदमी पैदल नहीं निकल सकता, तो ऐसे में कौन सी फुट पेट्रोलिंग हो रही है ? शाम के समय पूरे जिले के 1500 पुलिसकर्मी क्या करते हैं, किसी को नहीं पता। शहर के मीनाक्षी चौक पर इतनी बाइकें व गाड़िय़ां खड़ी होती हैं, इतना हो-हल्ला होता है, लेकिन इन्हें रोकने के लिए कोई पुलिसकर्मी नहीं दिखाई देता।
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गाड़ी में बैठकर सोना गश्त नहीं
मुजफ्फरनगर। एसएसपी ने डायल-112 की पीआरवी, नाइट अफसर व चीता मोबाइल से जुड़े पुलिसकर्मियों को कहा कि रात के समय गश्त का मतलब यह नहीं है कि गाड़ी में बैठे और सीट पीछे कर सो गए। उनकी ड्यूटी इसलिए लगती है कि वे फील्ड में रहें और अलर्ट रहें। महिला सुरक्षा को लेकर एसएसपी ने कहा कि रात्रि के समय कहीं भी कोई महिला अकेली जाती दिखाई दे तो उसे रोककर अकेले निकलने का कारण पूछे। उसके परिजनों को बुलाएं और अकेली है तो उसे घर तक सुरक्षित छोड़ें। इसके साथ ही एसएसपी ने हाईवे पर बैरियर लगाकर एक प्वाइंट बनाने और वहां वाहनों की चेकिंग करने के भी आदेश दिए।
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गिनाएं शराब पीने के भी प्वाइंट
मुजफ्फरनगर। एसएसपी ने पुलिसकर्मियों को शहर में शराब पीने के प्वाइंट भी गिनाते हुए कहा कि महावीर चौक पर हर दूसरे दिन सड़क पर शराब पीते लोग मिल जाएंगे। कूकड़ा मंडी में लोग खुलेआम बैठकर शराब पीते हैं, लेकिन पुलिसकर्मी दिखाई नहीं देते। खतौली, बुढ़ाना व अन्य क्षेत्रों में भी यही हालात हैं।

शाम को फील्ड में रहेंगे सभी अफसर व पुलिसकर्मी
मुजफ्फरनगर। एसएसपी अभिषेक यादव ने कहा कि रोज शाम के समय हर रैंक का ऑफिसर फील्ड में होगा। थाने का अधिकांश फोर्स व बीट आरक्षी दो-तीन घंटे शाम को मार्केट एरिया में निकलेगा। यदि कोई थानेदार या चौकी प्रभारी शाम को ऑफिस में बैठेगा तो उसे एसपी सिटी या एसपी देहात से इसका कारण भी बताना ही होगा।
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