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नहर की पटरी टूटी, फसलें हुई जलमग्न
अमर उजाला/ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 04 Sep 2018 12:31 AM IST
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नहर की पटरी टूटने से गांव में भरा पानी।
- फोटो : अमर उजाला
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लोई गांव के पास देर रात चौगामा नहर की पटरी टूूटने से नहर किनारे बसा आधा गांव जलमग्न हो गया। ग्रामीणों के घरों में पानी भर गया। पानी की अधिकता के कारण किसानों की फसलें भी जलमग्न हो गई। इस घटना की सूचना पर पहुुंचे उपजिलाधिकारी ने ग्रामीणों की सहायता से पटरी बनवाकर पानी पर काबू पाया।
तहसील क्षेत्र के गांव लोई के एक किनारे पर चौगामा नहर बहती है। रविवार देर रात नहर में अधिक पानी आने के कारण नहर की पटरी टूट गई। नहर पटरी टूटने से किसानों की फसलें तथा आधा गांव जलमग्न हो गया। नहर के किनारे बसी आबादी में ग्रामीणों के घरों में पानी घुस गया। पानी के तेज बहाव के कारण गांव में अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों ने प्रशासनिक व नहर विभाग के अधिकारियों को नहर टूटने की सूचना दी।
नहर टूटने से ग्रामीण आबिद, खालिद, शब्बीर, खुर्शीद, मंगू, इमरान, बिलाल, संजीदा, आमिर और रियासत आदि के घरों में पानी भर गया। इस मोहल्ले में बनी चांद मस्जिद भी पानी की चपेट में आ गई। गांव के प्राथमिक विद्यालय व जूनियर हाई स्कूल परिसर व उनकी इमारत में भी पानी भर गया। घरों में पानी अधिक भरने के कारण गांव वालों का खाने पीने का सामान अनाज आदि व पशुओं का चारा भूसा बर्बाद हो गया।
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घटना की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी कुमार भूपेंद्र सोमवार प्रात: मौके पर पहुुंचे। उपजिलाधिकारी ने नहर विभाग के उच्चाधिकारियों से संपर्क किया। नहर विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों की सहायता से बमुश्किल पटरी बनाकर पानी पर काबू पाया। गांव में तथा खेतों में हुए जलभराव के कारण किसानों की फसलें भी जलमग्न हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि एक महीने पहले भी नहर की पटरी टूटकर गांव तथा खेतों में पानी भर गया था। पटरी टूटने से ग्रामीणों का भारी नुकसान है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।
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तहसील क्षेत्र के गांव लोई के एक किनारे पर चौगामा नहर बहती है। रविवार देर रात नहर में अधिक पानी आने के कारण नहर की पटरी टूट गई। नहर पटरी टूटने से किसानों की फसलें तथा आधा गांव जलमग्न हो गया। नहर के किनारे बसी आबादी में ग्रामीणों के घरों में पानी घुस गया। पानी के तेज बहाव के कारण गांव में अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों ने प्रशासनिक व नहर विभाग के अधिकारियों को नहर टूटने की सूचना दी।
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नहर टूटने से ग्रामीण आबिद, खालिद, शब्बीर, खुर्शीद, मंगू, इमरान, बिलाल, संजीदा, आमिर और रियासत आदि के घरों में पानी भर गया। इस मोहल्ले में बनी चांद मस्जिद भी पानी की चपेट में आ गई। गांव के प्राथमिक विद्यालय व जूनियर हाई स्कूल परिसर व उनकी इमारत में भी पानी भर गया। घरों में पानी अधिक भरने के कारण गांव वालों का खाने पीने का सामान अनाज आदि व पशुओं का चारा भूसा बर्बाद हो गया।
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घटना की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी कुमार भूपेंद्र सोमवार प्रात: मौके पर पहुुंचे। उपजिलाधिकारी ने नहर विभाग के उच्चाधिकारियों से संपर्क किया। नहर विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों की सहायता से बमुश्किल पटरी बनाकर पानी पर काबू पाया। गांव में तथा खेतों में हुए जलभराव के कारण किसानों की फसलें भी जलमग्न हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि एक महीने पहले भी नहर की पटरी टूटकर गांव तथा खेतों में पानी भर गया था। पटरी टूटने से ग्रामीणों का भारी नुकसान है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।