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चारों बेगुनाहों को रिहा किया गया

Tue, 31 Dec 2019 12:18 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 31 Dec 2019 12:18 AM IST
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CAA nuisance: Four days innocent released after nine days
नौ दिन बाद चारों बेगुनाह रिहा
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मुजफ्फरनगर। शहर में हुए उपद्रव के बाद पुलिस की कार्रवाई की चपेट में आए चार बेकसूरों को नौ दिन जेल में रहने के बाद रिहा कर दिया गया। पुलिस ने इन सबकी 169 सीआरपीसी में कार्रवाई करते हुए न्यायालय में रिपोर्ट पेश की थी। सोमवार की सुबह ये रिहा हुए। एडीएम प्रशासन अमित कुमार सिंह ने चारों बेगुनाहों के रिहाई की पुष्टि की है।
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हुए उपद्रव के बाद पुलिस ने एक सरकारी कर्मचारी सहित चार बेकसूरों को जेल भेज दिया था। इनमें जिला सेवायोजन कार्यालय के लिपिक फारूक को उस हालत में सिविल लाइन पुलिस ने जेल भेज दिया, जब वह पूरे दिन अपने कार्यालय में ड्यूटी पर रहे। उनकी बेगुनाही के तमाम सबूत सामने आने के बाद डीएम सेल्वा कुमारी जे ने उनकी रिहाई के आदेश दिए। 20 दिसंबर की रात में उन्हें घर से पकड़ा गया। 21 दिसंबर को जेल भेज दिया गया। 24 दिसंबर को उनकी रिहाई की रिपोर्ट न्यायालय में पेश कर दी गई। इसी तरह अपने परिवार के बुजुर्ग यूनुस को मेरठ के हॉस्पिटल में ले जा रहे शहर के उद्यमी खालिद, उसके बेटे सुहैल और परिवार के अतीक को कोतवाली पुलिस ने 21 दिसंबर को पकड़ कर जेल भेज दिया था। अमर उजाला ने इसका खुलासा किया था। इनका पूरा मामला सामने आने के बाद पुलिस बैकफुट पर आई और पुलिस ने 24 दिसंबर को ही इनकी रिहाई के लिए भी रिपोर्ट न्यायालय में भेजी। कोर्ट के नहीं बैठने से इनकी जमानत नहीं हो पा रही थी। प्रशासन के प्रयास से कोर्ट में मौजूद स्पेशल मजिस्ट्रेट जेबा रऊफ ने सोमवार को इन चारों की रिहाई के आदेश दिए।
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उपद्रव में फंसे लोगों का केस लड़ेंगे सपा के 11 अधिवक्ता
मुजफ्फरनगर। उपद्रव प्रकरण में जेल गए अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों का केस सपा जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी सहित 11 अधिवक्ता नि:शुल्क लडे़ंगे। प्रमोद त्यागी ने बताया कि उन्होंने अधिवक्ताओं को एक पैनल बनाया है। इस पैनल में वह स्वयं शामिल हैं। इसके अलावा वसी अंसारी, नईम अहमद, अनिल त्यागी, संदीप डबास, अमित गुप्ता, बुरहान कुरैशी, शिवम त्यागी, खुर्शीद फारूकी, विनोद कश्यप, आदिल सलमानी पैनल में शामिल हैं। ये सभी उपद्रव में जेल भेजे गए और आरोपित किए गए लोगों के केस लड़ेंगे।
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