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पाकिस्तानी बहू ने हिंदुस्तान में जन्मा बेटा, लेकिन आज तक नहीं मिली नागरिकता

Tue, 12 Sep 2017 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Tue, 12 Sep 2017 12:41 AM IST
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Bushra resident of Lahore
अपने पति के साथ लाहौर की बुशरा। - फोटो : अमर उजाला
भारत और पाकिस्तान के सियासी रिश्ते और सीमा पर तनातनी किसी से छिपी नहीं है। सरहद पार अवाम के दिलों में प्यार ही नहीं रिश्तों की बुनियाद भी गहरी है। शहर में जन्मा नन्हा हमदान न तो अभी नफरत जानता है और न ही उसे मां-बाप के अलग-अलग सरजमीं से ताल्लुक होने का पता है। दोनों देशों के बीच रिश्ते चाहे जैसे भी हो, लेकिन नन्हा बच्चा दोनों देशों के लिए नजीर है। हमदान के पिता हिंदुस्तानी हैं, जबकि मां पाकिस्तानी है। हालांकि हमदान की मां को अभी भारत की नागरिकता नहीं मिली है।      
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पाकिस्तान के लाहौर निवासी जाहिद हसन और तितावी के बघरा निवासी जहीर हसन के बीच रिश्तों की बुनियाद अरसों पहले पड़ी थी। रिश्ते में दोनों एक-दूजे के भाई हैं। भारत-पाक के साथ रिश्तों की डोर बंधी रहे, इसके लिए दोनों परिवारों ने इन्हें रिजवान और बुशरा के निकाह से मजबूती दी। 25 जनवरी 2013 को पाकिस्तान में दोनों परिवारों के बीच शहनाई गूंजी और नई जिंदगियों का आगाज हुआ। पाकिस्तान की बुशरा को रिजवान हिंदुस्तान की बहू बना लाया।
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निकाह के वक्त बुशरा को भारत में रहने के लिए तीन माह का समय मिला था। उसके बाद वह पाकिस्तान चली गई। डेढ़ साल पहले बुशरा फिर से भारत रहने आई थी। अब बुशरा ने चार सितंबर को स्वामी कल्याणदेव जिला महिला चिकित्सालय में बेटे को जन्म दिया है। बेटे का नाम हमदान रखा है। हालांकि बुशरा की खुशियों पर दोनों देशों की सरहद का ग्रहण लगा हुआ है। अभी तक बुशरा को भारतीय नागरिकता नहीं मिल पाई है। जल्द ही बुशरा को पाकिस्तान लौटना पड़ेगा।
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इसको लेकर दोनों परिवार में खुशियों की लहर के बीच निराशा भी है। बुशरा कहती है कि भारत-पाक की अवाम एक-दूसरे से मोहब्बत करती है। उसकी किस्मत है कि उसका निकाह हिंदुस्तानी सरजमीं पर रहने वाले रिजवान से हुआ है। जिला अस्पताल की सीएमएस अमिता गर्ग ने बताया कि खुफिया विभाग से जानकारी की गई है, महिला का भारत में पंजीकरण है। उसको आप्रेशन से बच्चा हुआ है। उपचार के बाद उसकी छुट्टी कर दी गई है।              

पाक में दिया था बेटी को जन्म             
मुजफ्फरनगर। यह किस्मत का ही संयोग है कि बुशरा पाकिस्तानी है। रिजवान की पहली संतान बेटी वानिया को पाकिस्तान के नवाज शरीफ हॉस्पिटल में जन्म दिया है, जबकि बेटे का जन्म हिंदुस्तान में हुआ है। रिजवान का शामली और मुजफ्फरनगर में छोटा सा कारोबार है। वह वजन तौलने वाले इलेक्ट्रिक कांटे बेचने का कार्य करता है। रिजवान-बुशरा कहते हैं कि दोनों बच्चों के हिंदुस्तानी होने पर गर्व है।              

रिजवान के चाचा की बेटी है बुशरा             
मुजफ्फरनगर। रिजवान ने बताया कि बुशरा पाकिस्तान में रह रहे उनके चाचा की बेटी है। उनके चाचा जाहिद हसन, मामा इसरार उलहक लाहौर में रहते हैं। दोनों देशों और परिवारों के बीच रिश्तों की डोर बंधी रहे, इसको लेकर दोनों का निकाह हुआ है। बुशरा के भारत में रहने के लिए लांग टर्म वीजा अप्लाई किया गया है, जो मंत्रालय से अभी मिल नहीं सका है।        


विदेश में नौकरी करता  है परिवार             
मुजफ्फरनगर। पाकिस्तान की बुशरा मूल रूप से रावलपिंडी की रहने वाली है। अब उसका परिवार लाहौर में रहता है। पिता जाहिद हसन की मृत्यु हो चुकी है, जबकि मां रिहाना है। भाई जुनैद खांवर, जाहिद खांवर और दानियाल खांवर सऊदी अरब में नौकरी करते थे, अब फिलहाल वह भी पाक में रह रहे हैं।              
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