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बीस साल से चलाई जा रही बसें अवैध बताकर कराई बंद, छात्र परेशान
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बीस साल से चल रहीं बसें कराईं बंद, छात्र परेशान
मुजफ्फरनगर। बीस साल से मुजफ्फरनगर से तितावी क्षेत्र के कई गांवों तक संचालित की जा रहीं प्राइवेट बसें बंद करा दी गईं। बसों का संचालन बंद होने से छात्र-छात्राओं को कोचिंग व कालेज आने जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मुजफ्फरनगर-शामली मार्ग पर पड़ने वाले आधा दर्जन गांव धौलरा बस अड्डे से जुडे़ हैं। धौलरा से जसोई गांव तीन किलोमीटर, गुजरहेड़ी पांच, भमेला छह, पीपलहेड़ा आठ, नगला छह, छतैला पांच किलोमीटर पड़ता है। इन गांवों में बीस साल से ज्यादा समय से आधा दर्जन प्राईवेट बसों का संचालन हो रहा था। अब इन बसों को बंद कर दिया गया है। ग्रामीणों व छात्रों ने बसों का संचालन करने की मांग की है।
जसोई गांव निवासी चौधरी इसरार डीएवी कालेज में बीए का छात्र है। उसका कहना है कि जिस दिन से बसें बंद हुईं हैं उन्हें कालेज जाने के लिए एक घंटा पहले घर से चलना होता है और इसके बाद वाहन का इंतजार करना पड़ता है। कालेज पहुंचने में देर हो जाती है।
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डीएवी से बीसीए की शिक्षा ग्रहण कर रही भमेला निवासी आंचल पुंडीर का कहना है कि जब कभी उन्हें देर हो जाती थी तो प्राईवेट बस का स्टाफ उन्हें घर तक छोड़ कर आता था। अब आने जाने में उनके कई घंटे अतिरिक्त लग रहे हैं और परेशानी भी हो रही है। समय पर पहुंच नहीं पा रहे है।
इन्होंने कहा
मुख्यमंत्री ने अतिक्रमण व अवैध बस व टैक्सी स्टैंड को हटाने के आदेश दिए थे। इसी के चलते यह कार्रवाई की गई है। जो बसें बंद कराई हैं उनके पास मार्ग पर संचालन का परमिट नहीं था। - सुरेंद्र सिंह, एआरटीओ।
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मुजफ्फरनगर। बीस साल से मुजफ्फरनगर से तितावी क्षेत्र के कई गांवों तक संचालित की जा रहीं प्राइवेट बसें बंद करा दी गईं। बसों का संचालन बंद होने से छात्र-छात्राओं को कोचिंग व कालेज आने जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मुजफ्फरनगर-शामली मार्ग पर पड़ने वाले आधा दर्जन गांव धौलरा बस अड्डे से जुडे़ हैं। धौलरा से जसोई गांव तीन किलोमीटर, गुजरहेड़ी पांच, भमेला छह, पीपलहेड़ा आठ, नगला छह, छतैला पांच किलोमीटर पड़ता है। इन गांवों में बीस साल से ज्यादा समय से आधा दर्जन प्राईवेट बसों का संचालन हो रहा था। अब इन बसों को बंद कर दिया गया है। ग्रामीणों व छात्रों ने बसों का संचालन करने की मांग की है।
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जसोई गांव निवासी चौधरी इसरार डीएवी कालेज में बीए का छात्र है। उसका कहना है कि जिस दिन से बसें बंद हुईं हैं उन्हें कालेज जाने के लिए एक घंटा पहले घर से चलना होता है और इसके बाद वाहन का इंतजार करना पड़ता है। कालेज पहुंचने में देर हो जाती है।
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डीएवी से बीसीए की शिक्षा ग्रहण कर रही भमेला निवासी आंचल पुंडीर का कहना है कि जब कभी उन्हें देर हो जाती थी तो प्राईवेट बस का स्टाफ उन्हें घर तक छोड़ कर आता था। अब आने जाने में उनके कई घंटे अतिरिक्त लग रहे हैं और परेशानी भी हो रही है। समय पर पहुंच नहीं पा रहे है।
इन्होंने कहा
मुख्यमंत्री ने अतिक्रमण व अवैध बस व टैक्सी स्टैंड को हटाने के आदेश दिए थे। इसी के चलते यह कार्रवाई की गई है। जो बसें बंद कराई हैं उनके पास मार्ग पर संचालन का परमिट नहीं था। - सुरेंद्र सिंह, एआरटीओ।