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पेनल्टी और डीजल की मार से बस संचालक परेशान
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पेनल्टी और डीजल की मार से बस संचालक परेशान
मुजफ्फरनगर। जनपद के बस संचालकों पर दोहरी मार पड़ रही है। करीब एक महीने के कोरोना कर्फ्यू के दौरान रोड टैक्स पर विलंब शुल्क देने के बाद अब डीजल के दिनोदिन बढ़ रहे दामों ने बस संचालकों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ा दी है। कोरोना कर्फ्यू में टैक्स जमा नहीं कर पाए लोगों पर यह दोहरी मार है। एक तो उनके वाहन नहीं चलने से आमदनी बंद रहीं दूसरी ओर उन्हें रोड टैक्स के साथ पेनल्टी भी देनी पड़ रही है।
कोरोना कर्फ्यू के दौरान अन्य कार्यालयों के साथ एआरटीओ कार्यालय भी बंद रहा। इस दौरान लाइसेंस बनाने एवं नवीनीकरण के साथ ही वाहनों की फिटनेस, रोड टैक्स आदि काम नहीं हुए। लंबित पड़े कार्यों को अब किया जा रहा है। कोरोना कर्फ्यू में वाहन स्वामियों को परेशानी के साथ आर्थिक हानि भी उठानी पड़ी है। अब रोड टैक्स जमा करने पर पांच प्रतिशत प्रतिमाह की दर से पेनल्टी जमा कराई गई है। इसके अतिरिक्त दिनोदिन बढ़ते डीजल के दामों ने बस संचालकों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ा दी हैं। डीजल इस समय 92 रुपये प्रति लीटर से ऊपर पहुंच चुका है।
- बस मालिक राहुल कुमार ने बताया कि कोरोना कर्फ्यू में उनकी बस चली नहीं। उन्हें रोड टैक्स जमा करने में पेनल्टी देनी भी देनी पड़ी है। लेकिन अब डीजल की मार ने परेशान कर दिया है। कर्मचारियों को जेब से तन्ख्वाह देनी पड़ रही है।
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- बस मालिक आबिद अली का कहना है कि एक बस का एक महीने का करीब 7400 रोड टैक्स जाता है, जिस पर उन्हें 700 रुपये पेनल्टी के देने पड़े हैं। अन्य वाहन स्वामियों को भी इसी तरह नुकसान उठाना पड़ा, लेकिन कोरोना कर्फ्यू के बावजूद पेनल्टी में छूट नहीं दी गई।
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मुजफ्फरनगर। जनपद के बस संचालकों पर दोहरी मार पड़ रही है। करीब एक महीने के कोरोना कर्फ्यू के दौरान रोड टैक्स पर विलंब शुल्क देने के बाद अब डीजल के दिनोदिन बढ़ रहे दामों ने बस संचालकों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ा दी है। कोरोना कर्फ्यू में टैक्स जमा नहीं कर पाए लोगों पर यह दोहरी मार है। एक तो उनके वाहन नहीं चलने से आमदनी बंद रहीं दूसरी ओर उन्हें रोड टैक्स के साथ पेनल्टी भी देनी पड़ रही है।
कोरोना कर्फ्यू के दौरान अन्य कार्यालयों के साथ एआरटीओ कार्यालय भी बंद रहा। इस दौरान लाइसेंस बनाने एवं नवीनीकरण के साथ ही वाहनों की फिटनेस, रोड टैक्स आदि काम नहीं हुए। लंबित पड़े कार्यों को अब किया जा रहा है। कोरोना कर्फ्यू में वाहन स्वामियों को परेशानी के साथ आर्थिक हानि भी उठानी पड़ी है। अब रोड टैक्स जमा करने पर पांच प्रतिशत प्रतिमाह की दर से पेनल्टी जमा कराई गई है। इसके अतिरिक्त दिनोदिन बढ़ते डीजल के दामों ने बस संचालकों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ा दी हैं। डीजल इस समय 92 रुपये प्रति लीटर से ऊपर पहुंच चुका है।
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- बस मालिक राहुल कुमार ने बताया कि कोरोना कर्फ्यू में उनकी बस चली नहीं। उन्हें रोड टैक्स जमा करने में पेनल्टी देनी भी देनी पड़ी है। लेकिन अब डीजल की मार ने परेशान कर दिया है। कर्मचारियों को जेब से तन्ख्वाह देनी पड़ रही है।
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- बस मालिक आबिद अली का कहना है कि एक बस का एक महीने का करीब 7400 रोड टैक्स जाता है, जिस पर उन्हें 700 रुपये पेनल्टी के देने पड़े हैं। अन्य वाहन स्वामियों को भी इसी तरह नुकसान उठाना पड़ा, लेकिन कोरोना कर्फ्यू के बावजूद पेनल्टी में छूट नहीं दी गई।