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बस के चालक-परिचालकों को नहीं मिल रहा खाना
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बस के चालक-परिचालकों को नहीं मिल रहा खाना
मुजफ्फरनगर, खतौली। श्रमिकों को छोड़कर आने वाले रोडवेज बस के स्टाफ को खाने की परेशानी झेलनी पड़ रही है। श्रमिकों को छोड़कर कई दिन में रोडवेज डिपो पर लौटने वाले बीमार चालक-परिचालक का स्वास्थ्य परीक्षण भी नहीं कराया जा रहा है। जिसको लेकर चालकों, परिचालकों में रोष है।
यूपी बार्डर समेत अन्य राज्यों में फंसे श्रमिकों को उनके घर पहुंचाने के लिए रोडवेज बसों को कुछ नियम, शर्तों के साथ शुरू किया गया था, लेकिन वह शर्तें कागजों में ही सिमट कर रह गई। चालकों, परिचालकों को सैनिटाइजर, मास्क, दस्तानों के अलावा पहुंचने वाले रोडवेज डिपो पर खाने की व्यवस्था का आश्वासन दिया गया था। रोडवेज बसों को चालू करने से पहले रोडवेज डिपो के एमडी ने भी सरकुलर जारी किया था। जिससे रोडवेज के चालक व परिचालकों को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े। चालकों और परिचालकों का आरोप है कि ऐसा नहीं हुआ। चालकों ने वाट्सअप के माध्यम से भी अपने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया, आरोप है कि उनके नंबरों को ही ब्लॉक कर दिया गया।
एआरएम परवेज बशीर का कहना है कि किसी चालक, परिचालक को खाने की परेशानी आती है, तो वहां के एआरएम से बात की जाती है। सभी चालक, परिचालकों को भेजने से पहले थर्मल स्क्रीनिंग कराई जाती है। किसी को कोई परेशानी महसूस दे रही है, तो वह सरकारी अस्पताल में जाकर उपचार करा सकता है।
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मुजफ्फरनगर, खतौली। श्रमिकों को छोड़कर आने वाले रोडवेज बस के स्टाफ को खाने की परेशानी झेलनी पड़ रही है। श्रमिकों को छोड़कर कई दिन में रोडवेज डिपो पर लौटने वाले बीमार चालक-परिचालक का स्वास्थ्य परीक्षण भी नहीं कराया जा रहा है। जिसको लेकर चालकों, परिचालकों में रोष है।
यूपी बार्डर समेत अन्य राज्यों में फंसे श्रमिकों को उनके घर पहुंचाने के लिए रोडवेज बसों को कुछ नियम, शर्तों के साथ शुरू किया गया था, लेकिन वह शर्तें कागजों में ही सिमट कर रह गई। चालकों, परिचालकों को सैनिटाइजर, मास्क, दस्तानों के अलावा पहुंचने वाले रोडवेज डिपो पर खाने की व्यवस्था का आश्वासन दिया गया था। रोडवेज बसों को चालू करने से पहले रोडवेज डिपो के एमडी ने भी सरकुलर जारी किया था। जिससे रोडवेज के चालक व परिचालकों को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े। चालकों और परिचालकों का आरोप है कि ऐसा नहीं हुआ। चालकों ने वाट्सअप के माध्यम से भी अपने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया, आरोप है कि उनके नंबरों को ही ब्लॉक कर दिया गया।
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एआरएम परवेज बशीर का कहना है कि किसी चालक, परिचालक को खाने की परेशानी आती है, तो वहां के एआरएम से बात की जाती है। सभी चालक, परिचालकों को भेजने से पहले थर्मल स्क्रीनिंग कराई जाती है। किसी को कोई परेशानी महसूस दे रही है, तो वह सरकारी अस्पताल में जाकर उपचार करा सकता है।
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