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गैस सिलिंडर की सब्सिड़ी पर कटौती से बिगड़ा बजट
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गैस सिलिंडर की सब्सिड़ी पर कटौती से बिगड़ा बजट
मुजफ्फरनगर। सरकार द्वारा रसोई गैस की सब्सिडी पर कैंची चलाकर उपभोक्ताओं को जोर का झटका दिया है। फिलहाल उपभोक्ताओं के खाते में सिर्फ 4.60 रुपये प्रति सिलिंडर सब्सिडी आ रही है। बीते साल कोविड महामारी में सरकार ने प्रति सिलिंडर पर फेस वैल्यू बढ़ाकर दो बार में 100 रुपये बढ़ा दिए हैं। दिसंबर में दो बार 50-50 रूपये बढ़ा दिए। फिलहाल 709.50 रुपये का सिलिंडर मिलने के बावजूद भी नाममात्र की सब्सिडी दी जा रही है। गृहणियों का रसोई का बजट बिगाड़ दिया। उपभोक्ताओं में आक्रोश है।
- चरथावल के हलवाईयान निवासी गृहिणी राज दुलारी बताती हैं सिलिंडर के दाम बढ़ा दिए और सब्सिडी में कटौती से रसोई का बजट बिगड़ना स्वाभाविक है। सब्सिडी आने का मालूम नहीं चलने से आम लोगों के साथ धोखा है।
- मोबाइल फोन रिपेयरिंग करने वाले अमित कुमार बताते है लोगों को अब सिलिंडर लेने के दौरान पूरी रकम देने की आदत बन गई है। एक तरफ कोरोना संकट और दूसरी तरफ महंगाई ने आम व्यक्ति की कमर तोड़ दी है।
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- ग्रामीण ईशा त्यागी का कहना है कि छह महीने से सब्सिडी में कटौती से लोगों पर महंगाई की मार पड़ रही है। सरकार को पहले की तरह सब्सिडी दी जानी चाहिए। सरकार गुपचुप तरीके से मध्यम वर्गीय परिवारों पर महंगाई का बोझ बढ़ा रही है।
- शिव चौक पर कपड़ा कारोबारी मयंक कंसल कहते है कई महीने से 4.60 रूपये सब्सिडी आने का खेल समझ नहीं आ पा रहा है। महीनों से रुपये खातों में नहीं आने पर मालूम किया, तो पता चला कि गैस पर फेस वैल्यू बढ़ा दी गई है।
क्या कहते है प्रबंधक
- बालाजी इंडेन गैस एजेंसी के प्रबंधक धर्मेंद्र पुंडीर बताते है कि रेट का घटना-बढ़ना उनके हाथ में नहीं है। कंप्यूटर में सब फीडिंग कंपनी से होती है। वहीं से सब्सिडी आती है। सरकार ने गैस पर दिसंबर में दो बार 50-50 रुपये बढ़ाए हैं और पिछले साल जून से 609.50 रूपये की आपूर्ति हो रही थी, तभी से सब्सिडी 4.60 रुपये आ रही है। अब 709.50 रूपये का मिलने के बाद भी इतनी ही आ रही है।
5.84 लाख उपभोक्ता 52 गैस एजेंसियां से जुड़े
मुजफ्फरनगर। जनपद में 52 गैस एजेंसी हैं, जिनसे पांच लाख 84 हजार 774 उपभोक्ता जुड़े हैं। जिला पूर्ति अधिकारी बीके शुक्ला का कहना है कि सब्सिडी सीधे उपभोक्ता के खाते में जाती है, उससे हमारा कोई संबंध नहीं है।
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मुजफ्फरनगर। सरकार द्वारा रसोई गैस की सब्सिडी पर कैंची चलाकर उपभोक्ताओं को जोर का झटका दिया है। फिलहाल उपभोक्ताओं के खाते में सिर्फ 4.60 रुपये प्रति सिलिंडर सब्सिडी आ रही है। बीते साल कोविड महामारी में सरकार ने प्रति सिलिंडर पर फेस वैल्यू बढ़ाकर दो बार में 100 रुपये बढ़ा दिए हैं। दिसंबर में दो बार 50-50 रूपये बढ़ा दिए। फिलहाल 709.50 रुपये का सिलिंडर मिलने के बावजूद भी नाममात्र की सब्सिडी दी जा रही है। गृहणियों का रसोई का बजट बिगाड़ दिया। उपभोक्ताओं में आक्रोश है।
- चरथावल के हलवाईयान निवासी गृहिणी राज दुलारी बताती हैं सिलिंडर के दाम बढ़ा दिए और सब्सिडी में कटौती से रसोई का बजट बिगड़ना स्वाभाविक है। सब्सिडी आने का मालूम नहीं चलने से आम लोगों के साथ धोखा है।
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- मोबाइल फोन रिपेयरिंग करने वाले अमित कुमार बताते है लोगों को अब सिलिंडर लेने के दौरान पूरी रकम देने की आदत बन गई है। एक तरफ कोरोना संकट और दूसरी तरफ महंगाई ने आम व्यक्ति की कमर तोड़ दी है।
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- ग्रामीण ईशा त्यागी का कहना है कि छह महीने से सब्सिडी में कटौती से लोगों पर महंगाई की मार पड़ रही है। सरकार को पहले की तरह सब्सिडी दी जानी चाहिए। सरकार गुपचुप तरीके से मध्यम वर्गीय परिवारों पर महंगाई का बोझ बढ़ा रही है।
- शिव चौक पर कपड़ा कारोबारी मयंक कंसल कहते है कई महीने से 4.60 रूपये सब्सिडी आने का खेल समझ नहीं आ पा रहा है। महीनों से रुपये खातों में नहीं आने पर मालूम किया, तो पता चला कि गैस पर फेस वैल्यू बढ़ा दी गई है।
क्या कहते है प्रबंधक
- बालाजी इंडेन गैस एजेंसी के प्रबंधक धर्मेंद्र पुंडीर बताते है कि रेट का घटना-बढ़ना उनके हाथ में नहीं है। कंप्यूटर में सब फीडिंग कंपनी से होती है। वहीं से सब्सिडी आती है। सरकार ने गैस पर दिसंबर में दो बार 50-50 रुपये बढ़ाए हैं और पिछले साल जून से 609.50 रूपये की आपूर्ति हो रही थी, तभी से सब्सिडी 4.60 रुपये आ रही है। अब 709.50 रूपये का मिलने के बाद भी इतनी ही आ रही है।
5.84 लाख उपभोक्ता 52 गैस एजेंसियां से जुड़े
मुजफ्फरनगर। जनपद में 52 गैस एजेंसी हैं, जिनसे पांच लाख 84 हजार 774 उपभोक्ता जुड़े हैं। जिला पूर्ति अधिकारी बीके शुक्ला का कहना है कि सब्सिडी सीधे उपभोक्ता के खाते में जाती है, उससे हमारा कोई संबंध नहीं है।