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यूपी बोर्ड के 623 परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम में गोलमाल
Sun, 28 Apr 2019 11:41 PM IST
Deepak Sharma
मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो
मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो
Published by: Deepak Sharma
Updated Sun, 28 Apr 2019 11:41 PM IST
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मुजफ्फरनगर। नकल माफिया के खेल निराले हैं। गैर राज्य और गैर बोर्ड के जिन 623 अभ्यर्थियों के परीक्षा परिणाम में हेरफेर की आशंका जताई गई है, उनमें ज्यादातर विद्यार्थी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हैं। 573 छात्र-छात्राओं को फिजिक्स के पेपर में एक समान 52-52 अंक मिलने का मामला प्रकाश में आते ही शासन से प्रशासन तक खलबली मच गई है । प्रैक्टिकल में भी सभी परीक्षार्थियों को पूरे 30 अंक मिले हैं। ऐसे विद्यार्थियों की संख्या भी सैकड़ों में हैं, जिन्होंने तीन विषय में विशेष योग्यता पाई है।
जनता इंटर कॉलेज बाढ़ में सामूहिक नकल पकड़े जाने के बाद आठ मार्च को शहर के जीआईसी में 70 नंबर का भौतिक विषय का प्रश्न पत्र दोबारा लिया गया। अमर उजाला ने घोषित रिजल्ट के बाद तहकीकात की तो 573 विद्यार्थियों को फिजिक्स में 70 में से एक समान 52 अंक मिले हैं। सभी छात्र-छात्राओं को प्रयोगात्मक परीक्षा में पूरे 30 अंक प्राप्त हुए हैं।
अंकों की यह स्थिति साफ स्पष्ट करती है कि परीक्षा परिणाम में बड़े स्तर पर गोलमाल हुआ है। 623 विद्यार्थियों में से 400 से अधिक को प्रथम श्रेणी मिली है। ये सभी विद्यार्थी विज्ञान वर्ग के हैं। परीक्षाफल में हिंदी, बायोलॉजी, फिजिक्स में विशेष योग्यता हासिल की है। संस्थागत छात्र के रूप में इंटरमीडिएट उत्तीर्ण नहीं कर पाए गैर राज्य और गैर बोर्ड के छात्र-छात्राओं का व्यक्तिगत परीक्षा में तीन विषय में विशेष योग्यता लाना चौंकाता है।
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नकल माफिया का खेल गणित विषय में बरती गई सख्ती ने बिगाड़ दिया। एसटीएफ की कार्रवाई के बाद जनता इंटर कॉलेज बाढ़ में गणित की परीक्षा हुई थी, जिसमें 166 विद्यार्थी गणित में फेल हो गए हैं। गणित में जो सैकड़ों अभ्यर्थी पास हुए हैं, उन्हें अंक तालिका में केवल 33-33 अंक देकर योजनाबद्ध तरीके से पास किया गया है। सवाल यह है कि विद्यार्थियों की कॉपियों पर जो अंक दिए गए हैं, क्या अंक तालिका में वही अंक हैं या फिर कंप्यूटर मार्कशीट में अंकों को पेस्ट करते समय खेल किया गया है। अंकों में फर्जीवाड़े की जांच हुई तो क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ के अफसरों और लिपिकों का फंसना भी तय है। बाढ़ कॉलेज के विद्यार्थियों की कॉपियां कहां जंच रही थी, इसकी ज्यादातर जानकारी नकल माफिया के नेटवर्क को थी।
एक समान अंक के खुलासे से हड़कंप
मुजफ्फरनगर। इंटरमीडिएट के 573 विद्यार्थियों को एक समान 52 अंक मिलने के खुलासे से लखनऊ तक हड़कंप मच गया। शिकायतकर्ता रविंद्र सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा को पत्र भेजकर नकल माफिया द्वारा बोर्ड परीक्षा में किए गए खेल की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। गैर राज्य और गैर बोर्ड के विद्यार्थियों की कॉपियों में मिले अंकों और मार्कशीट में दर्शाए गए अंकों का मिलान किया जाए। इस खेल में शामिल में माध्यमिक शिक्षा परिषद के अफसरों और लिपिकों की भूमिका की जांच कराकर कार्रवाई की जाए।
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जनता इंटर कॉलेज बाढ़ में सामूहिक नकल पकड़े जाने के बाद आठ मार्च को शहर के जीआईसी में 70 नंबर का भौतिक विषय का प्रश्न पत्र दोबारा लिया गया। अमर उजाला ने घोषित रिजल्ट के बाद तहकीकात की तो 573 विद्यार्थियों को फिजिक्स में 70 में से एक समान 52 अंक मिले हैं। सभी छात्र-छात्राओं को प्रयोगात्मक परीक्षा में पूरे 30 अंक प्राप्त हुए हैं।
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अंकों की यह स्थिति साफ स्पष्ट करती है कि परीक्षा परिणाम में बड़े स्तर पर गोलमाल हुआ है। 623 विद्यार्थियों में से 400 से अधिक को प्रथम श्रेणी मिली है। ये सभी विद्यार्थी विज्ञान वर्ग के हैं। परीक्षाफल में हिंदी, बायोलॉजी, फिजिक्स में विशेष योग्यता हासिल की है। संस्थागत छात्र के रूप में इंटरमीडिएट उत्तीर्ण नहीं कर पाए गैर राज्य और गैर बोर्ड के छात्र-छात्राओं का व्यक्तिगत परीक्षा में तीन विषय में विशेष योग्यता लाना चौंकाता है।
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नकल माफिया का खेल गणित विषय में बरती गई सख्ती ने बिगाड़ दिया। एसटीएफ की कार्रवाई के बाद जनता इंटर कॉलेज बाढ़ में गणित की परीक्षा हुई थी, जिसमें 166 विद्यार्थी गणित में फेल हो गए हैं। गणित में जो सैकड़ों अभ्यर्थी पास हुए हैं, उन्हें अंक तालिका में केवल 33-33 अंक देकर योजनाबद्ध तरीके से पास किया गया है। सवाल यह है कि विद्यार्थियों की कॉपियों पर जो अंक दिए गए हैं, क्या अंक तालिका में वही अंक हैं या फिर कंप्यूटर मार्कशीट में अंकों को पेस्ट करते समय खेल किया गया है। अंकों में फर्जीवाड़े की जांच हुई तो क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ के अफसरों और लिपिकों का फंसना भी तय है। बाढ़ कॉलेज के विद्यार्थियों की कॉपियां कहां जंच रही थी, इसकी ज्यादातर जानकारी नकल माफिया के नेटवर्क को थी।
एक समान अंक के खुलासे से हड़कंप
मुजफ्फरनगर। इंटरमीडिएट के 573 विद्यार्थियों को एक समान 52 अंक मिलने के खुलासे से लखनऊ तक हड़कंप मच गया। शिकायतकर्ता रविंद्र सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा को पत्र भेजकर नकल माफिया द्वारा बोर्ड परीक्षा में किए गए खेल की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। गैर राज्य और गैर बोर्ड के विद्यार्थियों की कॉपियों में मिले अंकों और मार्कशीट में दर्शाए गए अंकों का मिलान किया जाए। इस खेल में शामिल में माध्यमिक शिक्षा परिषद के अफसरों और लिपिकों की भूमिका की जांच कराकर कार्रवाई की जाए।