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Muzaffarnagar News: छह माह से पीएम मातृ वंदना योजना पर ब्रेक
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मुजफ्फरनगर। विभाग बदलने से पीएम मातृ वंदना योजना अधर में लटक गई है। पिछले छह माह से शिशु को जन्म देने वाली माताओं को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा। शासन के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग से काम छिन चुका है। वहीं बाल विकास एंव पुष्टाहार विभाग छह माह बाद भी योजना का क्रियान्वयन प्रारंभ नहीं कर पाया।
वर्ष 2017 में शुरू हुई प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना 15 मई 2024 तक स्वास्थ्य विभाग से संचालित होती रही। आशा व एएनएम के माध्यम से लाभार्थियों को चिह्नित कर उन्हें प्रोत्साहन राशि दी जाती थी। पहली बार गर्भवती होने पर मां को एक हजार रुपये व टीकाकरण पूरा होने पर दो-दो हजार रुपये देने का नियम है। तीन किश्तों में पांच हजार रुपये की धनराशि दी जाती थी। वहीं दूसरे प्रसव में बालिका का जन्म होने पर मां को एक मुश्त छह हजार रुपये दिए जाते हैं।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को दी गई योजना
शासन से मई माह में यह योजना स्वास्थ्य विभाग से महिला कल्याण विभाग तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को हस्तांतरित कर दी गई। इससे स्वास्थ्य विभाग से जिम्मेदारी हटने के बाद आशा व एएनएम ने योजना में काम करना बंद कर दिया।
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वहीं महिला कल्याण विभाग में कर्मचारियों की कमी से बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई। वहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मैपिंग का कार्य अभी तक पूरा न होने से योजना का क्रियान्वयन शुरू नहीं हो सका। सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नई लॉगिन आइडी तैयार की जा रही है। लॉगिन आइडी तैयार न हो पाने के कारण नए रजिस्ट्रेशन अटके हुए हैं।
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वर्ष 2017 में शुरू हुई प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना 15 मई 2024 तक स्वास्थ्य विभाग से संचालित होती रही। आशा व एएनएम के माध्यम से लाभार्थियों को चिह्नित कर उन्हें प्रोत्साहन राशि दी जाती थी। पहली बार गर्भवती होने पर मां को एक हजार रुपये व टीकाकरण पूरा होने पर दो-दो हजार रुपये देने का नियम है। तीन किश्तों में पांच हजार रुपये की धनराशि दी जाती थी। वहीं दूसरे प्रसव में बालिका का जन्म होने पर मां को एक मुश्त छह हजार रुपये दिए जाते हैं।
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बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को दी गई योजना
शासन से मई माह में यह योजना स्वास्थ्य विभाग से महिला कल्याण विभाग तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को हस्तांतरित कर दी गई। इससे स्वास्थ्य विभाग से जिम्मेदारी हटने के बाद आशा व एएनएम ने योजना में काम करना बंद कर दिया।
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वहीं महिला कल्याण विभाग में कर्मचारियों की कमी से बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई। वहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मैपिंग का कार्य अभी तक पूरा न होने से योजना का क्रियान्वयन शुरू नहीं हो सका। सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नई लॉगिन आइडी तैयार की जा रही है। लॉगिन आइडी तैयार न हो पाने के कारण नए रजिस्ट्रेशन अटके हुए हैं।