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Muzaffarnagar News: 10 करोड़ के निर्माण और विकास कार्यो पर लगा ब्रेक
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। चहेते ठेकेदारों को काम दिलाने के लिए पात्रों की निविदा स्थगित करने का मामला उजागर होने के बाद 34 निविदा कैंसिल की जा चुकी हैं। करीब 10 करोड़ के निर्माण और विकास कार्यों पर ब्रेक लग गया।
नगर पालिका की ओर से राज्य और 15वें वित्त आयोग की धनराशि से शहर में 35 करोड़ से अधिक के निर्माण और विकास कार्य कराने के लिए करीब 200 टेंडर निकाले गए थे। पिछले महीने सात मार्च को आयोजित बोर्ड बैठक में पालिका के 41 सभासदों ने सहायक अभियंता को कार्यमुक्त करने की मांग की थी। ईओ पालिका ने सभासदों की शिकायत पर सभी टेंडरों की जांच शुरू कर दी थी।
जांच के दौरान 34 ऐसी निविदा सामने आईं, जिनमें पात्र ठेकेदारों को भी अपात्र घोषित कर नोन रेस्पोन्सिव कर दिया गया। ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने इस मामले में सहायक अभियंता निर्माण को दोषी मानते हुए कड़ी टिप्पणी की।
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ईओ पालिका डॉ. प्रज्ञा सिंह का कहना है कि अनियमितता पर 34 निविदा निरस्त की गई हैं। शीघ्र ही री टेंडरिंग कराकर निर्माण कार्य कराए जाएंगे।
निविदा निरस्त होने से ये महत्वपूर्ण निर्माण कार्य हुए प्रभावित
ईओ की ओर से 34 निर्माण कार्यों की निविदा निरस्त किये जाने से मई महत्वपूर्ण विकास कार्य प्रभावित हुए। इनमें एटूजेड रोड से भगीरथ चौक तक आरसीसी नाला निर्माण, आर्य समाज के नाले पर स्लैब ढकना, रेलवे रोड स्थित शेरेटन गोल्डन होटल से एसडी पब्लिक तक का आरसीसी नाला निर्माण शामिल हैं। वहीं प्रकाश चौक से रोडवेज बस स्टैंड की ओर स्टेशन रोड तक नाली और सड़क निर्माण, दक्षिणी कृष्णापुरी की सड़क का निर्माण, कंपनी बाग स्थित मोर्टल के चारों ओर इंटरलॉकिंग निर्माण, खालापार में फक्करशाह चौक से एके सेनेट्री स्टोर तक सीसी सड़क आदि पर भी फिलहाल ब्रेक लग गया।
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मुजफ्फरनगर। चहेते ठेकेदारों को काम दिलाने के लिए पात्रों की निविदा स्थगित करने का मामला उजागर होने के बाद 34 निविदा कैंसिल की जा चुकी हैं। करीब 10 करोड़ के निर्माण और विकास कार्यों पर ब्रेक लग गया।
नगर पालिका की ओर से राज्य और 15वें वित्त आयोग की धनराशि से शहर में 35 करोड़ से अधिक के निर्माण और विकास कार्य कराने के लिए करीब 200 टेंडर निकाले गए थे। पिछले महीने सात मार्च को आयोजित बोर्ड बैठक में पालिका के 41 सभासदों ने सहायक अभियंता को कार्यमुक्त करने की मांग की थी। ईओ पालिका ने सभासदों की शिकायत पर सभी टेंडरों की जांच शुरू कर दी थी।
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जांच के दौरान 34 ऐसी निविदा सामने आईं, जिनमें पात्र ठेकेदारों को भी अपात्र घोषित कर नोन रेस्पोन्सिव कर दिया गया। ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने इस मामले में सहायक अभियंता निर्माण को दोषी मानते हुए कड़ी टिप्पणी की।
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ईओ पालिका डॉ. प्रज्ञा सिंह का कहना है कि अनियमितता पर 34 निविदा निरस्त की गई हैं। शीघ्र ही री टेंडरिंग कराकर निर्माण कार्य कराए जाएंगे।
निविदा निरस्त होने से ये महत्वपूर्ण निर्माण कार्य हुए प्रभावित
ईओ की ओर से 34 निर्माण कार्यों की निविदा निरस्त किये जाने से मई महत्वपूर्ण विकास कार्य प्रभावित हुए। इनमें एटूजेड रोड से भगीरथ चौक तक आरसीसी नाला निर्माण, आर्य समाज के नाले पर स्लैब ढकना, रेलवे रोड स्थित शेरेटन गोल्डन होटल से एसडी पब्लिक तक का आरसीसी नाला निर्माण शामिल हैं। वहीं प्रकाश चौक से रोडवेज बस स्टैंड की ओर स्टेशन रोड तक नाली और सड़क निर्माण, दक्षिणी कृष्णापुरी की सड़क का निर्माण, कंपनी बाग स्थित मोर्टल के चारों ओर इंटरलॉकिंग निर्माण, खालापार में फक्करशाह चौक से एके सेनेट्री स्टोर तक सीसी सड़क आदि पर भी फिलहाल ब्रेक लग गया।