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कजाकिस्तान दमखम दिखाने पहुंचा हर्षप्रीत
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 02 May 2016 12:29 AM IST
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बॉसिंग खिलाड़ी हरप्रीत।
- फोटो : अमर उजाला
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कजाकिस्तान में होने वाली यूथ मेन एशियन बाक्सिंग चैंपियनशिप में शामिल होने के लिए भोकरहेड़ी का मुक्केबाज हर्षप्रीत सहरावत पहुंच गया। राज्य की ओर से वह पहला खिलाड़ी है।
कजाकिस्तान में एक मई से आठ मई तक यूथ एशियन बाक्सिंग चैंपियनशिप का आयोजन किया गया है। 81-91 किग्रा. भारवर्ग को लेकर बॉक्सिंग ऑल इंडिया कैंप महाराष्ट्र के शहर औरंगाबाद साईं स्डेडियम में सात मार्च से 28 अप्रैल 2016 में दस वेट केटेगिरी पदक विजेता चालीस बच्चों ने प्रतिभाग किया था। जिसमें दस खिलाड़ियों को चुना गया था।
भोकरहेड़ी के हर्ष प्रीत सहरावत, सचिन भिवानी हरियाणा, रियालपुरी पटियाला पंजाब, अकुंश सोनीपत हरियाणा, मनजीत करनाल हरियाणा, आषीश कुल्हरी हिसार हरियाणा, हर्ष लाकड़ा दिल्ली, श्रीनिवास आंध्र-प्रदेश, सनूगम आंध्र प्रदेश, एतैशाखान सर्विसिज को भारतीय दल में चुना गया है। जिसमें दौणाचार्य अवार्डी मनोहरम को मुख्य कोच, वेंक्टेश्वर राव, विजय कुमार शर्मा को सहायक कोच बनाकर भेजा गया है।
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जगदीश सिंह से सीखे मुक्केबाजी के गुर
हर्षप्रीत ने द्रोणाचार्य अवार्डी कोच जगदीश सिंह से मुक्केबाजी के गुर सिखे हैं। भोकरहेड़ी के मोहल्ला नेहरू चौक में किसान सतीश के बड़े बेटे हर्षप्रीत को बचपन से खेलों के प्रति लगाव था।
इसके चलते पिता ने बाक्सिंग के लिए प्रेरित किया। आठ साल की आयु में हरियाणा भिवानी बॉक्सिंग क्लब के मुख्य कोच जगदीश सिंह के सानिध्य में कठिन प्रशिक्षण लिया। जिसके चलते 2012-13 के सत्र में आंध्र प्रदेश हुए स्कूल नेशनल गेम्स में 80 किग्रा. भार वर्ग में गोल्ड मेडल, 2014 के सत्र में दिल्ली में गोल्ड मेडल, 2015 के सत्र में 90 किग्रा. भार वर्ग में सिल्वर मेडल जीता।
2015 में वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियन ट्रायल रोहतक हरियाणा में 91 किग्रा. भार वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त कर भारतीय खेल प्राधिकरण ऑल इंडिया चैंपियन रोहतक में गोल्ड मेडल, वर्ष 2016 के स्कूल नेशनल गेम्स दिल्ली में गोल्ड मेडल का जोरदार पंच मारकर अपने गुरु के विश्वास को और खरा बना दिया।
सपने का साकार करेगा हर्षप्रीत
मोरना। हर्षप्रीत की दादी पुष्पादेवी, चाचा अनंगपाल ने अपने घर को छोड़कर भिवानी में किराए के मकान में साथ रहकर हौसला बढ़ाने में लगे रहते हैं। छोटा भाई सूर्यवीर भी बड़े भाई के नक्शे कदम पर चलकर स्टेट प्लेयर बन गया है। परिजनों का कहना है कि हर्षप्रीत उनके सपने को जरूर पूरा करेगा।
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कजाकिस्तान में एक मई से आठ मई तक यूथ एशियन बाक्सिंग चैंपियनशिप का आयोजन किया गया है। 81-91 किग्रा. भारवर्ग को लेकर बॉक्सिंग ऑल इंडिया कैंप महाराष्ट्र के शहर औरंगाबाद साईं स्डेडियम में सात मार्च से 28 अप्रैल 2016 में दस वेट केटेगिरी पदक विजेता चालीस बच्चों ने प्रतिभाग किया था। जिसमें दस खिलाड़ियों को चुना गया था।
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भोकरहेड़ी के हर्ष प्रीत सहरावत, सचिन भिवानी हरियाणा, रियालपुरी पटियाला पंजाब, अकुंश सोनीपत हरियाणा, मनजीत करनाल हरियाणा, आषीश कुल्हरी हिसार हरियाणा, हर्ष लाकड़ा दिल्ली, श्रीनिवास आंध्र-प्रदेश, सनूगम आंध्र प्रदेश, एतैशाखान सर्विसिज को भारतीय दल में चुना गया है। जिसमें दौणाचार्य अवार्डी मनोहरम को मुख्य कोच, वेंक्टेश्वर राव, विजय कुमार शर्मा को सहायक कोच बनाकर भेजा गया है।
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जगदीश सिंह से सीखे मुक्केबाजी के गुर
हर्षप्रीत ने द्रोणाचार्य अवार्डी कोच जगदीश सिंह से मुक्केबाजी के गुर सिखे हैं। भोकरहेड़ी के मोहल्ला नेहरू चौक में किसान सतीश के बड़े बेटे हर्षप्रीत को बचपन से खेलों के प्रति लगाव था।
इसके चलते पिता ने बाक्सिंग के लिए प्रेरित किया। आठ साल की आयु में हरियाणा भिवानी बॉक्सिंग क्लब के मुख्य कोच जगदीश सिंह के सानिध्य में कठिन प्रशिक्षण लिया। जिसके चलते 2012-13 के सत्र में आंध्र प्रदेश हुए स्कूल नेशनल गेम्स में 80 किग्रा. भार वर्ग में गोल्ड मेडल, 2014 के सत्र में दिल्ली में गोल्ड मेडल, 2015 के सत्र में 90 किग्रा. भार वर्ग में सिल्वर मेडल जीता।
2015 में वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियन ट्रायल रोहतक हरियाणा में 91 किग्रा. भार वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त कर भारतीय खेल प्राधिकरण ऑल इंडिया चैंपियन रोहतक में गोल्ड मेडल, वर्ष 2016 के स्कूल नेशनल गेम्स दिल्ली में गोल्ड मेडल का जोरदार पंच मारकर अपने गुरु के विश्वास को और खरा बना दिया।
सपने का साकार करेगा हर्षप्रीत
मोरना। हर्षप्रीत की दादी पुष्पादेवी, चाचा अनंगपाल ने अपने घर को छोड़कर भिवानी में किराए के मकान में साथ रहकर हौसला बढ़ाने में लगे रहते हैं। छोटा भाई सूर्यवीर भी बड़े भाई के नक्शे कदम पर चलकर स्टेट प्लेयर बन गया है। परिजनों का कहना है कि हर्षप्रीत उनके सपने को जरूर पूरा करेगा।