{"_id":"698232e67f30588047005122","slug":"blo-consumed-poison-blo-between-life-and-death-entry-of-notorious-vinod-bavla-in-the-controversy-2026-02-03","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बीएलओ ने जहर खाया: जिंदगी और मौत के बीच बीएलओ, विवाद में कुख्यात विनोद बावला की एंट्री, जानें क्या है मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएलओ ने जहर खाया: जिंदगी और मौत के बीच बीएलओ, विवाद में कुख्यात विनोद बावला की एंट्री, जानें क्या है मामला
Tue, 03 Feb 2026 11:10 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Tue, 03 Feb 2026 11:10 PM IST
सार
Muzaffarnagar News: बीएलओ अनुजवीर ने सोमवार को जहर खा लिया था। उनके पास से मिले पत्र में प्रधान के पति देवेंद्र कुमार, सुपरवाइजर पंकज कुमार और पंचायत सहायिका पर उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था।
विज्ञापन
बीएलओ अनुजवीर और उनके घर पर बैठी महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्राथमिक विद्यालय नंबर-एक किनौनी के शिक्षामित्र बीएलओ अनुजवीर के जहरीले पदार्थ का सेवन करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। परिजनों का आरोप है कि प्रधान के पति देवेंद्र कुमार, सुपरवाइजर पंकज कुमार और ग्राम पंचायत सहायिका ने गलत तरीके से दबाव बनाया।
विज्ञापन
गांव में चर्चा है कि कुख्यात विनोद बावला ने पत्नी का वोट बनवाने के लिए कागज दिए थे। कर्मचारियों ने कागज वापस देने का दबाव बनाया। परिजनों ने यह भी कहा कि विनोद ने उन्हें कुछ नहीं कहा लेकिन प्रधान के पति की गलती है।
बीएलओ अनुजवीर का मेरठ मेडिकल में उपचार चल रहा है। बीएसए संदीप चौहान ने मेरठ मेडिकल पहुंचकर बीएलओ के स्वास्थ्य की जानकारी ली। बीएलओ की पत्नी किरण और भाभी बेबी ने मीडिया को दिए बयान से मंगलवार को मामले में नया मोड़ आ गया।
बीएलओ अनुजवीर का मेरठ मेडिकल में उपचार चल रहा है। बीएसए संदीप चौहान ने मेरठ मेडिकल पहुंचकर बीएलओ के स्वास्थ्य की जानकारी ली। बीएलओ की पत्नी किरण और भाभी बेबी ने मीडिया को दिए बयान से मंगलवार को मामले में नया मोड़ आ गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
दोनों ने कहा कि प्रधान के पति समेत तीन लोगों ने उत्पीड़न किया। आरोप है कि बीच के लोगों ने ही विनोद बावला के नाम से डराया। घर से सारे कागज भी ले गए। फार्म खराब भी कर दिए।
सुपरवाइजर पंकज कुमार का कहना है कि बीएलओ ने गांव में रहने वाले विनोद नाम के ग्रामीण की पत्नी की वोट बनवाने के बारे में कहा था। उन्होंने आधार कार्ड व अन्य कागजात लाकर वोट बनवाने की बात बीएलओ से कही। विनोद कौन है, वह नहीं जानता।
बीएसए संदीप कुमार ने कहा कि एसआइआर के कार्य के दबाव का कोई मामला नही है। गांव में आपस के किसी विवाद की बात सामने आई है। एसएसपी संजय कुमार का कहना है कि अभी शिकायत नहीं मिली है। शिक्षा विभाग ने भी जानकारी नहीं दी है। जांच कराई जाएगी।
सुपरवाइजर पंकज कुमार का कहना है कि बीएलओ ने गांव में रहने वाले विनोद नाम के ग्रामीण की पत्नी की वोट बनवाने के बारे में कहा था। उन्होंने आधार कार्ड व अन्य कागजात लाकर वोट बनवाने की बात बीएलओ से कही। विनोद कौन है, वह नहीं जानता।
बीएसए संदीप कुमार ने कहा कि एसआइआर के कार्य के दबाव का कोई मामला नही है। गांव में आपस के किसी विवाद की बात सामने आई है। एसएसपी संजय कुमार का कहना है कि अभी शिकायत नहीं मिली है। शिक्षा विभाग ने भी जानकारी नहीं दी है। जांच कराई जाएगी।
ये है मामला
किनौनी निवासी अनुजवीर वर्ष 2003 से गांव के प्राथमिक विद्यालय नंबर-एक में शिक्षामित्र के पद पर हैं। एसआइआर प्रक्रिया में उन्हें बीएलओ बनाया गया है। सोमवार दोपहर लगभग एक बजे उन्होंने विद्यालय का कमरा बंद कर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। इस दौरान विद्यालय में मौजूद प्रधानाचार्या अंजू ने यह जानकारी परिजनों को दी। परिजनों ने उपचार के लिए मेरठ मेडिकल में भर्ती कराया, जहां उपचार चल रहा है। जेब से मिले सब रजिस्ट्री अधिकारी के नाम पत्र में प्रधान के पति देवेंद्र कुमार, सुपरवाइजर पंकज कुमार और पंचायत सहायिका का नाम लिखकर उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है।
किनौनी निवासी अनुजवीर वर्ष 2003 से गांव के प्राथमिक विद्यालय नंबर-एक में शिक्षामित्र के पद पर हैं। एसआइआर प्रक्रिया में उन्हें बीएलओ बनाया गया है। सोमवार दोपहर लगभग एक बजे उन्होंने विद्यालय का कमरा बंद कर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। इस दौरान विद्यालय में मौजूद प्रधानाचार्या अंजू ने यह जानकारी परिजनों को दी। परिजनों ने उपचार के लिए मेरठ मेडिकल में भर्ती कराया, जहां उपचार चल रहा है। जेब से मिले सब रजिस्ट्री अधिकारी के नाम पत्र में प्रधान के पति देवेंद्र कुमार, सुपरवाइजर पंकज कुमार और पंचायत सहायिका का नाम लिखकर उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है।
प्रधान का पति बोला...आरोप गलत
किनौनी गांव की प्रधान सुमन के पति देवेंद्र सिंह का कहना है कि उन पर लगाए जा रहे आरोप गलत हैं। वह तो मेरठ मेडिकल में बीएलओ से मिलने के लिए गए थे। उन्हें तुरंत पहचान लिया गया है। परिवार से भी मिलकर लौटे हैं।
एसआइआर का कार्य पूरा... बीएलओ पर दबाव नहीं
एसआइआर के लिए सुपरवाइजर बनाए गए पंकज कुमार का कहना है कि बीएलओ को टेक्निकल काम की जानकारी नहीं है। एसआइआर में परेशानी हो रही थी। अधिकारियों को बताया था। इसके बाद उन्होंने व गांव पंचायत सहायक ने बीएलओ की मदद कर उनका कार्य पूरा कराया था। कार्य का उन पर कोई दबाव नहीं था।
किनौनी गांव की प्रधान सुमन के पति देवेंद्र सिंह का कहना है कि उन पर लगाए जा रहे आरोप गलत हैं। वह तो मेरठ मेडिकल में बीएलओ से मिलने के लिए गए थे। उन्हें तुरंत पहचान लिया गया है। परिवार से भी मिलकर लौटे हैं।
एसआइआर का कार्य पूरा... बीएलओ पर दबाव नहीं
एसआइआर के लिए सुपरवाइजर बनाए गए पंकज कुमार का कहना है कि बीएलओ को टेक्निकल काम की जानकारी नहीं है। एसआइआर में परेशानी हो रही थी। अधिकारियों को बताया था। इसके बाद उन्होंने व गांव पंचायत सहायक ने बीएलओ की मदद कर उनका कार्य पूरा कराया था। कार्य का उन पर कोई दबाव नहीं था।
डेढ़ साल पहले दोषमुक्त, वोट के विवाद में फिर चर्चा
शाहपुर थाना क्षेत्र के किनौनी गांव के सगे भाई श्रवण और नरेंद्र को गोली मार दी गई थी। करीब डेढ़ साल पहले आरोपी विनोद बावला को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया गया गया था। इसके बाद वह जेल से रिहा कर दिया गया। बताया गया है कि वह अकेला रहता है। वोट के प्रकरण में एक बार फिर विनोद बावला का नाम चर्चा में आ गया है।
विनोद ने कुछ नहीं कहा, उसके नाम से डराया
बीएलओ की भाभी बेबी ने कहा कि विनोद बावला ने हमें कुछ नहीं कहा। हादसे की जानकारी मिलने पर डॉक्टर को भी कॉल की थी लेकिन प्रधान के पति और उसके साथ मिले अन्य लोगों ने परेशान किया है।
शाहपुर थाना क्षेत्र के किनौनी गांव के सगे भाई श्रवण और नरेंद्र को गोली मार दी गई थी। करीब डेढ़ साल पहले आरोपी विनोद बावला को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया गया गया था। इसके बाद वह जेल से रिहा कर दिया गया। बताया गया है कि वह अकेला रहता है। वोट के प्रकरण में एक बार फिर विनोद बावला का नाम चर्चा में आ गया है।
विनोद ने कुछ नहीं कहा, उसके नाम से डराया
बीएलओ की भाभी बेबी ने कहा कि विनोद बावला ने हमें कुछ नहीं कहा। हादसे की जानकारी मिलने पर डॉक्टर को भी कॉल की थी लेकिन प्रधान के पति और उसके साथ मिले अन्य लोगों ने परेशान किया है।