फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   BKU left decision in side of United Kisan Morcha and Rakesh Tikait said that we do not care to politics

UP: भाकियू ने संयुक्त किसान मोर्चा के पाले में छोड़ा फैसला, 'हमें राजनीति से मतलब नहीं, अपनी मर्जी से दें वोट'

Sat, 17 Feb 2024 08:06 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर Published by: कपिल kapil Updated Sat, 17 Feb 2024 08:06 PM IST
सार

BKU Panchayat : भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने दिल्ली चलो का फैसला संयुक्त किसान मोर्चा के पाले में छोड़ दिया है। वहीं, राकेश टिकैत ने कहा कि हमें राजनीति से कोई मतलब नहीं है। किसान अपनी मर्जी से वोट दें।

विज्ञापन
BKU left decision in side of United Kisan Morcha and Rakesh Tikait said that we do not care to politics
सिसौली में भाकियू की पंचायत - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने दिल्ली चलो का फैसला संयुक्त किसान मोर्चा के पाले में छोड़ दिया है। किसानों से एकजुटता का आह्वान किया। लोकसभा चुनाव का जिक्र छिड़ा तो शीर्ष नेतृत्व ने पंचायत में यह भी एलान कर दिया कि हमें राजनीति से कोई मतलब नहीं है। किसान आंदोलन में सब मिलकर चलें, वोट अपनी मर्जी से दें।

विज्ञापन


किसान भवन के देवीलाल पुस्तकालय में भाकियू की कार्यकारिणी की अहम बैठक हुई। भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत, हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष रतनमान सिंह, यूपी के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल शर्मा और दिल्ली से युद्धवीर सिंह और उत्तराखंड से विजय शास्त्री व संजय चौधरी शामिल हुए। पंजाब में चल रहे किसान आंदोलन में भाकियू की भागीदारी पर चर्चा की गई। किसान का साथ देने की बात कही गई। पंजाब में आंदोलन की अगुवाई संयुक्त किसान मोर्चा से अलग हुआ किसान मजदूर मोर्चा कर रहा है। अभी तक हरियाणा और यूपी के किसान संगठनों से भी मोर्चा की बात नहीं हुई है। तय किया गया कि दिल्ली चलो की पूरी तैयारी की जाएगी, लेकिन संयुक्त किसान मोर्चा ही अंतिम फैसला करेगा।

विज्ञापन

यही वजह है कि 26 और 27 फरवरी को हाईवे पर ट्रैक्टर खड़े करने के फैसले का प्रस्ताव भी मोर्चा को ही भेजा जाएगा। पंचायत में भाकियू प्रवक्ता ने कहा कि सरकार के पास समय है। मोर्चा जब तक अंतिम फैसला करें, तब तक समझौता कर लें। भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत और प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि हमें राजनीति से मतलब नहीं है, जिसकी जहां मर्जी, वहीं वोट दे लेना। आंदोलन में सब एक रहो।

सरकार ने पूछा क्या चाहते हो, हमने कहा किसान : टिकैत
चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार की तरफ इशारा करते हुए कहा कि हमसे संपर्क किया गया है। पूछा गया कि क्या चाहते हो, हमने कहा कि किसान चाहते हैं। हम मरते दम तक किसानों के साथ रहेंगे। आठ साल आंदोलन चलेगा।

यह भी पढ़ें: BKU की पंचायत में बड़ा निर्णय: 'आंदोलन में टिकैत परिवार के एक सदस्य को खानी होगी गोली, हम पीछे नहीं हटेंगे'

विज्ञापन

किसान भवन पर टिकैत ने कहा कि सरकार से हम नहीं, संयुक्त किसान मोर्चा बात करेगा। सरकार ने संयुक्त किसान मोर्चा को तोड़ने का काम किया है। पंजाब में तीन मोर्चे बना दिए गए। पंजाब में एसकेएम की कॉल नहीं थी, लेकिन हम किसानों के साथ हैं। सरकार डराने का काम करेगी तो किसान डरेगा नहीं। किसान शहीद होने की बात करेगा, जमीन बचाने के लिए आंदोलन करना पड़ेगा। टिकैत ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री कहते हैं कि ट्रैक्टर नहीं आने देंगे। सरकार जान लें कि हरियाणा के मुख्यमंत्री की छाती पर ट्रैक्टर चलेगा। सरकार अगर 400 से पार की बात करती है तो चुनाव की क्या है जरूरत है, नवीनीकरण करा लो। 

यह भी पढ़ें: टाइम बम से खलबली: स्लीपर सेल मॉड्यूल या चुनाव में दंगों की तैयारी? IB को इन सवालों के जवाबों की तलाश

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed