फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Bijendra giving training to runners

देश के धावकों को तराशने में जुटे हैं बिजेंद्र 

Sun, 11 Mar 2018 10:17 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर Updated Sun, 11 Mar 2018 10:17 PM IST
विज्ञापन
Bijendra giving training to runners
धावकों को टिप्स देते बिजेंद्र सिंह। - फोटो : अमर उजाला
वजीराबाद गांव के खेल प्रशिक्षक बिजेंद्र सिंह एथलेटिक्स में राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतिभाओं को तराशने में काफी जद्दोजहद के साथ जुटे हुए हैं। वह नासिक के भोंसला मिलिट्री स्कूल में स्पोर्ट्स प्रशिक्षक का दायित्व निभा रहे हैं। ग्रामीण परिवेश में खिलाड़ियों को एथलेटिक्स की बारीकियां बताने के लिए एक दल के साथ गांव पहुंचे बिजेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार खेलों के अनुकूल माहौल बनाए तो ओलंपिक में अधिक पदक जीते जा सकते हैं।
विज्ञापन


एथलेटिक्स को समर्पित वजीराबाद के किसान स्व. सत्यपाल सिंह के पुत्र बिजेंद्र सिंह वर्ष 1991 में सैनिक स्कूल के बच्चों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। भोकरहेड़ी इंटर कॉलेज के ग्राउंड में खिलाड़ियों के एक दल के साथ प्रशिक्षण टूर पर अपने गांव आए सिंह युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित कर रहे हैं।
विज्ञापन


वर्ष 1987 में उन्होंने एथलेटिक्स में डिप्लोमा किया और केंद्र सरकार ने उन्हें हंगरी के शहर बुद्धापोस्ट में विशेष प्रशिक्षण दिलाया। राष्ट्रीय खेल प्राधिकरण में सिंह को वर्ष 1988 में बतौर प्रशिक्षक तैनाती मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन


वर्ष 1991 में उनका तबादला नासिक के मिलिट्री स्कूल में हो गया, तब से आज तक वह देश की एथलेटिक्स की प्रतिभाओं को निखारने में लगे हैं। उभरती प्रतिभाओं के साथ भोकरहेड़ी आए बिजेंद्र सिंह यहां के इंटर कालेज में खिलाड़ियों से मेहनत करा रहे हैं। उनका कहना है कि देश के ग्रामीण अंचल में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। सरकार गांव में खेलों का माहौल बनाए। 

प्रशिक्षण से चमके एथलीट 
मोरना। खेल प्रशिक्षक बिजेंद्र सिंह को कई नामचीन एथलीट देने का श्रेय है। नासिक की ओलंपियन एवं अर्जुन अवार्डी कविता राउत कॉमन वेल्थ गेम्स में कांस्य तथा साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड जीत चुकी हैं। एथलेटिक्स संजीवनी जाधव ने वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम में बीते साल दस किलोमीटर दौड़ में रजत पदक जीता।

मजदूर हीरामनी की बेटी ताई बामने को 2020 के ओलंपिक के लिए लाखों रुपये की प्रशिक्षण धनराशि दी गई है। महाराष्ट्र की पूनम सोन चीन की एशियन एथलेटिक चैंपियनशिप में भाग लेंगी। बकौल बिजेंद्र सिंह, इसके अलावा दुर्गा देवरे का जूनियर एथलेटिक्स के लिए चयन किया गया है।


कोल्हापुर की आरती पाटिल तथा नंदुरबार जिले की आदिवासी गांव बरड़ी की किशन तड़वी बीते वर्ष कोयंबटूर में 5 और 10 हजार मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। वाराणसी के रजीत पटेल ने ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम में दस किलोमीटर की दौड़ रिकार्ड समय में पूरी की थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed