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भागवत तनाव मुक्त जीवन जीने का दर्शन : ओमानंद
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मोरना। भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि जीवन में तृष्णाओं से मुक्ति को भागवत श्रवण सर्वोत्तम साधन है। भागवत तनाव मुक्त जीवन जीने का दर्शन है। भागवत का आश्रय जीवनकाल पर्यन्त सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करने वाला और जीवन समाप्त होने के बाद भगवद् धाम की प्राप्ति कराने वाला है।
श्री शुकदेव आश्रम स्थित डोंगरे जी भागवत भवन में जयपुर के लालाराम चौधरी की ओर से आयोजित भागवत कथा का दीप प्रज्ज्वलन कर पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि भागवत सत्कर्म, सदमार्ग और भगवद् भक्ति की प्रेरक है, जो अंत:करण को पवित्र करती है। भारतीय सनातन परंपरा में द्रव्य यज्ञ, तप यज्ञ, योग यज्ञ, स्वाध्याय यज्ञ, ज्ञानयज्ञ रूपी पांच प्रकार के सत्कर्म बताए गए हैं, जिनमें ज्ञानयज्ञ सर्वश्रेष्ठ है।
उन्होंने कहा कि भागवत अनुष्ठान एक ज्ञानयज्ञ रूपी दिव्य उत्सव है, जो मनुष्य को सकारात्मक और रचनात्मक ऊर्जा से भर देता है। भागवत मानव जीवन का सर्वश्रेष्ठ यज्ञ उत्सव है, जो मनुष्य को भक्ति से अलंकृत करती है। इससे पूर्व तीर्थनगरी में भव्य भागवत पोथी कलश यात्रा निकाली गई। पीठाधीश्वर ने भरतपुर से पधारे कथाव्यास आचार्य केशव देव को पुष्प माला दुपट्टा पहनाकर स्वागत सत्कार किया।
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श्री शुकदेव आश्रम स्थित डोंगरे जी भागवत भवन में जयपुर के लालाराम चौधरी की ओर से आयोजित भागवत कथा का दीप प्रज्ज्वलन कर पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि भागवत सत्कर्म, सदमार्ग और भगवद् भक्ति की प्रेरक है, जो अंत:करण को पवित्र करती है। भारतीय सनातन परंपरा में द्रव्य यज्ञ, तप यज्ञ, योग यज्ञ, स्वाध्याय यज्ञ, ज्ञानयज्ञ रूपी पांच प्रकार के सत्कर्म बताए गए हैं, जिनमें ज्ञानयज्ञ सर्वश्रेष्ठ है।
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उन्होंने कहा कि भागवत अनुष्ठान एक ज्ञानयज्ञ रूपी दिव्य उत्सव है, जो मनुष्य को सकारात्मक और रचनात्मक ऊर्जा से भर देता है। भागवत मानव जीवन का सर्वश्रेष्ठ यज्ञ उत्सव है, जो मनुष्य को भक्ति से अलंकृत करती है। इससे पूर्व तीर्थनगरी में भव्य भागवत पोथी कलश यात्रा निकाली गई। पीठाधीश्वर ने भरतपुर से पधारे कथाव्यास आचार्य केशव देव को पुष्प माला दुपट्टा पहनाकर स्वागत सत्कार किया।
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