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भागवत से दूर होती है अशांति : प्रपन्नाचार्य
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मोरना। कथा व्यास सर्वेश प्रपन्नाचार्य महाराज ने कहा है कि भागवत पुराण मानव जीवन के उत्थान का एक अमूल्य मार्गदर्शक ग्रंथ है। इसमें भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और धर्म के सभी आवश्यक गुणों का सार समाहित है। भगवान श्रीकृष्ण के चरित्र का अध्ययन करने से जीवन में प्रेम, करुणा और कर्तव्यनिष्ठा जैसे महत्वपूर्ण भाव जागृत होते हैं। शुकतीर्थ स्थित दंडी आश्रम में कथा के दौरान कहा कि भागवत कथा का श्रवण करने से न केवल मन की अशांति दूर होती है, बल्कि जीवन में सद्गुणों की स्थापना भी होती है। वर्तमान समय की ओर इशारा करते हुए कहा कि आज के समाज में लोग तनाव, क्रोध और द्वेष जैसी नकारात्मक भावनाओं से घिरे हुए हैं। ऐसे में भागवत कथा न केवल आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करती है, बल्कि मन को निर्मल बनाने का कार्य भी करती है। भागवत कथा सुनने से मनुष्य के पाप, दोष और नकारात्मक प्रवृत्तियां स्वतः ही दूर होने लगती हैं। यह एक ऐसा माध्यम है जो जीवन को शुद्धता और सकारात्मकता की ओर ले जाता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वह अपने व्यस्त जीवन से कुछ समय अवश्य निकालें और भागवत कथा के माध्यम से अपने जीवन को सरल, शांत और मंगलमय बनाने का प्रयास करें। कथा आयोजन में राजकुमार शर्मा, मनोहर शर्मा का सहयोग रहा।
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उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वह अपने व्यस्त जीवन से कुछ समय अवश्य निकालें और भागवत कथा के माध्यम से अपने जीवन को सरल, शांत और मंगलमय बनाने का प्रयास करें। कथा आयोजन में राजकुमार शर्मा, मनोहर शर्मा का सहयोग रहा।
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