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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Before sentencing, the murderer, standing in the dock, pleaded that his children were young; the court remarked on the immense suffering the victim must have endured.

Muzaffarnagar News: सजा से पहले कठघरे में हत्यारे बोले बच्चे छोटे, अदालत ने कहा वादी को कितना कष्ट पहुंचा होगा

Sun, 18 Oct 2026 12:52 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 18 Oct 2026 12:52 AM IST
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Before sentencing, the murderer, standing in the dock, pleaded that his children were young; the court remarked on the immense suffering the victim must have endured.
मुजफ्फरनगर। अपर सत्र न्यायालय संख्या-1 की पीठासीन अधिकारी गरिमा सिंह-1 ने पुरबालियान के विपिन हत्याकांड के फैसले में लिखा कि यदि हम अभियोजन के तर्कों पर विचार करें तो दोषियों ने मृतक विपिन जो कि नवयुवक था, की हत्या उसके पिता के सामने की। निश्चित रूप से किसी भी पिता के लिए, इस प्रकार से अपने जवान पुत्र की हत्या अपनी आंखों के सामने होते देखना एक दर्दनाक अनुभव रहा होगा, जिससे शायद वह अपने शेष जीवन में भी न उबर सके।
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पुरबालियान के विपिन हत्याकांड में अदालत ने बचाव पक्ष के तर्क का हवाला देते हुए कहा कि दोषसिद्ध की ओर से यह आधार लिया जा रहा है कि उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं और घर-परिवार है, जिस कारण से उनके प्रति सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाया जाए। अभियुक्तगण को यह महसूस करना चाहिए कि उनके द्वारा जब वादी के सामने ही वादी के जवान पुत्र की हत्या की गई तो वादी को कितना अकल्पनीय कष्ट पहुंचा होगा।
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इन रूलिंग से अदालत ने समझाया निष्कर्ष
अदालत ने सजा निर्धारण के लिए महेश बनाम मध्य प्रदेश राज्य, बचन सिंह बनाम पंजाब राज्य, मच्छी सिंह बनाम पंजाब राज्य की रूलिंग का हवाला भी दिया। न्यायालय को दण्ड का निर्धारण करते समय हत्या का तरीका, हत्या का मकसद, अपराध की प्रकृति को देखना होता है।
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दुर्लभ से दुर्लभतम नहीं साबित हुई वारदात
पुरबालियान के केस में यह बात सामने आई है कि मृतक एवं चुटेल पर आमने-सामने से फायर किए गए हैं तथा दोनों को आमने-सामने की एक-एक चोट आई है। मृतक की हत्या करने से पूर्व, उसके साथ बर्बरता की गई हो, ऐसी कोई बात साक्ष्य में नहीं आई है। जिस प्रकार से घटना को अंजाम दिया गया है, उसे दुर्लभ से दुर्लभतम की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।
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